Diljit Dosanjh: सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया है कि उनके गालब्लैडर यानी पित्ताशय में पथरी हुई थी. यह पथरी 11 से 12mm के बीच थी और साल 2015 से अगले 10 सालों तक उनके गालब्लैडर में रही. दिलजीत को डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी लेकिन एक दोस्त के कहने पर उन्होंने सर्जरी ना करवाने का फैसला लिया. गालब्लैडर पथरी (Gallstones) होने के इस खुलासे के बाद से सोशल मीडिया पर खासतौर से बहस छिड़ गई है कि गालब्लैडर की पथरी को इग्नोर करना कितना रिस्की हो सकता है, इसके लक्षण कैसे होते हैं और इन साइलेंट लक्षणों को किस तरह पहचाना जा सकता है.
यह भी पढ़ें - मानसून में 48 घंटों से ज्यादा बुखार आना इन बीमारियों का हो सकता है लक्षण, डॉक्टर ने कहा मामूली समझने की ना करें भूल
गालब्लैडर पथरी क्या है
गालब्लैडर (Gallbladder) में जमा सख्त पदार्थ गालस्टोन या गालब्लैडर की पथरी कहलाते हैं. कई पत्थर बिलिरुबिन के कारण रंग वाले नजर आते हैं, कई छोटे होते हैं तो कई गॉल्फ बॉल जितने बड़े भी हो सकते हैं. कई लोगों के शरीर में एक गालब्लैडर स्टोन बनता है तो कई लोगों के गालब्लैडर में ढेर सारे छोटे पत्थर बन सकते हैं.
गालब्लैडर पथरी होने पर इसके लक्षण कई सालों तक साइलेंट भी हो सकते हैं यानी लंबे समय तक शरीर पर इसके लक्षण ना दिखना आम है. लेकिन, गालब्लैडर में हुई पथरी को इग्नोर नहीं किया जा सकता है. यह पथरी बाइल डक्ट्स को ब्लॉक कर सकती है, तीव्र दर्द की वजह बन सकती है, इंफ्लेमेशन और इंफेक्शन के साथ ही पीलिया का कारण भी बन सकती है. गालस्टोन हटाने के लिए मरीज के लक्षणों, पथरी के साइज और लोकेशन के आधार पर सर्जरी की जाती है.
क्यों बनते हैं गालस्टोन्स
गालब्लैडर स्टोन बाइल में बदलाव के कारण हो सकते हैं. मोटापा, हाई फैट और हाई कॉलेस्ट्रोल डाइट लेने वाले लोगों में, डायबिटीज, महिलाओं में, प्रेग्नेंसी के दौरान, 40 की उम्र वाले व्यक्ति, फैमिली में अगर किसी को गालस्टोन हुआ हो या लिवर डिजीज वगैरह में गालस्टोन होने का रिस्क बढ़ जाता है.
गालब्लैडर स्टोन के साइलेंट लक्षण
- गालब्लैडर स्टोन होने पर पेट के दाहिनी तरफ ऊपरी हिस्से में दर्द रहता है
- कुछ भी फैटी खा लेने के बाद दर्द महसूस होता है
- दाएं कंधे या पीठ तक दर्द महसूस होता है
- जी मितलाना और उल्टी आना
- पेट फूलना या अपच की दिक्कत
- इंफेक्शन डेवलप हो जाने पर बुखार और ठंड लगने की दिक्कत
- त्वचा पर पीलापन नजर आना
- मल और पेशाब का रंग फीका हो जाना.
गालब्लैडर की पथरी से कैसे बचा जा सकता है
हेल्दी वेट मैनेज करके, क्रैश डाइट्स से बचकर, सैचुरेटेड फैट्स कम खाकर, खानपान में भरपूर फाइबर शामिल करके और रेगुलरी एक्सरसाइज करके गालब्लैडर की पथरी जैसी दिक्कतों से बचा जा सकता है.
यह भी पढ़ें - आंखों की ये 2 दिक्कतें हो सकती हैं ब्रेन ट्यूमर का लक्षण, मैक्स हेल्थकेयर के न्यूरोसर्जन ने किया एक्सप्लेन
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Diljit Dosanjh: सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया है कि उनके गालब्लैडर यानी पित्ताशय में पथरी हुई थी. यह पथरी 11 से 12mm के बीच थी और साल 2015 से अगले 10 सालों तक उनके गालब्लैडर में रही. दिलजीत को डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी लेकिन एक दोस्त के कहने पर उन्होंने सर्जरी ना करवाने का फैसला लिया. गालब्लैडर पथरी (Gallstones) होने के इस खुलासे के बाद से सोशल मीडिया पर खासतौर से बहस छिड़ गई है कि गालब्लैडर की पथरी को इग्नोर करना कितना रिस्की हो सकता है, इसके लक्षण कैसे होते हैं और इन साइलेंट लक्षणों को किस तरह पहचाना जा सकता है.
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गालब्लैडर पथरी क्या है
गालब्लैडर (Gallbladder) में जमा सख्त पदार्थ गालस्टोन या गालब्लैडर की पथरी कहलाते हैं. कई पत्थर बिलिरुबिन के कारण रंग वाले नजर आते हैं, कई छोटे होते हैं तो कई गॉल्फ बॉल जितने बड़े भी हो सकते हैं. कई लोगों के शरीर में एक गालब्लैडर स्टोन बनता है तो कई लोगों के गालब्लैडर में ढेर सारे छोटे पत्थर बन सकते हैं.
गालब्लैडर पथरी होने पर इसके लक्षण कई सालों तक साइलेंट भी हो सकते हैं यानी लंबे समय तक शरीर पर इसके लक्षण ना दिखना आम है. लेकिन, गालब्लैडर में हुई पथरी को इग्नोर नहीं किया जा सकता है. यह पथरी बाइल डक्ट्स को ब्लॉक कर सकती है, तीव्र दर्द की वजह बन सकती है, इंफ्लेमेशन और इंफेक्शन के साथ ही पीलिया का कारण भी बन सकती है. गालस्टोन हटाने के लिए मरीज के लक्षणों, पथरी के साइज और लोकेशन के आधार पर सर्जरी की जाती है.
क्यों बनते हैं गालस्टोन्स
गालब्लैडर स्टोन बाइल में बदलाव के कारण हो सकते हैं. मोटापा, हाई फैट और हाई कॉलेस्ट्रोल डाइट लेने वाले लोगों में, डायबिटीज, महिलाओं में, प्रेग्नेंसी के दौरान, 40 की उम्र वाले व्यक्ति, फैमिली में अगर किसी को गालस्टोन हुआ हो या लिवर डिजीज वगैरह में गालस्टोन होने का रिस्क बढ़ जाता है.
गालब्लैडर स्टोन के साइलेंट लक्षण
- गालब्लैडर स्टोन होने पर पेट के दाहिनी तरफ ऊपरी हिस्से में दर्द रहता है
- कुछ भी फैटी खा लेने के बाद दर्द महसूस होता है
- दाएं कंधे या पीठ तक दर्द महसूस होता है
- जी मितलाना और उल्टी आना
- पेट फूलना या अपच की दिक्कत
- इंफेक्शन डेवलप हो जाने पर बुखार और ठंड लगने की दिक्कत
- त्वचा पर पीलापन नजर आना
- मल और पेशाब का रंग फीका हो जाना.
गालब्लैडर की पथरी से कैसे बचा जा सकता है
हेल्दी वेट मैनेज करके, क्रैश डाइट्स से बचकर, सैचुरेटेड फैट्स कम खाकर, खानपान में भरपूर फाइबर शामिल करके और रेगुलरी एक्सरसाइज करके गालब्लैडर की पथरी जैसी दिक्कतों से बचा जा सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.