US Iran Ceasefire: हफ्तों से जारी भीषण सैन्य हमलों और तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों को लेकर एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है. दोनों देशों के बीच 60 दिनों के एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) यानी प्रारंभिक समझौते पर सहमति बन गई है. इस बेहद खास डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी युद्ध पर तुरंत रोक (सीजफायर) लगाना और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत शुरू करना है. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते पर अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है.
युद्ध के बीच पर्दे के पीछे बनी बात
यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब दोनों देश एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं. अमेरिकी सेना ने हाल ही में दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नावों पर रक्षात्मक हमले किए थे. इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट के पास खतरा पैदा कर रहे चार ईरानी ड्रोनों को मार गिराया गया था और बंदर अब्बास में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को तबाह कर दिया गया था. वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी इस पर जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की थी. इस भारी तनाव के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि उनका प्रशासन शांति वार्ता में लगातार प्रगति कर रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की कोशिश
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य ध्यान एक ऐसे समझौते पर है जिससे ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को दोबारा जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही के लिए खोला जा सके. मालूम हो कि दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा (20%) इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है. युद्ध की वजह से इस रूट पर भारी पाबंदियां लगी हुई थीं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट मंडरा रहा था.
परमाणु हथियार और प्रतिबंधों पर टिकी है नजर
इस 60 दिनों के समझौते के तहत अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च संवर्द्धित यूरेनियम (High-Enriched Uranium) के भंडार को छोड़ दे और परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताए. दूसरी तरफ, भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा ईरान अपने ऊपर लगे कड़े अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और विदेशों में जब्त की गई अपनी अरबों डॉलर की संपत्तियों को मुक्त करने की मांग कर रहा है ताकि अपनी चरमराई अर्थव्यवस्था को सहारा दे सके.
फिलहाल, दुनिया भर की निगाहें वॉशिंगटन पर टिकी हैं कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सीजफायर समझौते को हरी झंडी दिखाते हैं या नहीं. अगर ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए तो मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी युद्ध पर फिलहाल विराम लग जाएगा.
संबंधित खबरें
Explainer: दूसरे देश की फ्लाइट उड़ाने के क्या हैं नियम, कोई पाकिस्तानी पायलट भारत में उड़ा सकता है विमान?
36 mins agoकॉकपिट के अंदर क्या हुआ था? फ्लाईदुबई फ्लाइट का नया VIDEO आया सामने; घुटनों पर बैठा दिखा हमलावर
2 hrs ago'PM मोदी के विचारों से रुक सकती है यूक्रेन जंग', पुतिन ने शांति प्रयासों की खुलकर की तारीफ
4 hrs agoAaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: दिल्ली के बाराखंभा मेट्रो स्टेशन की एंट्री-एग्जिट बंद, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी
4 hrs ago'कनेक्शन मिला तो बुरा होगा अंजाम', डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, जानें फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे पर क्या बोले?
5 hrs agoईरान पर फिर भीषण हमले की तैयारी, डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में तैनात किए 9000 सैनिक और 3 एयरक्राफ्ट कैरियर
6 hrs ago'मुझे मार डालो', पकड़े जाने के बाद घुटनों के बल बैठकर क्यों चीखा ओमानी पायलट?
13 hrs agoफ्रांस में उग्र हुआ छात्रों का आंदोलन, Gen-Z का गुस्सा देख PM लेकोर्नू ने मंत्रियों संग की आपात बैठक
13 hrs ago9 महीने पहले भर्ती… इस्लामी कट्टरपंथ वाली विचारधारा, फ्लाईदुबई के ओमानी पायलट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
17 hrs agoसर और पैर पर गहरे जख्म के बावजूद पायलट स्मित मच्छार ने बचाई 174 लोगों की जान, फ्लाईदुबई के यात्री ने बताया आंखों देखा हाल
19 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines