Natal Teeth Extraction: ठाणे से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक महीने के प्रीमेच्योर बच्चे का दांत निकाला गया है. बच्चे का वजन 1.196 किलोग्राम है जोकि हॉस्पिटल में अबतक किसी बच्चे का सबसे कम वजन रिकॉर्ड किया गया है. ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में रविवार को बच्चे को नेटल टीथ निकाला गया है. बच्चा जन्म के साथ ही दांत के साथ पैदा हुआ था. इस दांत को निकालने की सर्जरी ना की जाती तो बच्चे की सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है.
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बच्चे का नेटल टीथ निकालना क्यों है जरूरी
हर 2,000- 3,500 बच्चों में से कोई एक बच्चा दांत के साथ जन्म लेता है. बच्चे का यह दांत कई कारणों से निकालना जरूरी होता है. ठाणे में इस बच्चे का दांत निकालना इसलिए जरूरी था क्योंकि बच्चे का नेटल टीथ ढीला था जिससे उसकी सेहत को कई रिस्क हो सकते थे. इस जन्मजात दांत के कारण बच्चे को मां का दूध पीने में दिक्कत आ सकती है. इसके अलावा, दांत बच्चे की श्वसन नली से उसके पेट में जा सकता है, बच्चे की जीभ कट सकती है या जीभ का आकार बदल सकता है जिसे मेडिकल भाषा में रिगा फेड भी कहते हैं. ऐसे में बच्चे का दांत निकालना जरूरी होता है.
कितने तरह के होते हैं जन्मजात दांत
जन्मजात दांत को नेटल टीथ कहते थे. जब बच्चा दांत के साथ ही जन्म लेता है तो इसे नेटल टीथ कहते हैं. वहीं, अगर बच्चे के जन्म के एक महीने बाद ही अगर दांत निकल जाता है तो इसे नियोनेटल टीथ कहा जाता है. ये दोनों दांत 2 तरह के हो सकते हैं-
अपरिपक्व – अपरिपक्व या इम्योच्योर दांत वो होते हैं जो पूरी तरह से डेवलप नहीं होते हैं और जिनका पूरा स्ट्रक्चर नजर नहीं आता है. इमेजिंग स्कैन से यह दांत पूरी तरह नजर आ सकता है.
परिपक्व दांत – जो दांत पूरी तरह डेवलप होते हैं और नॉर्मल नजर आते हैं उन्हें परिपक्व दांत कहा जाता है.
नेटल और नियोनेटल दांत सुपरन्यूनरी भी हो सकते हैं, यानी ये दांत बच्चे के सामान्यतौर पर निकलने वाले दांतों से अलग हो सकते हैं यानी एक्स्ट्रा दांत हो सकते हैं.
क्यों निकलते हैं जन्मजात दांत
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.