ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच बीते दिनों हमलों में अस्थायी रोक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और तेहरान सरकार के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ, जो किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा. इस बातचीत में अमेरिका और ईरान की शर्तें एक-दूसरे तक पहुंचाने वाले पाकिस्तान को अब यूएस ने बड़ा झटका दिया है. हाल ही में सामने आई एक अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान को ‘आतंकियों का पनाहगार देश’ बताया जो भारत में हमले के लिए तैयार किए जा रहे हैं.
रिपोर्ट में खुली पाकिस्तान की पोल
अमेरिकी कांग्रेस की शोध इकाई कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की ताजा रिपोर्ट ने पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रमुख केंद्र करार दिया है. सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र शोध इकाई है, जो सदस्यों को सूचित निर्णय लेने में सहायता के लिए रिपोर्ट तैयार करती है. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्षों की सैन्य कार्रवाइयों और नीतिगत उपायों के बावजूद पाकिस्तानी सरजमीं पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जिनमें भारत को निशाना बनाने वाले गुट प्रमुख हैं.
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पाकिस्तान में ‘जैश’ और ‘तैयबा’ एक्टिव
सीआरएस ने चेतावनी दी कि ये संगठन पाकिस्तान को आधार और निशाना दोनों के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और 2001 संसद हमले से जुड़े जैश-ए-मोहम्मद जैसे भारत-केंद्रित गुट पाकिस्तानी क्षेत्र से संचालित हो रहे हैं. रिपोर्ट में कुल 15 संगठनों का उल्लेख है, जिनमें से 12 अमेरिकी कानून के तहत विदेशी आतंकी संगठन घोषित हैं. अधिकांश इस्लामी उग्रवादी वैचारिकता से प्रेरित हैं.
पाकिस्तान में तेजी से बढ़ा आतंकवाद
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में आतंकवाद तेजी से बढ़ा है. 2019 में 365 मौतों तक गिरावट के बाद संख्या सालाना बढ़ी एवं 2025 में 4,001 तक पहुंच गई, जो 11 वर्षों का उच्चतम आंकड़ा है. 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद उग्रवाद में पुनरुत्थान हुआ. पाकिस्तान वर्तमान में आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश है.
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