NEET UG 2026: नीट की परीक्षा में कम मार्क्स आने पर क्या करें? निराश होने के बजाय करें ये काम
क्या आप भी परेशान है कि कहीं पढ़ाई में किसी तरह की कमी के कारण NEET के रिजल्ट में कम मार्क्स आते हैं, तो क्या किया जा सकता है, जिससे करियर भी मजबूत बनें और साल भी खराब न हो?
देशभर में लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं और NEET की परीक्षा में बैठते हैं. यह परीक्षा देश की सबसे मुश्किल परिक्षाओं में से एक है, जिसमें पास होना आसान नहीं होता. जितनी ज्यादा अच्छे मार्क्स आते हैं, उनता ज्यादा चांस रहता है कि छात्र को सरकारी MBBS कॉलेज में एडमिशन मिलेगा. हालांकि, हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स इस लक्ष्य से पीछे रहे जाते हैं और कुछ ही स्टूडेंट्स अच्छा मार्क्स के साथ सफल हो पाते हैं. हालांकि, कई बच्चे जिनको मन मुताबिक रिजल्ट नहीं मिल पाता है, वह निराश रह जाते हैं और पढ़ाई से भी मन पीछे कर लेते हैं. हालांकि, अगर आपके NEET-UG में अच्छे मार्क्स नहीं भी आते हैं, तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप अन्य मेडिकल कोर्स करके भी अच्छी करियर बना सकते हैं.
21 जून को होने जा रही नीट यूजी की परीक्षा के लिए लाखों स्टूडेंट्स अच्छे से अच्छे मार्क्स लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की कमी उनके रिजल्ट को प्रभावित न करे. हालांकि, अक्सर छात्रों का सवाल रहता है कि अगर वह एग्जाम में क्वालीफाई न हो सके, तो वह कैसे अपना करियर सफल बना सकते हैं?
इन फील्ड को न लें हल्के में
मेडिकल से जुड़े कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हेल्थकेयर फील्ड में, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग, नेचुरोपैथी और योगिक साइंसेज, फोरेंसिक साइंसेज, बिहेवियरल साइंसेज, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और एलाइड हेल्थ साइंसेज जैसे अलग-अलग सब्जेक्ट्स में कई कोर्स ऑप्शन हैं, जिन्हें करने से मेडिकल फील्ड में अच्छा करियर बन सकता है.
बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS)
क्या पढ़ाया जाता है? इस कोर्स में प्राकृतिक चिकित्सा, योग, आहार विज्ञान, लाइफस्टाइल मैनेजमेंट और बिना दवाओं के स्वास्थ्य सुधार के तरीकों का अध्ययन कराया जाता है. इसका उद्देश्य शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को बढ़ावा देना है.
योग्यता: फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) के साथ 12वीं में कम से कम 50% अंक.
एडमिशन प्रक्रिया: कई राज्यों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किए जाते हैं.
कोर्स अवधि: 5.5 साल
बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT)
क्या पढ़ाया जाता है?
यह कोर्स मांसपेशियों, हड्डियों, जोड़ों और नसों से जुड़ी समस्याओं के उपचार और पुनर्वास (Rehabilitation) पर केंद्रित है. इसमें एक्सरसाइज थेरेपी, मूवमेंट साइंस और दर्द प्रबंधन की तकनीकें सिखाई जाती हैं.
योग्यता: PCB विषयों के साथ 12वीं में कम से कम 50% अंक.
एडमिशन प्रक्रिया: प्रवेश IPU CET, BCECE और विभिन्न राज्यों की कॉमन एंट्रेंस परीक्षाओं के आधार पर होता है.
कोर्स अवधि: 4.5 साल
फार्मेसी (B.Pharm / D.Pharm)
क्या पढ़ाया जाता है?
फार्मेसी में दवाओं के निर्माण, उनकी गुणवत्ता जांच, रिसर्च, केमिकल कंपोजिशन और मरीजों तक सुरक्षित वितरण से जुड़ी पढ़ाई कराई जाती है. यह कोर्स दवा उद्योग और हेल्थकेयर सेक्टर में करियर के कई अवसर प्रदान करता है.
योग्यता: PCM या PCB विषयों के साथ 12वीं पास.
एडमिशन प्रक्रिया: MHT-CET, WBJEE, CUET और विभिन्न राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से दाखिला मिलता है.
कोर्स अवधि: D.Pharm: 2 साल | B.Pharm: 4 साल
बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing)
क्या पढ़ाया जाता है?
यह कोर्स मरीजों की देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन, मेडिकल प्रक्रियाओं और अस्पताल सेवाओं से संबंधित व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करता है. नर्सिंग प्रोफेशन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ माना जाता है.
योग्यता: PCB विषयों के साथ 12वीं पास.
एडमिशन प्रक्रिया: प्रवेश विभिन्न संस्थानों और प्रवेश परीक्षाओं जैसे AIIMS, JIPMER, BHU और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के आधार पर होता है.
कोर्स अवधि: 4 साल
फॉरेंसिक साइंस
क्या पढ़ाया जाता है?
फॉरेंसिक साइंस में अपराध स्थलों की जांच, डीएनए विश्लेषण, फिंगरप्रिंट पहचान, साइबर फॉरेंसिक और कानूनी मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों के परीक्षण की तकनीकों का अध्ययन कराया जाता है. यह विज्ञान और कानून का एक महत्वपूर्ण संगम है.
योग्यता: PCM या PCB विषयों के साथ 12वीं में कम से कम 50% अंक.
एडमिशन प्रक्रिया: प्रवेश मुख्य रूप से National Forensic Sciences University और CUET-UG जैसी परीक्षाओं के माध्यम से होता है.
कोर्स अवधि: 3 से 4 साल
करियर अवसर: फॉरेंसिक लैब, पुलिस विभाग, जांच एजेंसियों, साइबर क्राइम यूनिट और रिसर्च संस्थानों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं.
देशभर में लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं और NEET की परीक्षा में बैठते हैं. यह परीक्षा देश की सबसे मुश्किल परिक्षाओं में से एक है, जिसमें पास होना आसान नहीं होता. जितनी ज्यादा अच्छे मार्क्स आते हैं, उनता ज्यादा चांस रहता है कि छात्र को सरकारी MBBS कॉलेज में एडमिशन मिलेगा. हालांकि, हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स इस लक्ष्य से पीछे रहे जाते हैं और कुछ ही स्टूडेंट्स अच्छा मार्क्स के साथ सफल हो पाते हैं. हालांकि, कई बच्चे जिनको मन मुताबिक रिजल्ट नहीं मिल पाता है, वह निराश रह जाते हैं और पढ़ाई से भी मन पीछे कर लेते हैं. हालांकि, अगर आपके NEET-UG में अच्छे मार्क्स नहीं भी आते हैं, तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप अन्य मेडिकल कोर्स करके भी अच्छी करियर बना सकते हैं.
21 जून को होने जा रही नीट यूजी की परीक्षा के लिए लाखों स्टूडेंट्स अच्छे से अच्छे मार्क्स लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की कमी उनके रिजल्ट को प्रभावित न करे. हालांकि, अक्सर छात्रों का सवाल रहता है कि अगर वह एग्जाम में क्वालीफाई न हो सके, तो वह कैसे अपना करियर सफल बना सकते हैं?
इन फील्ड को न लें हल्के में
मेडिकल से जुड़े कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हेल्थकेयर फील्ड में, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग, नेचुरोपैथी और योगिक साइंसेज, फोरेंसिक साइंसेज, बिहेवियरल साइंसेज, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और एलाइड हेल्थ साइंसेज जैसे अलग-अलग सब्जेक्ट्स में कई कोर्स ऑप्शन हैं, जिन्हें करने से मेडिकल फील्ड में अच्छा करियर बन सकता है.
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बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS)
क्या पढ़ाया जाता है? इस कोर्स में प्राकृतिक चिकित्सा, योग, आहार विज्ञान, लाइफस्टाइल मैनेजमेंट और बिना दवाओं के स्वास्थ्य सुधार के तरीकों का अध्ययन कराया जाता है. इसका उद्देश्य शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को बढ़ावा देना है.
योग्यता: फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) के साथ 12वीं में कम से कम 50% अंक.
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एडमिशन प्रक्रिया: कई राज्यों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किए जाते हैं.
कोर्स अवधि: 5.5 साल
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बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT)
क्या पढ़ाया जाता है?
यह कोर्स मांसपेशियों, हड्डियों, जोड़ों और नसों से जुड़ी समस्याओं के उपचार और पुनर्वास (Rehabilitation) पर केंद्रित है. इसमें एक्सरसाइज थेरेपी, मूवमेंट साइंस और दर्द प्रबंधन की तकनीकें सिखाई जाती हैं.
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योग्यता: PCB विषयों के साथ 12वीं में कम से कम 50% अंक.
एडमिशन प्रक्रिया: प्रवेश IPU CET, BCECE और विभिन्न राज्यों की कॉमन एंट्रेंस परीक्षाओं के आधार पर होता है.
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कोर्स अवधि: 4.5 साल
फार्मेसी (B.Pharm / D.Pharm)
क्या पढ़ाया जाता है?
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फार्मेसी में दवाओं के निर्माण, उनकी गुणवत्ता जांच, रिसर्च, केमिकल कंपोजिशन और मरीजों तक सुरक्षित वितरण से जुड़ी पढ़ाई कराई जाती है. यह कोर्स दवा उद्योग और हेल्थकेयर सेक्टर में करियर के कई अवसर प्रदान करता है.
योग्यता: PCM या PCB विषयों के साथ 12वीं पास.
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एडमिशन प्रक्रिया: MHT-CET, WBJEE, CUET और विभिन्न राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से दाखिला मिलता है.
कोर्स अवधि: D.Pharm: 2 साल | B.Pharm: 4 साल
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बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing)
क्या पढ़ाया जाता है?
यह कोर्स मरीजों की देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन, मेडिकल प्रक्रियाओं और अस्पताल सेवाओं से संबंधित व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करता है. नर्सिंग प्रोफेशन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ माना जाता है.
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योग्यता: PCB विषयों के साथ 12वीं पास.
एडमिशन प्रक्रिया: प्रवेश विभिन्न संस्थानों और प्रवेश परीक्षाओं जैसे AIIMS, JIPMER, BHU और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के आधार पर होता है.
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कोर्स अवधि: 4 साल
फॉरेंसिक साइंस
क्या पढ़ाया जाता है?
फॉरेंसिक साइंस में अपराध स्थलों की जांच, डीएनए विश्लेषण, फिंगरप्रिंट पहचान, साइबर फॉरेंसिक और कानूनी मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों के परीक्षण की तकनीकों का अध्ययन कराया जाता है. यह विज्ञान और कानून का एक महत्वपूर्ण संगम है.
योग्यता: PCM या PCB विषयों के साथ 12वीं में कम से कम 50% अंक.
एडमिशन प्रक्रिया: प्रवेश मुख्य रूप से National Forensic Sciences University और CUET-UG जैसी परीक्षाओं के माध्यम से होता है.
कोर्स अवधि: 3 से 4 साल
करियर अवसर: फॉरेंसिक लैब, पुलिस विभाग, जांच एजेंसियों, साइबर क्राइम यूनिट और रिसर्च संस्थानों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं.