ईरान का 'मिशन मिडिल ईस्ट'… 2000 मिसाइलें और निशाने पर अमेरिकी बेस; जानिए तेहरान के बेड़े की ताकत
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 2,000 मिडरेंज बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो पूरे इलाके में हमला कर सकती हैं.
Edited By Arif Khan

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं. ‘खुर्रमशहर’ और ‘सेज्जिल’ जैसी आधुनिक मिसाइलों के साथ तेहरान न केवल पूरे इजरायल, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद लगभग हर अहम अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की ताकत रखता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसकी धमकी भी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान खाड़ी में US के ठिकानों को निशाना बनाएगा.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी जमीन पर हमला करना मुमकिन नहीं होगा, लेकिन हम इस इलाके में उनके ठिकानों को निशाना बनाएंगे. हम पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेंगे, बल्कि हम उनमें मौजूद US के ठिकानों को निशाना बनाएंगे.
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वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 2,000 मिडरेंज बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो पूरे इलाके में हमला कर सकती हैं. आइए जानते हैं, ईरान के बेड़े में वे कौन सी मिसाइलें हैं, जिनकी रेंज में कतर से लेकर तुर्की तक फैले अमेरिकी बेस आ रहे हैं.
खुर्रमशहर मिसाइल : इसे ईरान की सबसे शक्तिशाली और एडवांस लिक्विड-फ्यूल वाली मिसाइल माना जाता है. इसमें एक ‘अल्ट्रा-हैवी’ वारहेड है जो 2,000 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है. यह रेंज पूरे इजरायल, मध्य पूर्व में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों को अपने समेट सकती है. इस मिसाइल के जरिए कतर में अल उदेद एयर बेस, बहरीन में US नेवल सपोर्ट एक्टिविटी और कुवैत, इराक, सीरिया, यूएई और सऊदी अरब के अन्य बेस को निशाना बनाया जा सकता है.
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सेज्जिल मिसाइल : मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल भी 2,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है. यह इजरायल सहित पूरे मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों में टारगेट को भेद सकती है. इसके जरिए कतर में अल उदेद एयर बेस, बहरीन में NSA, कुवैत में कैंप आरिफजान और अली अल सलम एयर बेस, इराक में अल-असद एयर बेस, और यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन और तुर्की में अन्य अहम अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
इमाद और गदर-1 मिसाइल : ये एडवांस मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और 1,700 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच सकती हैं. इस मिसाइल के निशाने पर कतर में अल उदेद, बहरीन में NSA, कुवैत में कैंप आरिफजान और अली अल सलम, इराक में अल-असद, यूएई में अल धफरा, तुर्की में इनसर्लिक एयर बेस और जॉर्डन व सीरिया के बेस आ सकते हैं.
फतह-1, हज कासिम, और खैबर शेकन मिसाइल : इन बैलिस्टिक मिसाइलों को मुख्य रूप से IRGC ने बनाया है. इनकी मारक क्षमता 1,400 किलोमीटर है.
डेजफुल मिसाइल : यह ईरान की एक मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है, इसकी मारक क्षमता करीब 1,000 किलोमीटर है.
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