टल गया ईरान-अमेरिका का युद्ध? आमने-सामने बैठेंगे दोनों देश, तुर्की में करेंगे न्यूक्लियर डील के लिए वार्ता

US Iran Nuclear Deal Talk: अमेरिका और ईरान न्यूक्लियर डील करने के लिए टेबल पर बैठने को राजी हो गए हैं और बातचीत कहां-कब होगी, यह भी फाइनल हो गया है. अमेरिका की घेराबंदी के चलते मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध की संभावना से ईरान और अमरेिका बातचीत करने के लिए माने हैं.

US Iran Tension

अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करने का संकल्प लिया है.

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US Iran Nuclear Deal Talk: एक तरफ रूस-यूक्रेन की जंग खत्म होने के संकेत मिले हैं, दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान में होने वाला संभावित युद्ध भी टल गया. क्योंकि दोनों देश टेबल पर एक दूसरे के सामने बैठेंगे. दोनों देश तुर्की में परमाणु समझौता करने के लिए बातचीत करेंगे. 6 फरवरी को तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में बातचीत होगी, जिसमें अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शिरकत करेंगे.

बैठक में अरब देशों के प्रतिनिधि भी होंगे

ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि इस्तांबुल में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बैठक में सऊदी अरब, मिस्र, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. वहीं बैठक का मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर चल रहे विवाद को कूटनीति से सुलझाना और मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध की संभावनाओं को खत्म करना है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव करने के लिए मॉस्को में भी बातचीत का दौर 2 दिन से जारी है.

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ईरान में अभी बेहद तनावपूर्ण हैं हालात

बता दें कि पिछले महीने ईरान में खामेनेई की सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे थे और हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था, जिस कारण ईरान में तख्तापलट के हालात बन गए थे. 1979 की क्रांति के बाद का सबसे घातक संकट ईरान ममें गहराया था. ईरान की इस तनावपूर्ण स्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे दखल नहीं दिया, लेकिन ईरान को चेतावनी देते हुए अपना नौसैनिक बेड़ा ईरान के आस-पास तैनात कर दिया और ईरान के साथ सीधी जंग जैसे हालात पैदा करके दुनिया को चौंका दिया.

अमेरिका ने ईरान के लिए रखीं 3 शर्तें

अमेरिका की घेराबंदी से घबराए ईरान ने परमाणु समझौते के लिए बातचीत करने पर सहमति जताई, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भी 3 शर्तें रख दी कि ईरान यूरेनियम की प्रोसेंसिग बंद करे, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम बंद करे और आतंकी गुटों को समर्थन देना भी बंद करे. ईरान ने तीनों मांगों को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और सिरे से खारिज कर दिया, लेकिन बिना किसी शर्त के बातचीत करने का ऑफर अमेरिका को दिया. यूरेनियम की प्रोसेसिंग भी कम मात्रा में करने की प्रतिबद्धता जताई.

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ईरान चाहता प्रतिबंध वापस लिए जाएं

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने कहा कि ईरान पर लगे प्रतिबंध खत्म किए जाने चाहिए. अमेरिका अपने नौसैनिक बेड़े को भी वापस ले जाए. वहीं अमेरिका और इजरायल की सख्ती के बाद हूती, हमास और हिजबुल्लाह को ईरान के समर्थन में कमी आई है और आगे इसके बिल्कुल कम होने की संभावना है. ईरान यूरेनियम की प्रोसेसिंग परमाणु हथियार बनाने के लिए नहीं, बल्कि बिजली की पूर्ति के लिए करता है, अमेरिका को ईरान के इस प्रोग्राम को लेकर गलतफहमी है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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