रेपो रेट बढ़ा तो रियल एस्टेट पर कितना पड़ेगा असर? जानें घर खरीदने वालों पर क्या होगा असर
काउंटी ग्रुप के निदेशक अमित मोदी के अनुसार, त्योहारी मौसम में ब्याज दरों का स्थिर रहना घर खरीदने वालों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण होता है. अगर रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होती है तो इससे होम लोन की ईएमआई बढ़ सकती है. इसका असर खास तौर पर पहली बार घर खरीदने वाले और कीमत को लेकर अधिक संवेदनशील लोगों पर पड़ सकता है.
कुशाग्र अंसल, डायरेक्टर, अंसल हाउसिंग ने कहा कि रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर होम लोन की लागत पर पड़ता है. इससे खरीदार की ईएमआई बढ़ सकती है और कुछ लोग घर खरीदने का फैसला कुछ समय के लिए टाल सकते हैं. लेकिन अगर बढ़ोतरी सीमित रहती है तो इसका असर पूरे रियल एस्टेट बाजार पर बहुत अधिक नहीं होगा. जिन बाजारों में घरों की मांग मजबूत है, वहां खरीदार मामूली बढ़ोतरी के बावजूद खरीदारी जारी रख सकते हैं.
मिगसन ग्रुप के निदेशक यश मिगलानी ने कहा कि ब्याज दर रियल एस्टेट में मांग को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है, लेकिन यह अकेला कारक नहीं है. आज खरीदार बेहतर स्थान, अच्छी कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाओं और भरोसेमंद डेवलपर को भी महत्व दे रहे हैं. इसलिए रेपो रेट में सीमित बढ़ोतरी से बाजार की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है, लेकिन मांग में बड़ी गिरावट जरूरी नहीं है.