बिना कोचिंग लगातार दो बार क्रैक की UPSC परीक्षा, ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS

आज हम आपको उस आईएएस ऑफिसर के बारे में बताएंगे, जो देश के सबसे कम पढ़े-लिखे जिले से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने देश की सबसे कठिन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा लगातार दो बार बिना कोचिंग का सहारा लिए क्रैक की अंत में आईएएस ऑफिसर बन गईं।

ias radhika gupta
विज्ञापन

यूपीएससी परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, जिसके बाद उम्मीदवार देश की ब्यूरोक्रेसी का हिस्सा बनते हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते हैं। इस परीक्षा ने भारत में कई ऐसे लोगों की सफलता की कहानियां लिखी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से सफलता का रास्ता देखा है। एक ऐसी ही प्रेरणादायक शख्सियत हैं आईएएस अधिकारी राधिका गुप्ता, जिन्होंने कई संघर्षों का सामना कर अपने सपने को पूरा किया है।

कौन हैं आईएएस राधिका गुप्ता?
राधिका गुप्ता मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने एसजीएसआईटीएस इंदौर (SGSITS Indore) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली की एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी भी की। नौकरी करते समय ही उन्हें एहसास हुआ कि उनका असली सपना आईएएस अधिकारी बनना है।

विज्ञापन

इसी दौरान उन्हें दिल्ली के राजेन्द्र नगर के बारे में पता चला, जो यूपीएससी के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स का हब माना जाता है। उन्होंने वहां का करिकुलम देखा और उसे समझा, लेकिन पढ़ाई के लिए वापस इंदौर आ गईं।

राधिका गुप्ता ने कैसे की तैयारी?
राधिका ने बताया कि चूंकि उन्होंने कोटा में जेईई की कोचिंग ली थी, इसलिए उन्हें कोचिंग सिस्टम की अच्छी समझ थी। उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने राजेन्द्र नगर की कोचिंग से दूर रहने का फैसला किया।”

इतने घंटे पढ़कर हासिल की सफलता
राधिका ने रोजाना 9 से 10 घंटे की पढ़ाई की, एक सख्त टाइमटेबल फॉलो किया और सोशल मीडिया से दूरी बनाई। लेकिन उन्होंने टेबल टेनिस खेलना जारी रखा क्योंकि वो उनका शौक था। उन्होंने ठान लिया था कि वो केवल दो बार परीक्षा देंगी – अगर सफल हो गईं तो ठीक, वरना फिर से कॉर्पोरेट जॉब में चली जाएंगी। इसलिए उन्होंने किसी और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं किया।

विज्ञापन

सफलता की कहानी
राधिका ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ‘मंत्रा ऑफ सक्सेस’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि पहली बार जब उन्होंने परीक्षा दी तो उनकी रैंक थोड़ी कम थी, जिसके चलते उन्हें भारतीय रेलवे सेवा मिली। लेकिन उनका सपना आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने रेलवे की नौकरी करते हुए दूसरी बार परीक्षा दी। मेहनत जारी रखी और 2020 में UPSC में सफलता पाई।

राधिका कहती हैं…
“मेरे जिले में देश की सबसे कम साक्षरता दर है, लेकिन इसने मेरी सोच और व्यक्तित्व को गहराई दी। वहां रहकर मुझे शिक्षा का असली महत्व समझ में आया। इस परीक्षा ने मुझे धैर्य और लगातार प्रयास करना सिखाया।”

विज्ञापन

ऑप्शनल सब्जेक्ट और रैंक
राधिका गुप्ता ने UPSC में Anthropology (मानवशास्त्र) को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना और ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ