---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

ट्रंप के लिए ‘डाकिया’ बने पाकिस्तान की US ने खोली पोल, रिपोर्ट में बताया- ‘आतंकियों का पनाहगार देश’

अमेरिकी कांग्रेस की शोध इकाई कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की ताजा रिपोर्ट ने पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रमुख केंद्र करार दिया है. सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र शोध इकाई है, जो सदस्यों को सूचित निर्णय लेने में सहायता के लिए रिपोर्ट तैयार करती है.

---विज्ञापन---

ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच बीते दिनों हमलों में अस्थायी रोक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और तेहरान सरकार के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ, जो किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा. इस बातचीत में अमेरिका और ईरान की शर्तें एक-दूसरे तक पहुंचाने वाले पाकिस्तान को अब यूएस ने बड़ा झटका दिया है. हाल ही में सामने आई एक अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान को ‘आतंकियों का पनाहगार देश’ बताया जो भारत में हमले के लिए तैयार किए जा रहे हैं.

रिपोर्ट में खुली पाकिस्तान की पोल

अमेरिकी कांग्रेस की शोध इकाई कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की ताजा रिपोर्ट ने पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रमुख केंद्र करार दिया है. सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र शोध इकाई है, जो सदस्यों को सूचित निर्णय लेने में सहायता के लिए रिपोर्ट तैयार करती है. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्षों की सैन्य कार्रवाइयों और नीतिगत उपायों के बावजूद पाकिस्तानी सरजमीं पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जिनमें भारत को निशाना बनाने वाले गुट प्रमुख हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ईरान के खिलाफ US-इजरायल की जंग को एक महीने पूरे, युद्ध में अब तक कितने रुपये हो गए ‘स्वाहा’?

पाकिस्तान में ‘जैश’ और ‘तैयबा’ एक्टिव


सीआरएस ने चेतावनी दी कि ये संगठन पाकिस्तान को आधार और निशाना दोनों के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और 2001 संसद हमले से जुड़े जैश-ए-मोहम्मद जैसे भारत-केंद्रित गुट पाकिस्तानी क्षेत्र से संचालित हो रहे हैं. रिपोर्ट में कुल 15 संगठनों का उल्लेख है, जिनमें से 12 अमेरिकी कानून के तहत विदेशी आतंकी संगठन घोषित हैं. अधिकांश इस्लामी उग्रवादी वैचारिकता से प्रेरित हैं.

---विज्ञापन---

पाकिस्तान में तेजी से बढ़ा आतंकवाद


रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में आतंकवाद तेजी से बढ़ा है. 2019 में 365 मौतों तक गिरावट के बाद संख्या सालाना बढ़ी एवं 2025 में 4,001 तक पहुंच गई, जो 11 वर्षों का उच्चतम आंकड़ा है. 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद उग्रवाद में पुनरुत्थान हुआ. पाकिस्तान वर्तमान में आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश है.

यह भी पढ़ें: रूस के पेट्रोल एक्सपोर्ट बैन का भारत पर क्या होगा असर, क्या देश में महंगा होगा तेल?

---विज्ञापन---
First published on: Mar 28, 2026 08:34 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

Read More

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola