मानसून में 48 घंटों से ज्यादा बुखार आना इन बीमारियों का हो सकता है लक्षण, डॉक्टर ने कहा मामूली समझने की ना करें भूल

Monsoon Fever And Disease: बरसात के मौसम में अक्सर ही लोग बुखार जैसी दिक्कतों को आम समझ लेते हैं जबकि यह गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर से जानिए कब बुखार को आम समझने की गलती नहीं करनी चाहिए.

Monsoon Fever

मानसून में इन दिक्कतों को कभी ना करें इग्नोर.

Fever In Monsoon: मानसून में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. बरसात में मौसम बदलने के चलते बुखार आ सकता है. इसीलिए ज्यादातर लोगों को लगता है कि बुखार सर्दी लगने के कारण आया है. लेकिन, डॉक्टर का कहना है कि यह बुखार किसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है. डॉक्टर कहते हैं कि बुखार आने पर अगर शरीर में दर्द होता है और आप पैरासिटामोल लेकर इंतजार करते हैं कि बुखार कम हो जाएगा तो गलती कर रहे हैं. मानसून में बुखार आना मलेरिया, डेंगू (Dengue), चिकनगुनिया या लेप्टोस्पायरोसिस का लक्षण भी हो सकता है. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके इंटर्नल मेडिसिन के डॉक्टर मिहिर हिरेमथ ने बताया है कि 48 घंटों से ज्यादा बुखार आए और साथ ही शरीर पर कुछ अन्य लक्षण दिखें तो संभल जाना चाहिए.

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48 घंटों से ज्यादा बुखार आना

डॉक्टर का कहना है कि अगर आपको 48 घंटे से ज्यादा बुखार आ रहा है, बुखार के साथ ही खांसी हो रही है, सांस फूल रही है, रैशेज हो रहे हैं और खून निकल रहा है तो इंतजार ना करें बल्कि डॉक्टर से जांच करवाएं. डॉक्टर यह सलाह भी देते हैं कि बुखार आते ही खुद से किसी तरह की एंटीबायोटिक दवा ना लें. डेंगू, चिकनगुनिया, इंफ्लुएंजा या कोई और वायरल इंफेक्शन एंटीबायोटिक्स से ठीक नहीं होते हैं, बल्कि इससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ सकता है और सही इलाज में देरी हो सकती है. ऐसे में इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सही ट्रीटमेंट की शुरुआत सही डायग्नोसिस से होती है.

गंदे पानी में चलने से करें परहेज

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बरसात में जगह-जगह पानी भर जाता है. डॉक्टर का कहना है कि यह पानी आपके जूते-चप्पल या स्किन को ही डैमेज नहीं करता है बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से नुकसानदायक होता है. गंदे पानी से सिर्फ स्किन इंफेक्शन ही नहीं होता है बल्कि पैर पर लगा एक हल्का कट भी बैक्टीरिया के लिए एंट्री पॉइंट हो सकता है. इससे लेप्टोस्पायरोसिस हो सकता है. यह बीमारी आपकी किडनी से लेकर लिवर और फेफड़ों तक को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में अगर आप गंदे पानी में उतरे हैं तो घर आते ही अपने पैरों को अच्छी तरह से धोएं. साथ ही, बाहर निकलते हुए अपने घाव को अच्छी तरह कवर करके रखें.

घर में ज्यादा पनपते हैं मच्छर

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मानसून में घर के बाहर से ज्यादा घर के अंदर मच्छर पनपते हैं. आपके गमले, AC की ड्रिप ट्रे में, कूलर में, पालतू के बर्तन में या गमरे के नीचे रखी प्लेट में मच्छर पनप सकते हैं. इसीलिए समय-समय पर इन जगहों को चेक करते रहें.

घर के अंदर ना सुखाएं कपड़े

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बरसात में इस बात का भी खास ख्याल रखें कि जितना हो सके आप घर के अंदर कपड़े सुखाने से परहेज करें. हर समय अगर घर के अंदर गीले कपड़े टंगे रहेंगे तो घर की ह्यूमिडिटी बढ़ती रहेगी. इससे डस्ट माइट्स और मॉल्ड्स की ग्रोथ बढ़ने लगती है. इससे अस्थमा, एलर्जी, साइनसाइटिस वगैरह की संभावना भी बढ़ती है. अगर आपके पास घर के अंदर कपड़े सुखाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है तो घर के अंदर वेंटिलेशन का ख्याल रखें, पंखे या डिग्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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