Sunil Sharma
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Panchak 2023: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण तथा शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र के चारों चरणों में भ्रम करता है तो उसे पंचक कहा जाता है। ये सभी नक्षत्र अशुभ माने गए हैं, अतः चन्द्रमा का इनमें गोचर भी अशुभ कहा गया है। प्रचलित मान्यताओं के मुताबिक इन नक्षत्रों में कार्य आरंभ करने पर हानि की संभावना बनी रहती है। अत: ऐसे समय पर सभी शुभ कार्यों को यथासंभव टालना चाहिए।
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पंचांग की गणना के अनुसार मार्च माह में पंचक 19 मार्च 2023, रविवार को सुबह 11.17 बजे आरंभ होंगे। इनका समापन 23 मार्च 2023 को दोपहर 2.08 बजे होगा। इस दौरान सभी प्रकार के शुभ कार्य यथासंभव स्थगित रखने चाहिए। हालांकि पंचक काल में नाम जप तथा अन्य पूजा आदि के अनुष्ठान किए जा सकते हैं।
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इस बार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च 2023, बुधवार को आरंभ हो रहे हैं। ऐसे में नवरात्रि का आगमन पंचक में हो रहा है। इस वजह से नवरात्रि भी बहुत ही खास बन गए हैं। नवरात्रा पर घट स्थापना भी पंचक काल में ही की जाएगी। अत: इस संबंध में किसी अच्छे विद्वान ज्योतिषी से मुहूर्त पूछ कर ही घट स्थापना का कार्य आरंभ करें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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