अगले 10 साल में सबसे बड़ा Health Crisis क्या होगा? WHO की रिपोर्ट्स ने बताए 4 खतरे
Biggest Health Crises: आने वाले कुछ सालों में दुनिया नए खतरों से दोचार हो सकती है. यहां जानिए रिपोर्ट्स के अनुसार कौन से हैं वो हेल्थ क्राइसिस जिनसे बचने के लिए अभी से तैयारी शुरू करना जरूरी है.
Written By: Seema Thakur|Updated: May 22, 2026 13:12
Edited By : Seema Thakur|Updated: May 22, 2026 13:12
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आने वाले 10 साल में सबसे बड़ा Health Crisis क्या होगा?
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Health Crises: विश्व पिछले कई सालों से अलग-अलग तरह की मुश्किलों से जूझ रहा है. कोविड-19, इबोला वायरस, बढ़ती गर्मी का खतरा और लगातार बिगड़ता मानसिक स्वास्थ्य, ऐसी कुछ चुनौतियां रही हैं जिनसे कोई एक या 2 देश नहीं बल्कि लगभग पूरा विश्व ही प्रभावित हुआ है. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) हर कुछ दिनों में ऐसी रिपोर्ट्स जारी करता रहता है जो बताती हैं कि विश्व किस आने वाले खतरे से जूझ सकता है. यहां WHO की रिपोर्ट्स के आधार पर ऐसे ही 4 सबसे बड़े खतरों का जिक्र किया जा रहा है जो आने वाले 10 सालों में दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं.
WHO की रिपोर्ट्स के अनुसार, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस आने वाले सालों में सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि दवा प्रतिरोधी संक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसी कई सामान्य एंटीबोयटिक दवाएं हैं जो अब असर करना बंद कर चुकी हैं. अगर इस दिक्कत पर रोक ना लगाई जाए तो आने वाले सालों में लाखों लोग मौत का शिकार हो सकते हैं. माना जा रहा है कि यह दिक्कत कोविड-19 से भी बड़ा क्राइसिस बन सकती है. इसे साइलेंट पेंडमिक (Silent Pendemic) कहा जा रहा है.
जलवायु परिवर्तन
जलवायु परिवर्तन ऐसा खतरा है जो पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है. लगातार बढ़ती गर्मी, हीटवेट से होने वाली मौतें, प्रदूषण के चलते दिल और फेफड़ों की बीमारियां और अन्य खतरे एक बड़े संकट के रूप में उभर रहे हैं.
मानसिक बीमारियां
लोग अक्सर ही मानसिक बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं और इसी वजह से 1 अरब से ज्यादा लोग मानसिक डिसोर्डर्स के शिकार हो गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट्स के अनुसार, बिगड़ता मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ा संकट है. डिप्रेशन, एंजाइटी और युवाओं में बढ़ते सुसाइड के मामले मेंटल हेल्थ केयर गैप क्राइसिस को दर्शाता है.
लाइफस्टाइल डिजीज
बिगड़ता लाइफस्टाइल एक नया संकट लेकर आ रहा है. डायबिटीज, दिल की बीमारियां, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं. इन दिक्कतों का सबसे बड़े कारण हैं खानपान का खराब होना, फिजिकल एक्टिविटी का ना के बराबर होना और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन. इन्हें WHO नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज कहता है जो वैश्विक मौतों का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं.
बचाव के लिए आज से ही करें ये काम
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा ना लें
दवा को बीच में ही बंद ना करें और पूरा कोर्स करें
वायरल इंफेक्शंस में एंटीबायोटिक्स लेने से बचें
अस्पतालों में हाइजीन का ध्यान रखें
गर्मियों में हाइड्रेशन का ध्यान रखें
ढीले कपड़े पहनें और छाया में ज्यादा रहें
प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनें
पेड़ लगाएं, एनर्जी बचाएं और प्रदूषण कम करने की कोशिश करें
मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए कम से कम 7 से 9 घंटों की नींद लें
खुद को एक्टिव रखें जिससे लाइफस्टाइल से जुड़े रोग आपसे दूर रहें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Health Crises: विश्व पिछले कई सालों से अलग-अलग तरह की मुश्किलों से जूझ रहा है. कोविड-19, इबोला वायरस, बढ़ती गर्मी का खतरा और लगातार बिगड़ता मानसिक स्वास्थ्य, ऐसी कुछ चुनौतियां रही हैं जिनसे कोई एक या 2 देश नहीं बल्कि लगभग पूरा विश्व ही प्रभावित हुआ है. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) हर कुछ दिनों में ऐसी रिपोर्ट्स जारी करता रहता है जो बताती हैं कि विश्व किस आने वाले खतरे से जूझ सकता है. यहां WHO की रिपोर्ट्स के आधार पर ऐसे ही 4 सबसे बड़े खतरों का जिक्र किया जा रहा है जो आने वाले 10 सालों में दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं.
WHO की रिपोर्ट्स के अनुसार, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस आने वाले सालों में सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि दवा प्रतिरोधी संक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसी कई सामान्य एंटीबोयटिक दवाएं हैं जो अब असर करना बंद कर चुकी हैं. अगर इस दिक्कत पर रोक ना लगाई जाए तो आने वाले सालों में लाखों लोग मौत का शिकार हो सकते हैं. माना जा रहा है कि यह दिक्कत कोविड-19 से भी बड़ा क्राइसिस बन सकती है. इसे साइलेंट पेंडमिक (Silent Pendemic) कहा जा रहा है.
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जलवायु परिवर्तन
जलवायु परिवर्तन ऐसा खतरा है जो पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है. लगातार बढ़ती गर्मी, हीटवेट से होने वाली मौतें, प्रदूषण के चलते दिल और फेफड़ों की बीमारियां और अन्य खतरे एक बड़े संकट के रूप में उभर रहे हैं.
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मानसिक बीमारियां
लोग अक्सर ही मानसिक बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं और इसी वजह से 1 अरब से ज्यादा लोग मानसिक डिसोर्डर्स के शिकार हो गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट्स के अनुसार, बिगड़ता मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ा संकट है. डिप्रेशन, एंजाइटी और युवाओं में बढ़ते सुसाइड के मामले मेंटल हेल्थ केयर गैप क्राइसिस को दर्शाता है.
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लाइफस्टाइल डिजीज
बिगड़ता लाइफस्टाइल एक नया संकट लेकर आ रहा है. डायबिटीज, दिल की बीमारियां, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं. इन दिक्कतों का सबसे बड़े कारण हैं खानपान का खराब होना, फिजिकल एक्टिविटी का ना के बराबर होना और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन. इन्हें WHO नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज कहता है जो वैश्विक मौतों का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं.
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बचाव के लिए आज से ही करें ये काम
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा ना लें
दवा को बीच में ही बंद ना करें और पूरा कोर्स करें
वायरल इंफेक्शंस में एंटीबायोटिक्स लेने से बचें
अस्पतालों में हाइजीन का ध्यान रखें
गर्मियों में हाइड्रेशन का ध्यान रखें
ढीले कपड़े पहनें और छाया में ज्यादा रहें
प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनें
पेड़ लगाएं, एनर्जी बचाएं और प्रदूषण कम करने की कोशिश करें
मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए कम से कम 7 से 9 घंटों की नींद लें
खुद को एक्टिव रखें जिससे लाइफस्टाइल से जुड़े रोग आपसे दूर रहें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.