Dry Eyes: कड़ाके की सर्दियां जैसे ही कम होती हैं आंखों में सूखेपन की दिक्कत होने लगती है. ड्राई आइज की दिक्कत कभी-कभार की बात नहीं है बल्कि यह एक क्रोनिक कंडीशन है जो लंबे समय तक बनी रहती है. सर्दियों में यूं तो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो जाती हैं लेकिन सर्दियों के जाते हुए आंखों में ड्राइनेस की दिक्कत होने लगती है. सर्दियों में घर के अंदर के हीटर और सर्दी की शुष्क हवाएं आंखों के नेचुरल मॉइस्चर को सोख लेती हैं. इससे गर्मियां आने पर भी आंखों की यह दिक्कत नहीं जाती है.
सर्दियों के बाद ड्राई आइज होना
ड्राई आइज की बीमारी (Dry Eyes Disease) यानी DED के कई कारण होते हैं, लेकिन इसका एक बड़ा कारण मेइबोमियन ग्रंथि का डिस्फंक्शन है जो इवेपोरेटिव ड्राई आई की सबसे बड़ी वजह है. यह डैमेज एक बार में नहीं होता बल्कि धीरे-धीरे होता चला जाता है. इसके अलावा, सर्दियों का वातावरण, टियर इवेपोरेशन, लो ह्यूमिडिटी वाला वातावरण जिसमें घर के अंदर की हीटिंग शामिल है, पूरे साल चलता है और इसीलिए आंखें हमेशा ही ड्राई महसूस होने लगती हैं.
सर्दियों में घर के अंदर जो लोग घर के अंदर हीटर का इस्तेमाल करते हैं उनकी आंखें ज्यादा ड्राई होती हैं. हीटर से मेइबोमियन ग्रंथि इरिटेट होती है जो जल्दी ठीक नहीं होती है. हर समय फोन की स्क्रीन में नजरें गढ़ाए रखने पर लंबे समय तक बिना पलकें झपकाएं फोन पर लगे रहने से ड्राई आइज की दिक्कत बढ़ती हैं.
ठंडे महीनों में लोग पानी पीना कम कर देते हैं. इससे डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने लगती है जो ड्राई आइज की वजह बनती है. एजिंग के कारण भी यह दिक्कत ज्यादा होती है. जिन लोगों की उम्र 40 साल से ज्यादा है उन्हें ड्राई आइज की दिक्कत ज्यादा होती है.
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
अगर आपको आंखों में सूखेपन के साथ ही आंखों में करकरी महसूस होती है. आंखें लाल नजर आने लगी हैं, आंखों से धुंधला दिखता है और पलक झपकाने पर आंखें साफ होती हैं या फिर आंखों से बहुत ज्यादा पानी निकलने लगा है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं. ये आंखों की गंभीर दिक्कतों के लक्षण हो सकते हैं.
आंखें सूखने लगें तो क्या करें
- घर के अंदर ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें.
- खुद को हाइड्रेटेड रखें और दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं.
- आंखों पर गर्म कपड़े से सिकाई करें.
- प्रीजर्वेटिव फ्री आर्टिफिशियल टियर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे टियर लेयर्स बिल्ड होने लगें.
- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के सप्लीमेंट्स लेने पर फायदा मिलेगा.
- हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फुट दूर देखें. इससे आंखों की एक्सरसाइज हो जाती है.
- स्क्रीन से दूरी बनाने की कोशिश करें.
- परेशानी बढ़े तो डॉक्टर से संपर्क करें.
यह भी पढ़ें - आंतों की पूरी सफाई कैसे करें? एक्सपर्ट ने बताया किस तरह आंतों को सड़ने से रोक सकते हैं आप
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Dry Eyes: कड़ाके की सर्दियां जैसे ही कम होती हैं आंखों में सूखेपन की दिक्कत होने लगती है. ड्राई आइज की दिक्कत कभी-कभार की बात नहीं है बल्कि यह एक क्रोनिक कंडीशन है जो लंबे समय तक बनी रहती है. सर्दियों में यूं तो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो जाती हैं लेकिन सर्दियों के जाते हुए आंखों में ड्राइनेस की दिक्कत होने लगती है. सर्दियों में घर के अंदर के हीटर और सर्दी की शुष्क हवाएं आंखों के नेचुरल मॉइस्चर को सोख लेती हैं. इससे गर्मियां आने पर भी आंखों की यह दिक्कत नहीं जाती है.
सर्दियों के बाद ड्राई आइज होना
ड्राई आइज की बीमारी (Dry Eyes Disease) यानी DED के कई कारण होते हैं, लेकिन इसका एक बड़ा कारण मेइबोमियन ग्रंथि का डिस्फंक्शन है जो इवेपोरेटिव ड्राई आई की सबसे बड़ी वजह है. यह डैमेज एक बार में नहीं होता बल्कि धीरे-धीरे होता चला जाता है. इसके अलावा, सर्दियों का वातावरण, टियर इवेपोरेशन, लो ह्यूमिडिटी वाला वातावरण जिसमें घर के अंदर की हीटिंग शामिल है, पूरे साल चलता है और इसीलिए आंखें हमेशा ही ड्राई महसूस होने लगती हैं.
सर्दियों में घर के अंदर जो लोग घर के अंदर हीटर का इस्तेमाल करते हैं उनकी आंखें ज्यादा ड्राई होती हैं. हीटर से मेइबोमियन ग्रंथि इरिटेट होती है जो जल्दी ठीक नहीं होती है. हर समय फोन की स्क्रीन में नजरें गढ़ाए रखने पर लंबे समय तक बिना पलकें झपकाएं फोन पर लगे रहने से ड्राई आइज की दिक्कत बढ़ती हैं.
ठंडे महीनों में लोग पानी पीना कम कर देते हैं. इससे डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने लगती है जो ड्राई आइज की वजह बनती है. एजिंग के कारण भी यह दिक्कत ज्यादा होती है. जिन लोगों की उम्र 40 साल से ज्यादा है उन्हें ड्राई आइज की दिक्कत ज्यादा होती है.
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
अगर आपको आंखों में सूखेपन के साथ ही आंखों में करकरी महसूस होती है. आंखें लाल नजर आने लगी हैं, आंखों से धुंधला दिखता है और पलक झपकाने पर आंखें साफ होती हैं या फिर आंखों से बहुत ज्यादा पानी निकलने लगा है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं. ये आंखों की गंभीर दिक्कतों के लक्षण हो सकते हैं.
आंखें सूखने लगें तो क्या करें
- घर के अंदर ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें.
- खुद को हाइड्रेटेड रखें और दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं.
- आंखों पर गर्म कपड़े से सिकाई करें.
- प्रीजर्वेटिव फ्री आर्टिफिशियल टियर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे टियर लेयर्स बिल्ड होने लगें.
- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के सप्लीमेंट्स लेने पर फायदा मिलेगा.
- हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फुट दूर देखें. इससे आंखों की एक्सरसाइज हो जाती है.
- स्क्रीन से दूरी बनाने की कोशिश करें.
- परेशानी बढ़े तो डॉक्टर से संपर्क करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.