क्या है ERONET और ECINET सिस्टम, SIR प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर खुद वोटर लिस्ट से हटा सकता है आपका नाम?

SIR के दौरान आपने भी ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ शब्द को बार-बार सुना या पढ़ा होगा. ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ का मतलब ऐसी गलतियों से है, जिन्हें सिस्टम पुराने और मौजूदा चुनावी रिकॉर्ड की तुलना के दौरान पहचानता है, जैसे नाम की स्पेलिंग या ट्रांसलिटरेशन में अंतर.

sir list.jpg

बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जरूरत पड़ने पर जांच करता है. (Photo: AI)

विज्ञापन

भारत में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद के बीच वोटर लिस्ट को लेकर ERONET और ECINET जैसे डिजिटल सिस्टम सॉफ्टवेयर की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. खासकर ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के आधार पर मतदाताओं के नाम सेलेक्ट किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि क्या कोई सॉफ्टवेयर अपने स्तर पर किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटा सकता है?

क्या है इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स नेटवर्क (ERONET) ?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स नेटवर्क (ERONET) मतदाता सूची से जुड़े कामों को डिजिटल तरीके से संचालित करने वाला सिस्टम है. इसका इस्तेमाल वोटर रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और लिस्ट में बदलाव जैसी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए किया जाता है. बाद में चुनाव आयोग ने ERONET समेत कई मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म को ECINET के तहत इंटरगेट किया. इसका मकसद चुनाव प्रबंधन और मतदाता सेवाओं को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है.

विज्ञापन

‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ क्या है?

SIR के दौरान आपने भी ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ शब्द को बार-बार सुना या पढ़ा होगा. ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ का मतलब ऐसी गलतियों से है, जिन्हें सिस्टम पुराने और मौजूदा चुनावी रिकॉर्ड की तुलना के दौरान पहचानता है, जैसे नाम की स्पेलिंग या ट्रांसलिटरेशन में अंतर. इसी तरह पुराने रिकॉर्ड में परिवार के सदस्यों की उम्र से जुड़ी जानकारी में अंतर भी सिस्टम द्वारा फ्लैग किया जा सकता है. ऐसे मामलों को सिस्टम आगे की जांच के लिए हाईलाइट कर लेता है.

क्या सॉफ्टवेयर खुद नाम काट सकता है?

सबसे जरूरी जानने वाली बात ये है कि ERONET या ECINET अपने आप किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए ऑथराइज नहीं है और ना ही उन्हें ऐसा करने का कानूनी अधिकार दिया गया है. सॉफ्टवेयर का काम सिर्फ संभावित गड़बड़ियों, डुप्लीकेट एंट्री या रिकॉर्ड में अंतर की पहचान कर उन्हें संबंधित अधिकारियों के सामने रखना है. इसके बाद मामला ग्राउंड वेरिफिकेशन तक जाता है. बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जरूरत पड़ने पर संबंधित पते पर जाकर दस्तावेज और मतदाता की जानकारी की जांच करता है. इसके आधार पर तैयार रिपोर्ट को संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के सामने रखा जाता है.

विज्ञापन

तो नाम हटाने या जोड़ने का फैसला किसका होता है?

वोटर लिस्ट में किसी नाम को शामिल करने, हटाने या बदलाव करने का वैधानिक अधिकार संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के पास रहता है. सिस्टम किसी गलती को फ्लैग कर सकता है, लेकिन अंतिम फैसला प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत अधिकारी द्वारा लिया जाता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ