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हेल्थ

सिर्फ ब्लड टेस्ट से पता चलेगा सर्वाइकल कैंसर है या नहीं? रिसर्च में हुआ खुलासा

कैंसर एक गंभीर बीमारी होती है। कई बार लोगों को इस रोग के बारे में शुरुआत में पता नहीं चलता है और फिर जब पता चलता है कैंसर सेल काफी ज्यादा फैल जाते हैं। खून की जांच से कई बड़ी बीमारियों का पता चलता है लेकिन कैंसर के लिए अन्य उपचार का भी सहारा लेना पड़ता था। मगर अब सिर्फ ब्लड टेस्ट से भी सर्वाइकिल कैंसर का पता लग सकता है। ऐसा दावा नई रिसर्च करती है।

कैंसर के कई प्रकार होते हैं। सभी के इलाज और सही होने के समय में अलग-अलग समय लग सकता है। सर्वाइकल कैंसर भी एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। यह कैंसर महिलाओं को ज्यादा होता है। हेल्थ रिपोर्ट्स की मानें, तो यह दूसरा सबसे बड़ा कारण है महिलाओं में कैंसर का। इस बीमारी से हर साल लगभग 80,000 महिलाएं अपनी जान गवां देती हैं। मगर अब इस कैंसर को लेकर एक राहत भरी खबर सामने आई है, जो महिलाओं को जरूर जाननी चाहिए। सर्वाइकल कैंसर दोबारा भी शरीर में फैल जाता है। नई हेल्थ रिसर्च के मुताबिक, खून के सैंपल से कैंसर होने और दोबारा फैलने वाले लक्षणों की जांच आसानी से की जा सकती है। इस रिसर्च में पाया गया कि खून में HPV सेल्स फ्री डीएनए मौजूद होते हैं, जो यह बताते हैं कि बीमारी है या नहीं। यह रिसर्च एम्स के कैंसर सेंटर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वार की गई थी। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

क्या कहती है रिसर्च?

दिल्ली एम्स के कैंसर सेंटर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा अध्ययन में बताया है कि यह रिसर्च इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल नेचर के साइंटिफिक रिसर्च में भी प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन को करने वाले डॉक्टरों का मानना है कि इस तकनीक की मदद से कैंसर के मरीजों में बीमारी की पुष्टि जल्दी और आसानी से हो सकेगी। इससे पहले सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैप स्मीयर टेस्टिंग की मदद ली जाती थी, जो कि इसकी तुलना में काफी कठिन होता है।

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डॉक्टरों का क्या है मानना?

रिसर्च में लगे डॉक्टरों ने और भी कई बातों का दावा किया है, जिसमें वह बताते हैं कि खून का सैंपल लेने के बाद कैंसर सेल के कुछ अंश रह जाते हैं, जिस कारण एमआरडी की पहचान आसानी से हो सकती है। जबकि पैप स्मीयर टेस्ट में यह ज्यादा असरदार है। इस बारे में आईआरसीएच के मेडिकल ऑन्कोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर, डॉक्टर मयंक सिंह बताते हैं कि पैप स्मीयर टेस्टिंग के लिए मरीज ओपीडी जाते थे, वहां महिला मरीजों को गुप्तांग से सैंपल देने पड़ते थे। वहीं, खून के सैंपल की मदद से मरीजों को ज्यादा आसानी होती है।

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दोबारा होने वाले कैंसर की रोकथाम

डॉक्टर मयंक कहते हैं कि कैंसर सही होने के कुछ समय बाद फिर से एक्टिव हो सकता है। इसके लिए उन्हें अपने फॉलोअप ट्रीटमेंट की मदद लेनी पड़ती थी। फॉलोअप चेकअप के लिए 3 से 6 महीने का समय लगता था और सीटी स्कैन या पेट का स्कैन करवाना होता था। शोध के बाद से अब दोबारा होने वाले कैंसर की जांच के लिए लिक्विड बायोपसी यानी खून की जांच करवाने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, अब तक दुनिया के कई देशों के लोगों और महिलाओं में इसकी टेस्टिंग चल रही है मगर भारत में अभी किसी पर यह टेस्टिंग नहीं हुई है।

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Liquid Biopsy क्या है?

लिक्विड बायोप्सी एक मॉडर्न और कम आक्रामक परीक्षण विधि है, जो कैंसर के निदान, निगरानी और उपचार के लिए उपयोग की जाती है। इसमें खून, यूरिन या अन्य शरीर के तरल पदार्थों से शरीर में मौजूद कैंसर के संकेतों का पता लगाया जाता है।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

First published on: Apr 07, 2025 01:54 PM

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About the Author

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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