Nominee का जिक्र नहीं है तो सदस्य की मृत्यु के बाद EPF का पैसा कैसे निकाल पाएंगे? यहां देखें आसान तरीका
Edited By Nitin Arora

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EPF withdrawal: कर्मचारी भविष्य निधि या ईपीएफ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत एक लोकप्रिय बचत योजना है जिसको भारत सरकार देखती है। इस योजना के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के आधार वेतन और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी ईपीएफ में योगदान करते हैं। ईपीएफ जमा पर मौजूदा सालाना ब्याज दर 8.1 फीसदी है।
यह योजना दुर्भाग्यपूर्ण मौत के मामले में ईपीएफ सदस्यों के परिवारों की भी मदद करती है। ऐसे मामलों में जमा की गई राशि को नॉमिनी द्वारा निकाला जा सकता है और यदि कोई नॉमिनी नहीं है तो पैसा परिवार के किसी सदस्य या कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा निकाला जा सकता है। नाबालिग परिवार के सदस्य के मामले में, नाबालिग के अभिभावक द्वारा धन का दावा किया जा सकता है।
आवेदन उस नियोक्ता के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिसके अधीन सदस्य अंतिम बार कार्यरत था। यदि दावा ईपीएफइंडिया वेबसाइट से डाउनलोड किए गए फॉर्म के माध्यम से किया गया है, तो सभी पृष्ठों पर दावेदार के साथ-साथ नियोक्ता के भी हस्ताक्षर होने चाहिए।
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