हिमांशु गुप्ता की जगह किसे बनाया गया CBSE का सचिव? केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए हिमांशु गुप्ता की समयपूर्व प्रतिनियुक्ति वापसी (Premature Withdrawal of Deputation) को मंजूरी दे दी है. उनकी जगह वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है. ये नियुक्ति 19 सितंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jun 2, 2026 23:09
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jun 2, 2026 23:09
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Credit: News24
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) ने CBSE के सचिव हिमांशु गुप्ता की समयपूर्व प्रतिनियुक्ति वापसी को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है. वहीं, लोखंडे सीताराम CBSE के नए चीफ बने हैं. सरकारी आदेश के मुताबिक, हिमांशु गुप्ता को प्रशासनिक कारणों से उनके मूल कैडर गृह मंत्रालय (MHA) में वापस भेजा जाएगा. उनकी वापसी को ‘विस्तारित कूलिंग ऑफ’ की शर्त के साथ मंजूरी दी गई है.
वहीं, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में निदेशक के रूप में कार्यरत वरुण भारद्वाज को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सचिव नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अधीन की गई है. ये नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना (Central Staffing Scheme) के तहत प्रतिनियुक्ति आधार पर लेटरल शिफ्ट के जरिए हुई है. वरुण भारद्वाज अब हिमांशु गुप्ता की जगह लेंगे और CBSE के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनके पास शिक्षा क्षेत्र और सरकारी प्रशासन का अनुभव है, जिसके आधार पर उन्हें ये बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. सरकारी आदेश के मुताबिक वरुण भारद्वाज का कार्यकाल 19 सितंबर 2027 तक रहेगा. ये अवधि केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत निर्धारित पांच वर्ष के संयुक्त कार्यकाल का हिस्सा होगी. उनके नेतृत्व में CBSE के विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा.
राहुल गांधी ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अधिकारियों को हटाकर मंत्रियों को बचा लिया गया. राहुल गांधी ने कहा कि ये जवाबदेही नहीं बल्कि कवर-अप है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग आज भी वही है कि शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जांच हो. राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए. आपको बता दें कि CBSE देश का सबसे बड़ा स्कूली शिक्षा बोर्ड है, जिसके अंतर्गत लाखों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. बोर्ड की नीतियों, परीक्षाओं और प्रशासनिक निर्णयों में सचिव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में इस पद पर हुए बदलाव को शिक्षा जगत में एक बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) ने CBSE के सचिव हिमांशु गुप्ता की समयपूर्व प्रतिनियुक्ति वापसी को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है. वहीं, लोखंडे सीताराम CBSE के नए चीफ बने हैं. सरकारी आदेश के मुताबिक, हिमांशु गुप्ता को प्रशासनिक कारणों से उनके मूल कैडर गृह मंत्रालय (MHA) में वापस भेजा जाएगा. उनकी वापसी को ‘विस्तारित कूलिंग ऑफ’ की शर्त के साथ मंजूरी दी गई है.
वहीं, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में निदेशक के रूप में कार्यरत वरुण भारद्वाज को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सचिव नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अधीन की गई है. ये नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना (Central Staffing Scheme) के तहत प्रतिनियुक्ति आधार पर लेटरल शिफ्ट के जरिए हुई है. वरुण भारद्वाज अब हिमांशु गुप्ता की जगह लेंगे और CBSE के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनके पास शिक्षा क्षेत्र और सरकारी प्रशासन का अनुभव है, जिसके आधार पर उन्हें ये बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. सरकारी आदेश के मुताबिक वरुण भारद्वाज का कार्यकाल 19 सितंबर 2027 तक रहेगा. ये अवधि केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत निर्धारित पांच वर्ष के संयुक्त कार्यकाल का हिस्सा होगी. उनके नेतृत्व में CBSE के विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा.
राहुल गांधी ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अधिकारियों को हटाकर मंत्रियों को बचा लिया गया. राहुल गांधी ने कहा कि ये जवाबदेही नहीं बल्कि कवर-अप है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग आज भी वही है कि शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जांच हो. राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए. आपको बता दें कि CBSE देश का सबसे बड़ा स्कूली शिक्षा बोर्ड है, जिसके अंतर्गत लाखों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. बोर्ड की नीतियों, परीक्षाओं और प्रशासनिक निर्णयों में सचिव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में इस पद पर हुए बदलाव को शिक्षा जगत में एक बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है.