दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को हवा के बीच खौफनाक ड्रामा देखने को मिला. एक हमलावर ने विमान के मुख्य कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया. उसने विमान के कंट्रोल सिस्टम को खराब करके उसे खाई में गिराने की कोशिश की. इस जानलेवा हमले में लहूलुहान होने के बावजूद विमान के मुख्य पायलट भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, इसके बाद अंदर घुसे यात्रियों ने हमलावर को दबोच लिया.
इस घटना के बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें ‘सच्चा हीरो’ बताया है.
यात्री ने नेतन्याहू को बताई आंखों देखी
घटना के वक्त विमान में मौजूद इजरायली यात्री यानिव हायून ने खून से सने कपड़ों में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की. नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए वीडियो में हायून ने उस खौफनाक मंजर को बयां किया है.
यानिव हायून ने बताया, ‘अचानक किसी के चीखने की आवाज आई, केबिन की बत्ती गुल हो गई और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा. हमें अहसास हुआ कि कुछ बहुत गलत हो रहा है. हम कॉकपिट का दरवाजा खोलने दौड़े, लेकिन घायल कैप्टन मच्छार दरवाजे के पास ही गिरे हुए थे. कैप्टन ने अपनी बची-खुची ताकत जुटाई और बेहोश होने से ठीक पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया.’
दरवाजा खुलते ही अंदर का नजारा भयानक था. एक पायलट नीचे गिरा हुआ था और हमलावर दोनों सीटों के बीच खड़े होकर विमान के कंट्रोल पैनल्स और उपकरणों को तोड़ने की कोशिश कर रहा था ताकि प्लेन क्रैश हो जाए.
हायून ने आगे बताया, ‘मैंने तुरंत हमलावर की गर्दन को दबोच में लिया और उसे खींचकर कॉकपिट से बाहर ले आया. यह सब कुछ ही सेकंडों में हुआ. मैंने प्लेन में मौजूद अन्य साथियों को आवाज लगाई और हम सबने मिलकर उस हमलावर को जमीन पर पटककर काबू में कर लिया.’
‘शो देखकर सीखा था’
हमलावर को बाहर खींचने के बाद हायून खुद कॉकपिट में गए. वीडियो में जब पीएम नेतन्याहू ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें विमान उड़ाना आता था? तो हायून ने कहा, ‘मैं टीवी पर ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ देखता हूं, उसी अनुभव पर मैंने कंट्रोल खींचा.’ इसके बाद प्लेन संभल गया.
गनीमत रही कि यात्री केबिन में फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलट भी सफर कर रहे थे. वे तुरंत कॉकपिट में पहुंचे, कमान संभाली और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया.
37 सेकंड में 14000 फीट नीचे आया था प्लेन
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, प्लेन करीब 34000 फीट की ऊंचाई पर था. जब पायलट पर हमला हुआ, तब महज 37 सेकंड के भीतर प्लेन 33225 फीट से सीधे 18925 फीट पर आ गया. इस दौरान प्लेन से इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया, जो विमान हाइजैक की आशंका में दिया जाता है. इस अलर्ट के बाद इजरायली वायुसेना ने तुरंत अपने फाइटर जेट्स हवा में उतार दिए थे.
अब कैसे हैं भारतीय कैप्टन?
विमान की सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग के बाद घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है. हालांकि, तबुक के अस्पताल में उनकी बड़ी सर्जरी हुई है. रिपोर्ट्स के अनुसार चोटें गंभीर हैं लेकिन जानलेवा नहीं.
रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दाह में कॉन्सुलेट ने कहा है कि वे उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं, परिवार से संपर्क में हैं और सऊदी अधिकारियों के साथ कोर्डिनेट कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने की तारीफ, नेतन्याहू भी हुए मुरीद
पीएम मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को हीरो बताया. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि अपनी जान दांव पर लगाकर 180 जिंदगियां बचाकर स्मित मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय दिया है, दूसरों के जीवन की रक्षा करने का अटूट संकल्प दिखाया. उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की. भारत को कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है.
वहीं, बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी को सलाम करते हुए कहा कि अगर भारतीय पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट का दरवाजा न खोला होता, तो प्लेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बचाना नामुमकिन था.