World's Biggest Oil Deal: ट्रंप ने किया दावा - वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर अब अमेरिका का कब्जा! क्या सस्ते होंगे पेट्रोल के दाम?

Donald Trump Venezuela Oil Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर बहुमत नियंत्रण का दावा किया है. अगर ये बात सच है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल डील है और क्‍या इस डील का असर पेट्रोल के दामों पर भी होगा? आइये जानते हैं.

Donald Trump announce Venezuela oil reserves deal concept

Trump Venezuela Oil Deal: वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कब्जा! ट्रंप ने किया दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल डील का दावा

World’s Biggest Oil Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी घोषणा की है जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार (Energy Market) में हलचल मचा दी है. ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ विश्‍व इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा (World’s Biggest Oil Deal) किया है.

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इस समझौते के तहत अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से अधिक प्रमाणित तेल भंडार (Oil Reserve) पर बहुमत नियंत्रण हासिल कर लिया है. ट्रंप का कहना है कि इससे अमेरिकी तेल भंडार दोगुने से भी ज्यादा हो जाएंगे और आम जनता के लिए पेट्रोल के दाम तेजी से नीचे आएंगे.

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ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में क्या-क्या दावा किया?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक यह समझौता विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच बातचीत के बाद हुआ है. ट्रंप ने अपनी पोस्‍ट में दावा क‍िया है कि इस डील में अमेरिकी जनता या करदाताओं का एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ है. अमेरिका की घरेलू तेल आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे लंबे समय तक ईंधन (Fuel) की कीमतें कम और स्थिर रहेंगी. ट्रंप के अनुसार, यह सौदा केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि आर्थिक तंगी झेल रहे वेनेजुएला के लिए भी समृद्धि के रास्ते खोलेगा.

मादुरो के हटने के बाद कैसे बदले वेनेजुएला के हालात?
यह बड़ा राजनीतिक और आर्थिक उलटफेर अचानक नहीं हुआ है. लगभग 9 महीने पहले अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेकर अमेरिका लाया गया था. मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स की तस्करी के आरोप लगे थे.

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मादुरो के हटने के बाद बनी अंतरिम सरकार (डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व में) के साथ अमेरिका के संबंध सुधरे और अमेरिकी प्राइवेट एनर्जी कंपनियों के लिए वेनेजुएला के द्वार खुल गए.

अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें और ऊर्जा संकट का दबाव
आखिर ट्रंप को इतनी बड़ी डील का ऐलान करने की जल्दी क्यों पड़ी? इसके पीछे 2 मुख्य वजहें हैं. पहली वजह है युद्ध की मार. जी हां, पिछले 6 महीनों से जारी ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्‍च‍ितता बनी हुई है और तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है. दूसरा कारण है खाली होता अमेर‍िकी क्रूड ऑयल रिजर्व. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2026 की शुरुआत तक अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व गिरकर 30 करोड़ बैरल से भी नीचे पहुंच गया था. इस घटते स्टॉक और बढ़ती पेट्रोल की कीमतों के दबाव से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है.

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वेनेजुएला में कितना तेल है?
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के मुताबिक, वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चा तेल (Crude Oil) है, जो दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग 17% है. हालांकि वेनेजुएला के पास तेल का विशाल भंडार है, लेकिन सालों की आर्थिक मंदी, बुनियादी ढांचे की तबाही और निवेश की कमी के कारण वह दुनिया के कुल तेल उत्पादन में केवल 1% का योगदान दे पा रहा था. अब अमेरिकी कंपनियों के आने से वहां उत्पादन तेज होने की उम्मीद है.

अगर डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा जमीनी स्तर पर सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई बढ़ेगी, जिससे न केवल अमेरिका बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लग सकता है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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