बच्चे के शरीर का निशान बर्थमार्क है या किसी बीमारी का मार्क? डॉक्टर ने बताया कब करानी चाहिए जांच

Birthmark On Baby’s Body: जन्म के साथ जो निशान बच्चे के शरीर पर दिखाई देते हैं बर्थमार्क कहलाते हैं. कई बार पैरेंट्स इन बर्थमार्क्स को देखकर चिंता में पड़ जाते हैं कि ये बर्थमार्क नॉर्मल हैं या नहीं. ऐसे में चलिए जानते हैं डॉक्टर का इसपर क्या कहना है.

Birthmark Normal Or Not

बच्चों पर नॉर्मल बर्थमार्क क्या होते हैं?

विज्ञापन

Which Birthmarks Are Normal: नवजात बच्चों में बर्थमार्क नॉर्मल होते हैं. ये मार्क्स जन्म से लेकर कुछ सालों तक या उम्रभर बच्चे के शरीर पर नजर आते हैं. ऐसे में कई बार पैरेंट्स अचानक से इन मार्क्स को देखकर चिंता में पड़ जाते हैं कि ये मार्क्स नॉर्मल हैं या नहीं. पैरेंट्स को यह फिक्र भी होने लगती है कि कहीं ये निशान किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं हैं. इसी कंफ्यूजन को दूर करते हुए पीडियाट्रिशियन डॉ. अर्पित गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर किया है और बताया है कि कौन से बर्थमार्क नॉर्मल (Normal Birthmarks) होते हैं और कब डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

यह भी पढ़ें – क्या बच्चे का मुंह खोलकर सोना ठीक है? डॉक्टर ने बताया किन दिक्कतों का संकेत हो सकती है यह आदत

विज्ञापन

बर्थमार्क नॉर्मल हैं या नहीं

डॉ. अर्पित गुप्ता का कहना है कि अगर आपके बच्चे के शरीर पर ये 3 निशान हैं तो पैनिक ना करें लेकिन इन निशानों के बारे में जानना बेहद जरूरी है. डॉक्टर बताते हैं कि 80 प्रतिशत बच्चे किसी ना किसी एक बर्थमार्क के साथ जरूर पैदा होते हैं. ऐसे में पता होना जरूरी है कि कौन से बर्थमार्क नॉर्मल हैं और कौन से नहीं.

मंगोलियन स्पॉट

बच्चे के शरीर पर सबसे कॉमन बर्थमार्क है मंगोलियन स्पॉट्स. ये ब्लुइश-ब्लैक पैचेस होते हैं जो ज्यादातर लोअर बैक और हिप्स के पास दिखाई देते हैं. ये 3 से 5 साल की उम्र तक हल्के होने लगते हैं.

विज्ञापन

साल्मन पैच

साल्मन पैच को मेडिकल भाषा में एंजल किस या स्टॉर्क बाइट भी कहते हैं. ये पिंक या लाल रंग के पैच होते हैं जो माथे और पलकों के ऊपर या बीच में या फिर गर्दन पर नजर आते हैं. बच्चा जब रोता है तो ये निशान और गहरे दिखने लगते हैं. आमतौर पर बच्चे के 1 से 2 साल का होने पर ये निशान हल्के पड़ने लगते हैं.

विज्ञापन

स्ट्रॉबेरी हेमेनजियोआ

ये बर्थमार्क सॉफ्ट, जैली जैसै और ब्राइट रेड रंग के बाहर की तरफ उभरे हुए बर्थमार्क होते हैं. बच्चे के जन्म के बाद पहले 6 महीनों में ये निशान थोड़ा बढ़ सकते हैं. इसके बाद ये निशान धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. लेकिन, अगर आपके बच्चे के शरीर पर यह निशान है तो एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर करें.

विज्ञापन

कब करवानी चाहिए डॉक्टर से जांच

डॉक्टर का कहना है कि ज्यादातर बर्थमार्क नॉर्मल होते हैं और इसीलिए पैरेंट्स को चिंता करने की जरूरत नहीं होती है. लेकिन, एक बार डॉक्टर से जांच करवाने में कोई बुराई नहीं है. डॉक्टर जांच करके यह सुनिश्चित करते हैं कि सबकुछ ठीक है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ