बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक बहुत ही शानदार खबर है! अब राज्य के बच्चे सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूल के दौरान ही ऐसे हुनर (स्किल) सीखेंगे, जिससे पढ़ाई खत्म होते ही वे खुद का काम शुरू कर सकें या अच्छी नौकरी पा सकें.
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और यूनिसेफ (UNICEF) मिलकर बिहार में कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों के लिए व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Training) की शुरुआत करने जा रहे हैं. आइए समझते हैं कि यह योजना क्या है, किन-किन विषयों (ट्रेड्स) में ट्रेनिंग मिलेगी और इससे छात्रों को क्या फायदा होगा.
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555 स्कूलों से होगी शुरुआत, हर स्कूल में 2 विकल्प
शुरुआती चरण में राज्य के 555 विद्यालयों में यह वोकेशनल कोर्स शुरू किया जा रहा है. नौवीं से 12वीं तक के छात्र अपने स्कूल में उपलब्ध दो ट्रेड्स (हुनर) में से अपनी पसंद का कोई एक ट्रेड चुन सकेंगे. बच्चों को केवल काम सिखाया ही नहीं जाएगा, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें किन-किन क्षेत्रों में रोजगार या कमाई के मौके मिलेंगे.
कौन-कौन से हुनर (Trades) सिखाए जाएंगे?
बिहार के स्कूलों में छात्रों की पसंद और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए 8 प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, जैसे कि 9वीं-10वीं के लिए जूनियर टेक्नीशियन – सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन और 11वीं-12वीं के लिए सोलर पैनल इंस्टॉलेशन.
- टेलीकॉम (IT और मोबाइल नेटवर्क आधारित काम)
- आईटी (IT & Computer)
- प्लंबिंग
- कृषि (Agriculture)
- अपैरल (कपड़ा और परिधान निर्माण)
- मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग (सजावटी कपड़ा उद्योग)
- रिटेल (दुकान व सेल्स मैनेजमेंट)
शिक्षकों की ट्रेनिंग और 14 सितंबर की डेडलाइन
इस पूरे प्रोजेक्ट को सही तरीके से लागू करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. 16 और 17 सितंबर 2026 को पटना में दो दिवसीय ट्रेनिंग वर्कशॉप रखी गई है. इसमें हर जिले से एक-एक साइंस और सोशल साइंस के शिक्षक के साथ जिला नोडल अधिकारी भाग लेंगे. कार्यशाला में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों को अपने जरूरी कागजात जैसे कि पहचान पत्र और बैंक पासबुक साथ लाने होंगे और 14 सितंबर तक गूगल फॉर्म भरकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा.