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मां की प्रॉपर्टी पर क‍िसका हक होता है? कैसे होता है बंटवारा? जानें पूरी ड‍िटेल

प्रॉपर्टी के बंटवारे को लेकर जो न‍ियम हैं, उनके बारे में ज्‍यादातर लोगों को जानकारी है. लेक‍िन क्‍या आप जानते हैं क‍ि मां की प्रॉपर्टी पर क‍िसका हक होता है? मां की प्रॉपर्टी का बंटवारा कैसे होता है? भारतीय प्रॉपर्टी सक्‍सेशन एक्‍ट क्‍या कहता है?

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प‍िता या बाबा दादा की प्रॉपर्टी का बंटवारा कैसे होता है, इस बात से आप वाक‍िफ होंगे. आम तौर पर संपत्‍त‍ियां इन्‍हें के नाम पर होती हैं और इसी तरह से उसे आगे भी बांटा जाता रहा है. लेक‍िन अगर प्रॉपर्टी मां के नाम पर है तो उसका बंटवारा कैसे होंगा? मां की प्रॉपर्टी पर क‍िसका हक होता है? मां की प्रॉपर्टी (संपत्ति) पर हक को लेकर भारतीय कानून बहुत स्पष्ट है. जानकारों की मानें तो मां की प्रॉपर्टी का बंटवारा कैसे होगा, यह इस बात पर न‍िर्भर करता है क‍ि संपत्ति मां ने खुद कमाई है (Self-acquired) या उन्हें विरासत (Inherited) में मिली है.

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क्‍या कहता है ह‍िन्‍दू सक्‍सेशन एक्‍ट?

‘हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम’ (Hindu Succession Act) के अनुसार यहां कुछ जरूरी न‍ियम द‍िए गए हैं, ज‍िनका पालन करना अन‍िवार्य है:

मां ने खुद संपत्ति बनाई है (Self-acquired Property) तो
अगर मां ने अपने पैसों से घर खरीदा है या उन्हें उपहार (Gift) में मिला है, तो वह उसकी पूर्ण स्वामिनी हैं. अगर मां ने अपनी वसीयत (Will) लिखी है, तो संपत्ति उसी व्यक्ति को मिलेगी जिसका नाम वसीयत में है. वह अपनी मर्जी से किसी को भी (सिर्फ एक बेटा, सिर्फ एक बेटी या किसी बाहरी व्यक्ति को) अपनी संपत्ति दे सकती हैं. अगर मां की मृत्यु बिना वसीयत बनाए हो जाती है, तो संपत्ति ‘हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम’ की धारा 15 के तहत बराबर बांटी जाएगी.

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वसीयत न होने की स्थिति में प्राथमिकता (क्रमवार)
अगर मां ने वसीयत नहीं छोड़ी है, तो संपत्ति पर हक का क्रम इस तरह होगा:

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  • पहला हकदार: बेटे, बेटियां (शादीशुदा या अविवाहित) और पति. इन तीनों में संपत्ति बराबर-बराबर बांटी जाएगी. अगर किसी बच्चे की मृत्यु हो चुकी है, तो उसके हिस्से का हक उसके बच्चों का होगा.
  • दूसरे हकदार: यदि पति और बच्चे नहीं हैं, तो संपत्ति पति के उत्तराधिकारियों (Heirs) को मिलेगी.
  • तीसरे हकदार: यदि ऊपर वाले कोई नहीं हैं, तो मां के माता-पिता (Parents) को उनकी प्रॉपर्टी दी जाएगी.
  • चौथे हकदार: मां के पिता के उत्तराधिकारियों को.
  • पांचवें हकदार: मां की माता के उत्तराधिकारियों को.

बेटियों का हक (विशेष कानून)
अक्सर समाज में यह भ्रम रहता है कि शादी के बाद बेटी का मां की संपत्ति पर हक खत्म हो जाता है. कानूनन, बेटियों का मां की संपत्ति पर उतना ही हक है जितना बेटों का, चाहे वे विवाहित हों या विधवा. यहां तक कि यदि मां को अपने पिता (नानाजी) से कोई संपत्ति मिली है, तो उसमें भी बेटी का बराबर का हिस्सा होता है.

विरासत में मिली संपत्ति (Inherited Property)
अगर मां को संपत्ति उनके पति या ससुर से विरासत में मिली थी और उनकी मृत्यु बिना वसीयत के हो जाती है, तो वह संपत्ति वापस पति के उत्तराधिकारियों के पास चली जाती है. वहीं, अगर संपत्ति उनके माता-पिता (मायके) से मिली थी, तो वह उनके पिता के उत्तराधिकारियों के पास चली जाएगी (यदि उनके अपने बच्चे या पति नहीं हैं).

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First published on: Jan 12, 2026 02:37 PM

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About the Author

Vandana Bharti

परिचय वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एड‍िटर स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं. मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं. वन्‍दना के पेशेवर सफर में देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों का योगदान रहा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार के फीचर पेज से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे बड़े न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में जुड़ी रही हैं. आजतक ड‍िज‍िटल में उन्‍होंने एजुकेशन और फीचर बीट पर काम क‍िया. इसके बाद India.com में कर‍ियर पेज की नींव रखी और उसे साथ में लाइफस्‍टाइल का कारभार भी संभाला. News18.com के साथ वन्‍दना ने कर‍ियर पेज पर टीम लीड की भूम‍िका भी न‍िभाई है. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है. करीब दो दशक के अपने अनुभव में वन्‍दना ने जटिल विषयों को सरल और सटीक रूप में पेश करने में महारत हासिल की है. उनकी सबसे बड़ी खासियत जटिल और तकनीकी वित्तीय आंकड़ों को आम पाठकों के लिए बेहद सरल, रोचक और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना है. Vandana Bharti का सोशल मीडिया प्रोफाइल linkedin Facebook

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