---विज्ञापन---

गैजेट्स angle-right

अब सस्ते मिल सकते हैं स्मार्टफोन! No Cost EMI खत्म करने की उठी मांग, जानें वजह

हाल ही में मोबाइल रिटेलर्स ने दावा किया है कि नो कॉस्ट ईएमआई की वजह से फोन की कीमतें बढ़ रही हैं. अब Samsung, Apple, Xiaomi, Vivo, Oppo और Realme जैसी कंपनियों से इस स्कीम को बंद करने की मांग की गई है.

---विज्ञापन---

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर मिल सकता है. मोबाइल रिटेलर्स का मानना है कि अगर कंपनियों No Cost EMI स्कीम बंद कर दें, तो फोन की कीमतें कम हो सकती है. इसी क लेकर ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने Samsung, Apple, Xiaomi, Vivo, Oppo और Realme जैसी कंपनियों से इस स्कीम पर दोबारा विचार करने की अपील की है. 

No Cost EMI पर क्यों उठे सवाल?

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने कई बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों को पत्र लिखकर No Cost EMI स्कीम की समीक्षा करने की मांग की है. एसोसिएशन का कहना है कि 24 महीने तक चलने वाल स्कीम की लागलत कंपनियों को फोन की कीमत का करीब 17 से 19 फीसदी तक पड़ती है.

---विज्ञापन---

रिटेलर्स का दावा है कि इस एक्स्ट्रा खर्च के बाद स्मार्टफोन की खुरदा कीमत में जोड़ दिया जाता है इसका असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है जो फोन एकमुश्त पैसा देकर खरीदते हैं.

रिटेलर्स ने क्या सुझाव दिया?

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक एआईएमआरए के चेयरमैन कैलाश लाखयानी ने सलाह दी है कि कंपनियों को नो कॉस्ट ईएमआई की जगह सामान्य ब्याज वाले कंज्यूमर लोग मॉडल को अपनाना चाहिए. उनका कहना है कि ऑटोमोबाइल और हाउसिंग सेक्टर में पहले से ही सही व्यवस्था अपनाई जाती और ये मॉडल ज्यादा ट्रांसपेरेंट माना जाता है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- क्या आपका Bluetooth भी 24 घंटे ऑन रहता है? ये गलती 1 मिनट की खाली कर सकती है बैंक अकाउंट

उनके मुताबिक अगर ऐसा होता है तो स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत कम हो सकती है. वहीं बैंक और गैर बैंकिंग फाइनेंशियल संस्थान ग्राहकों को उनकी जरूरत के हिसाब से 48 महीने तक की लोन सुविधा भी दे सकते हैं. इससे ज्यादा लोगों को फाइनेंस मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है.

---विज्ञापन---

इंडस्ट्री का क्या कहना है?

इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगर नो कॉस्ट ईएमआई स्कीम बंद होती है तो ब्याज का खर्च सीधे उन ग्राहकों को उठाना होग जो लेकर फोन खरीदेंगे. वहीं पूरा भुगतान एक साथ करेंगे उन्हें फोन कम कीमत में मिल जाएगा. अधिकारियों का ये भी कहना है कि सामान्य कंज्यूमर लोन का ब्याज कई बार उस लागत से कम होता है, जो कंपनियां नो कॉस्ट ईएमआई उलब्ध कराने के लिए वहन करती हैं.

कीमत में अंतर का भी दिया उदाहरण

एआईएमआरए ने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में समान हार्डवेयर और फीचर्स वाले स्मार्टफोन की कीमतों में भी अंतर देखने को मिलता है. ऐसोसिएशन के मुताबिक Realme C83 5G की कीमत Realme P4 Lite से ज्यादा बताई गई है, जबकि दोनों डिवाइस में लगभग समान हार्डवेयर दिया गया है. रिटेलर्स का मानना है कि ऐसी कीमतों के पीछे नो कॉस्ट ईएमआई जैसी स्कीम की लागत भी एक वजह हो सकती है.

---विज्ञापन---

अभी कोई फैसला नहीं

फिलहाल स्मार्टफोन कंपनियों की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है. ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां नो कॉस्ट ईएमआई स्कीम की जारी रखती हैं या फिर रिटेल्स के सुझाव पर कोई बदलाव करती हैं. अगर भविष्य में इस दिशा में फैसला होता है, तो इसका सीधा असर स्मार्टफोन की कीमतों और खरीदारी के तरीके पर पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें- अब WhatsApp चलाने के लिए बतानी होगी उम्र? यूजर्स को दिख रहा नया नोटिफिकेशन

---विज्ञापन---

First published on: Aug 02, 2026 09:32 AM

End of Article

About the Author

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। पत्रकारिता में 6 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

Read More

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। पत्रकारिता में 6 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola