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खांसते वक्त मुंह से खून आना, किस कैंसर से रखता है कनेक्शन? कहीं आप आम जख्म तो नहीं समझ रहे हैं

खांसते वक्त खून आना कोई आम समस्या का संकेत हो ऐसा जरूरी है. आइए ICMR की रिपोर्ट की मदद से जानते हैं किस कैंसर में इस तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं?

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दुनिया बड़ी संख्या में लोग कैंसर से पीड़ित है, जो अपनी जान बचाने के लिए तरह-तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं. आज दुनिया में 100 से ज्यादा कैंसर के प्रकार मौजूद हैं, जो लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये होती है कि, इसके लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन जब दिखते हैं, तो तब तक काफी देर हो जाती है. ऐसे ही एक लक्षण के बारे में इस स्टोरी में बात करेंगे, जोकि है खांसते वक्त खून का आना. शुरुआत में यह समस्या आम दिखाई दे सकती है, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि यह आपके शरीर में पनप रहे कैंसर का लक्षण हो. आइए जानते हैं खांसते वक्त खून आना किस कैंसर का लक्षण है?

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किस कैंसर में खांसते वक्त आ सकता है खून

ICMR की एक रिपोर्ट के अनुसार, खांसी के दौरान खून आना फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा लक्षण होता है. बता दें कि कई बार कैंसर के कारण शरीर में कुछ ऐसे बदलाव दिखाई देने लगते है, जिन्हें अक्सर लोग आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कैंसर की बीमारी को बढ़ने के लिए इसी तरह की लापरवाही की जरूरत होती है, क्योंकि धीरे-धीरे ये कैंसर शरीर को इतना कमजोर कर देता है कि एक वक्त ऐसा आता है कि मरीज को अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है. इसलिए अगर आपको खांसते वक्त खून दिखाई दे रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें.

कैसे फेफड़ों में हो जाता है कैंसर?

फेफड़ों का कैंसर तब होता है, जब फेफड़ों की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव आने लगता है, कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं. इस बदलाव के कारण वहां ट्यूमर बन जाता है. WHO के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर के दो मुख्य प्रकार हैं; नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC), जो लगभग 85% मामलों में होता है, और स्मॉल सेल लंग कैंसर (SCLC), जो कम आम है लेकिन आमतौर पर ज्यादा तेजी से फैलता है. इसके लक्षणों में से एक है खांसते वक्त मुंह से खून का आना, इसलिए अगर आपको ऐसा कुछ दिखाई दे, तो गलती से भी इस बदलाव को नजरअंदाज न करें.

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सिर्फ खांसते वक्त खून ही नहीं ये भी हैं फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

  • लगातार खांसी जो आम इलाज के बावजूद और खराब होती जाए
  • सांस लेने में तकलीफ
  • खांसी के साथ बलगम आना जिसमें खून के निशान हों
  • खांसी के साथ साफ खून आना
  • सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना
  • छाती या कंधे में दर्द
  • बिना किसी वजह अचानक से वजन कम होना
  • बहुत ज्यादा थकान महसूस होना
  • भूख न लगना

फेफड़ों के कैंसर के कम आम लक्षण को भी देखें

  • ये लक्षण आमतौर पर फेफड़ों के कैंसर के ज्यादा गंभीर स्टेज से जुड़े होते हैं
  • कुछ भी निगलने में परेशानी
  • आवाज में भारीपन या कर्कशता
  • लिम्फ नोड्स के बढ़ने के कारण गर्दन में सूजन
  • बार-बार निमोनिया होना
  • प्लेटलेट काउंट का बढ़ना (थ्रोम्बोसाइटोसिस)
  • दाहिनी तरफ पसलियों के नीचे दर्द
  • उंगलियों और नाखूनों के आकार में बदलाव, जिसे ‘फिंगर क्लबिंग’ कहा जाता है
  • कंधे में तेज दर्द या ऐसा दर्द जो हाथ तक फैलता हो

कैसे होगा इलाज?

अगर आपको इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करवाएं, क्योंकि ऐसी स्थिति में जरा सी देरी आपकी सेहत का बुरा हाल बना सकती है और जान पर भी बात आ सकती है. डॉक्टर कुछ टेस्ट की मदद से आपकी जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि कहीं ये कैंसर का लक्षण तो नहीं है, अगर कैंसर पाया जाता है, तो स्थिति के हिसाब से उसका इलाज किया जाता है. इसलिए इलाज के लिए सिर्फ डॉक्टर की ही सलाह मानें. हालांकि, अगर मेडिकल जांच में कैंसर नहीं पाया जाता है और कोई और समस्या रहती है, तो दवाइयों आदि की मदद से स्थिति ठीक की जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source: ICMR, WHO

First published on: Aug 20, 2026 05:34 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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