सोते समय अचानक क्यों ऐसा लगता है कि गिर रहे हैं आप? जानिए इस अजीब एहसास के पीछे का विज्ञान
अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि आखिर सोते समय जब वह गहरी नींद में जा रहे होते हैं, तब अचानक शरीर को झटका क्यों लगता है? आइए जानते हैं इस समस्या के पीछे की वजह.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jul 13, 2026 20:44
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jul 13, 2026 20:44
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सोते वक्त झटका लगना कैसा है. (Image: AI)
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खबर की मुख्य बातें:-
सोते समय अचानक गिरने जैसा महसूस होना एक सामान्य स्थिति है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपनिक जर्क (Hypnic Jerk) या स्लीप ट्विच कहा जाता है.
यह झटका तब महसूस होता है, जब शरीर जागने की अवस्था से गहरी नींद में जाने लगता है. इस दौरान मांसपेशियों में अचानक हलचल हो सकती है, जिस कारण इस तरह की स्थिति बन सकती है.
हाइपनिक जर्क आमतौर पर खतरनाक नहीं होता और यह दिमाग व मांसपेशियों के बीच होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है.
रात की नींद पूरे शरीर की थकान को दूर कर देती है और शरीर को रिकवरी मोड में ले जाती है. अक्सर डॉक्टर को कहते हुए सुना जाता है कि रात के समय अच्छी नींद लेने से कई दिनों की थकान को भी दूर कर सकता है. इसी आस में लोग सोते हैं, लेकिन बीच नींद में कई बार ऐसा कुछ महसूस होता है कि गहरी नींद भी टूट जाती है. अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि जब वह गहरी नींद में सो रहे होते हैं, तब उन्हें अचानक ऐसा महसूस होता है कि वह गहरी खाई में या फिर ऊचाई से गिर रहे हैं, ऐसे में एकदम झटका लगता है और नींद खुल जाती है. यह स्थिति सच में मानसिक परेशानी में डाल सकती है, लेकिन इसके पीछे क्या वजह है और ऐसा क्यों होता है, आइए इस स्टोरी में जानते हैं.
गहरी नींद में यूं झटके लगने को मेडिकल साइंस की भाषा में हाइपनिक जर्क (Hupnic Jerk) या स्लीप ट्विच कहा जाता है. इसके शिकार अक्सर लोग होते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर यह होता क्यों है? विज्ञान के अनुसार, हाइपनिक जर्क मांसपेशियों का एक इनवॉल्यूएंटरी ट्विच है, जो तब होता है जब शरीर जागने की अवस्था से गहरी नींद की अवस्था में जा रहा होता है. इस तरह की स्थिति महज एक सेकेंड से भी कम की होती है, लेकिन इसका एहसास इतना ज्यादा होता है कि व्यक्ति की नींद तक खुल जाती है और दिल भी घबरा जाता है. रिपोर्ट बताते हैं कि कई बार ऐसा भी देखा गया है कि इस स्थिति के दौरान ऊंचाई से गिरने के भी सपने आते हैं.
क्या खतरनाक है ये झटके?
अब सवाल उठता है कि आखिर क्या इस तरह के झटके खतरनाक बीमारी की ओर इशारा करती है? तो ऐसा नहीं है! हाइपनिक जर्क आमतौर पर खतरनाक नहीं होता है. इस की स्थिति में भले ही हाथ-पैर हिल जाए, लेकिन यह बस दिमाग और मांसपेशियों के बीच होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन हां, अगर यह समस्या बार-बार बन रही है और आपको परेशान कर रही है, तो वक्त रहते डॉक्टर की सलाह और सही जांच की जरूरत पड़ सकती है.
किन-किन कारणों से लग सकते हैं ऐसे झटके?
इस झटके के पीछे का पक्का कारण क्या है, इसको लेकर रिसर्च चल रही है, लेकिन कुछ वजह जरूर हैं, जो इस तरह की स्थिति पैदा करते हैं, जैसे-
दिमाग और शरीर के बीच गलत तालमेल के कारण भी इस तरह के झटके महसूस हो सकते हैं. जैसे आपके शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स कर रही है, लेकिन दिमाग को लेग कि शायद आप ऊंचाई से गिर रहे हैं, तो बचने के लिए ऐसा हो सकता है.
तनाव के कारण भी इस तरह की समस्या बन सकती है. अगर कोई शख्स भारी तनाव में गुजर रहा हो और उसकी स्लीप साइकिल भी प्रभावित हो रही हो, तो तब भी ऐसी स्थिति बन सकती है.
इसके अलावा ज्यादा कैफीन के सेवन करने से भी झटके लगने की स्थिति बन सकती है. कैफीन जैसे सोते वक्त या दिनभर में ज्यादा मात्रा में कॉफी, चाय या किसी तरह की एनर्जी ड्रिंक का सेवन.
मुख्य निष्कर्ष:- सोते समय गिरने जैसा एहसास डरावना जरूर लग सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता. इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है. बेहतर नींद, तनाव कम करना और कैफीन का सीमित सेवन इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि, यह समस्या आपको रोज परेशान कर रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूरी बन जाता है.
सोते समय अचानक गिरने जैसा महसूस होना एक सामान्य स्थिति है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपनिक जर्क (Hypnic Jerk) या स्लीप ट्विच कहा जाता है.
यह झटका तब महसूस होता है, जब शरीर जागने की अवस्था से गहरी नींद में जाने लगता है. इस दौरान मांसपेशियों में अचानक हलचल हो सकती है, जिस कारण इस तरह की स्थिति बन सकती है.
हाइपनिक जर्क आमतौर पर खतरनाक नहीं होता और यह दिमाग व मांसपेशियों के बीच होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है.
रात की नींद पूरे शरीर की थकान को दूर कर देती है और शरीर को रिकवरी मोड में ले जाती है. अक्सर डॉक्टर को कहते हुए सुना जाता है कि रात के समय अच्छी नींद लेने से कई दिनों की थकान को भी दूर कर सकता है. इसी आस में लोग सोते हैं, लेकिन बीच नींद में कई बार ऐसा कुछ महसूस होता है कि गहरी नींद भी टूट जाती है. अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि जब वह गहरी नींद में सो रहे होते हैं, तब उन्हें अचानक ऐसा महसूस होता है कि वह गहरी खाई में या फिर ऊचाई से गिर रहे हैं, ऐसे में एकदम झटका लगता है और नींद खुल जाती है. यह स्थिति सच में मानसिक परेशानी में डाल सकती है, लेकिन इसके पीछे क्या वजह है और ऐसा क्यों होता है, आइए इस स्टोरी में जानते हैं.
गहरी नींद में यूं झटके लगने को मेडिकल साइंस की भाषा में हाइपनिक जर्क (Hupnic Jerk) या स्लीप ट्विच कहा जाता है. इसके शिकार अक्सर लोग होते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर यह होता क्यों है? विज्ञान के अनुसार, हाइपनिक जर्क मांसपेशियों का एक इनवॉल्यूएंटरी ट्विच है, जो तब होता है जब शरीर जागने की अवस्था से गहरी नींद की अवस्था में जा रहा होता है. इस तरह की स्थिति महज एक सेकेंड से भी कम की होती है, लेकिन इसका एहसास इतना ज्यादा होता है कि व्यक्ति की नींद तक खुल जाती है और दिल भी घबरा जाता है. रिपोर्ट बताते हैं कि कई बार ऐसा भी देखा गया है कि इस स्थिति के दौरान ऊंचाई से गिरने के भी सपने आते हैं.
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क्या खतरनाक है ये झटके?
अब सवाल उठता है कि आखिर क्या इस तरह के झटके खतरनाक बीमारी की ओर इशारा करती है? तो ऐसा नहीं है! हाइपनिक जर्क आमतौर पर खतरनाक नहीं होता है. इस की स्थिति में भले ही हाथ-पैर हिल जाए, लेकिन यह बस दिमाग और मांसपेशियों के बीच होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन हां, अगर यह समस्या बार-बार बन रही है और आपको परेशान कर रही है, तो वक्त रहते डॉक्टर की सलाह और सही जांच की जरूरत पड़ सकती है.
किन-किन कारणों से लग सकते हैं ऐसे झटके?
इस झटके के पीछे का पक्का कारण क्या है, इसको लेकर रिसर्च चल रही है, लेकिन कुछ वजह जरूर हैं, जो इस तरह की स्थिति पैदा करते हैं, जैसे-
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दिमाग और शरीर के बीच गलत तालमेल के कारण भी इस तरह के झटके महसूस हो सकते हैं. जैसे आपके शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स कर रही है, लेकिन दिमाग को लेग कि शायद आप ऊंचाई से गिर रहे हैं, तो बचने के लिए ऐसा हो सकता है.
तनाव के कारण भी इस तरह की समस्या बन सकती है. अगर कोई शख्स भारी तनाव में गुजर रहा हो और उसकी स्लीप साइकिल भी प्रभावित हो रही हो, तो तब भी ऐसी स्थिति बन सकती है.
इसके अलावा ज्यादा कैफीन के सेवन करने से भी झटके लगने की स्थिति बन सकती है. कैफीन जैसे सोते वक्त या दिनभर में ज्यादा मात्रा में कॉफी, चाय या किसी तरह की एनर्जी ड्रिंक का सेवन.
मुख्य निष्कर्ष:- सोते समय गिरने जैसा एहसास डरावना जरूर लग सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता. इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है. बेहतर नींद, तनाव कम करना और कैफीन का सीमित सेवन इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि, यह समस्या आपको रोज परेशान कर रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूरी बन जाता है.