देश में जब भी चुनाव का माहौल बनता है या वोटर लिस्ट को लेकर बहस छिड़ती है, तो भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का नाम सबसे ऊपर आ जाता है. हाल ही में विपक्षी INDIA गठबंधन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट (SIR और फॉर्म 6 बदलाव) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर राजनीतिक हमले तेज किए गए हैं.
लेकिन इन तमाम राजनीतिक चर्चाओं के बीच, क्या आपने कभी सोचा है कि देश के सबसे बड़े संवैधानिक पदों में से एक पर बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त को हर महीने कितनी सैलरी मिलती है? उन्हें कौन-कौन सी सरकारी सुविधाएं और पेंशन मिलती हैं? आइये जानते हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सैलरी कितनी है?
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की सैलरी और सुविधाएं देश के कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) के बराबर होती हैं. ज्ञानेश कुमार का बेसिक मंथली वेतन 250,000 रुपये है. सैलरी के अलावा उन्हें 34,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलता है. हालांकि CEC और चुनाव आयुक्तों ने इस भत्ते पर मिलने वाली इनकम टैक्स छूट को स्वेच्छा से छोड़ दिया है.
बंगले से लेकर गाड़ियों तक: CEC को मिलती हैं ये शाही सुविधाएं
मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि कई बड़ी सरकारी सुविधाएं और भत्ते भी दिए जाते हैं.
- राजधानी में रहने के लिए टाइप-VIII स्तर का सरकारी बंगला.
- ड्राइवर के साथ सरकारी गाड़ियां और उच्च स्तरीय सुरक्षा कवर .
- निवास स्थान पर मुफ्त या बेहद कम दर पर बिजली, पानी और टेलीफोन/इंटरनेट की सुविधा.
- खुद और परिवार के आश्रित सदस्यों के लिए पूरा मुफ्त मेडिकल इलाज.
- खुद और परिवार के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) की सुविधा, इसे स्वेच्छा से साल में 3 बार के बजाय 1 बार कर दिया गया है.
- पद छोड़ने के बाद अच्छी-खासी पेंशन और अन्य संवैधानिक लाभ.
2023 में बदला था सैलरी का नियम: जानिये क्यों हुआ था विवाद?
साल 1991 के पुराने कानून के मुताबिक CEC और चुनाव आयुक्तों की सैलरी सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर होती थी, जिसे संसद के कानून से तय किया जाता था.
लेकिन साल 2023 में पास हुए नए कानून (CEC and EC Bill, 2023) के तहत चुनाव आयुक्तों की सैलरी को कैबिनेट सेक्रेटरी के बराबर कर दिया गया. कैबिनेट सेक्रेटरी का वेतन पे कमीशन (Central Pay Commission) की सिफारिश पर सरकार तय करती है. यानी इस बदलाव के बाद सरकार के पास सैलरी तय करने का अधिक अधिकार आ गया.
IIT कानपुर से हार्वर्ड तक: कौन हैं CEC ज्ञानेश कुमार?
ज्ञानेश कुमार का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार और प्रभावशाली रहा है. ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं. 27 जनवरी 1964 को यूपी में जन्मे ज्ञानेश कुमार ने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में BTech किया है. इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (USA) से इकोनॉमिक्स में PG की पढ़ाई की. अगस्त 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, तब वे गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन के जॉइंट सेक्रेटरी थे. 2020 में अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मामलों को भी उन्होंने ही संभाला.
वे गृह मंत्री अमित शाह के साथ सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) में सेक्रेटरी के पद पर रहे और 31 जनवरी 2024 को रिटायर हुए. इसके बाद वो साल 2024 में चुनाव आयुक्त बने और फरवरी 2025 में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पदभार संभाला.
ज्ञानेश कुमार की नेटवर्थ (Net Worth) कितनी है?
CEC ज्ञानेश कुमार की कुल संपत्ति का कोई सार्वजनिक डेटा उपलब्ध नहीं है. इसी बात को लेकर टीएमसी (TMC) के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने आरटीआई (RTI) दाखिल कर सवाल उठाया था. उन्होंने DoPT से ज्ञानेश कुमार द्वारा 2015 से 2023 के बीच दाखिल की गई अचल संपत्ति विवरण (IPR) की मांग की थी. हालांकि, उनकी संपत्ति की जानकारी को RTI कानून के तहत निजी जानकारी (Personal Information) बताते हुए देने से इनकार कर दिया गया, जिसको लेकर काफी राजनीतिक विवाद भी हुआ था.