ईरान के इन 5 ठिकानों को सबसे पहले तबाह करेगा अमेरिका, ट्रंप क्यों बनाएंगे इन्हें टारगेट?

US Iran Tension: अमेरिका ने ईरान का बुरा हाल करने की ठान रखी है और अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए अमेरिका ने ईरान की रीढ़ की हड्डी को सबसे पहले तोड़ने का फैसला किया है. इसके लिए 5 टारगेट सेट किए गए हैं, जो तबाह हो गए तो ईरान घुटनों के बल हाथ जोड़ता हुआ रहम की गुहार लगाएगा.

Donald Trump | Ali Khamenei | Nuclear Plants

अमेरिका का मकसद ईरान के परमाणु ठिकानों को मिट्टी में मिलाना है.

US Attack Targets in Iran: अमेरिका ने ईरान पर चढ़ाई करने का प्लान बना लिया है. ईरान के आस-पास अमेरिकी नौसेना अपने युद्धपोत और फाइटर जेट्स के साथ तैनात है. वहीं अमेरिका ने ईरान में अपने टारगेट भी फाइनल कर लिए हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने टारगेट हिट करने के बाद ही रुकने का आदेश नौसेना को दिया है. CIA की खुफिया रिपोर्ट में बताए गए ईरान के हालातों को देखते हुए टारगेट सेट किए गए हैं.

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पांचों ठिकाने तबाह और घुटनों पर होगा ईरान

अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी राष्ट्रपति ट्रंप को सलाह दी है कि ईरान के उन ठिकानों को सबसे पहले तबाह किया जाए, जो देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उनके तबाह होने से ईरान अपने-आप घुटनों पर आ जाएगा. वहीं अमेरिका अगर हमला करेगा तो सबसे पहला अटैक अजरबैजान के रास्ते होगा, जहां अमेरिकी कमांडो की 2 टीमें तैनात हैं. जून 2025 में इजरायल ने भी अजरबैजान के रास्ते ही ईरान पर सबसे पहला हमला किया था.

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अमेरिका के साथ 2 और देश करेंगे हमला

बता दें कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका अकेला नहीं उतरेगा, बल्कि ब्रिटेन और इजरायल भी ईरान पर हमला कर सकते हैं. इजरायल पहले से ही ईरान का दुश्मन है और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इजरायल का साथ दिया था तो इजरायल भी ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ हर हाल में देगा. वहीं ब्रिटेन ने कतर और फारस की खाड़ी में सेना के साथ अपने फाइटर जेट तैनात किए हुए हैं, जो अलर्ट मोड पर हैं.

ये 5 ठिकाने होंगे अमेरिका का टारगेट

1. अमेरिका का सबसे पहला टारगेट ईरान के 12 न्यूक्लियर प्लांट फोर्डो, नतांज, इस्फहान, तेहरान, बुशेहर, कराज, अराक, अनराक, सगहंद, अरदकान, सिरिक, दरखोविन होंगे. जून 2025 में अमेरिका ने फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हमला किया था, लेकिन इस बार अमेरिका सभी 12 ठिकानों पर हमला कर सकता है. वहीं इन 12 प्लांट में सबसे खतरनाक प्लांट बुशेहर है, क्योंकि अगर इस पर हमले से परमाणु रिसाव हुआ तो समुद्र का पानी जहरीला हो जाएगा और खाड़ी देशों के लिए जीवन का संकट पैदा हो जाएगा, क्योंकि खाड़ी देशों के लोग पीने के लिए समुद्र के पानी को फिल्टर करते हैं.

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2. अमेरिका का दूसरा टारगेट ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का वह सीक्रेट बंकर होगा, जिसमें वह छिपकर बैठे हैं. कहा जाता है कि खामेनेई का बंकर अंडरग्राउंड कई किलोमीटर गहराई में है और इतना मजबूत है कि इसे भेदना मुश्किल है. हालांकि पिछली बार अमेरिका ने खामेनेई को चेतावनी देकर बख्श दिया था, लेकिन इस बार राष्ट्रपति ट्रंप खामेनेई को बख्शने के मूड में नहीं हैं.

3. अमेरिका का तीसरा टागरेट ईरान का मिसाइल बेस होगा, जो राजधानी तेहरान से कुछ किलोमीटर दूर कर्मनशाह शहर में है. अगर यह ठिकाना तबाह हो गया तो ईरान की सैन्य ताकत कमजोर पड़ जाएगी और फिर वह अमेरिका का सामना नहीं कर पाएगा.

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4. अमेरिका का चौथा टारगेट खतम अल अनबिया शहर होगा, जहां ईरान की सेना का हेड ऑफिस है और अगर यह मुख्यालय तबाह हुआ तो ईरान के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी. सेना के टूटने से ईरान की सरकार कमजोर पड़ जाएगी और घुटने टेकने को मजबूर होगी.

5. अमेरिका का 5वां टारगेट राजधानी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का हेड ऑफिस थारुल्लाह होगा. IRGC ईरान की कमांडो आर्मी है, जिसे बेहद खूंखार माना जाता है और इस पर दुनियाभर के 34 देश प्रतिबंध लगा चुके हैं. हाल ही में यूरोपीय यूनियन ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया था.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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