Hormuz Strait Controversy: ईरान युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलनी ही होगी, नहीं तो अमेरिकी सेना इसे अपने कंट्रोल में लेगी। इस बीच स्ट्रेट के नाम को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। क्योंकि एक स्पीच ने ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया। उनके इस बयान के बाद अटकलें शुरू हो गईं कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलना चाहते हैं।
गलत नाम पर डोनाल्ड ट्रंप ने खेद जताया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गलती से होर्मुज स्ट्रेट को ट्रंप स्ट्रेट कह दिया। बता दें कि ट्रंप ने कहा कि उन्हें ट्रंप स्ट्रेट खोलना होगा… ओह, मेरा मतलब है, होर्मुज स्ट्रेट। माफ कीजिए, मुझे बहुत खेद है। बहुत बड़ी गलती हो गई, यानी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्ट्रेट का नाम जानबूझकर गलत नाम बोला और फिर कहा कि मैं गलत आमतौर पर नहीं बोलता। इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज को लेकर बड़ा प्लान बनाया है, जिसके तहत होर्मुज को लेकर बड़े बदलाव हो सकते हैं।
BIG NEWS 🚨 Trump accidentally called the Strait of Hormuz the "Strait of Trump" 😳
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) March 28, 2026
"They have to open up the Strait of Trump… Oh I mean, Hormuz"
"Excuse me, I’m so sorry. Such a terrible mistake" pic.twitter.com/CNQVmqUs1I
क्या बदला जा सकता है होर्मुज का नाम?
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को अपने नाम पर ऐतिहासिक जगहों का नाम रखने का शौक है। 20 जनवरी 2025 से शुरू हुए अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने वाशिंगटन में कई जगहों का नाम अपने नाम पर रखा। इसलिए होर्मुज के नाम को पहले गलत बोलना और फिर कहना कि मेरे साथ गलती नहीं होती, महज इत्तेफाक नहीं बल्कि सोची समझी प्लानिंग हो सकती है। लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप किसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते का नाम बदल सकते है?
विशेषज्ञ इसके जवाब में कहते हैं कि नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। क्योंकि होमुज स्ट्रेट इंटरनेशनल शिपिंग लाइन है। इस पर न अकेले ईरान का हक है और न ही अकेले अमेरिकाका हक है। इस शिपिंग लाइन का संचालन विश्व के कई देशों के आपसी समझौतों के तहत होता है। इसलिए किसी भी एक देश या नेता को इनका नाम, रास्ता, वर्किंग या संचालन प्रक्रिया केा बदलने का हक नहीं है। इसलिए होर्मुज का नाम अपने नाम के साथ जोड़ने का कोई मतलब नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कहने पर क्यों छिड़ा विवाद?
विशेषज्ञ कहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को ट्रंप स्ट्रेट कहने से स्ट्रेट का नाम नहीं बदल जाएगा, लेकिन उनके बयान को मामूली भी नहीं कह सकते। क्योंकि इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में लैंग्वेज का बहुत महत्व है। बेशक नाम नहीं बदला जा सकता है, लेकिन उनका होर्मुज स्ट्रेट को ट्रंप स्ट्रेट कहना होर्मुज पर अमेरिका के कंट्रोल और मालिकाना हक का संकेत है। इसलिए ट्रंप का खास अंदाज गलती करके गलती नहीं हो सकती कहना, सोची समझी रणनीति हो सकता है।
दरअसल ट्रंप का दबाव बनाने का एक खास अंदाज है। जिसके लिए उनके बारे में एक शख्स TACO (Trump Always Chickens Out) इस्तेमाल किया जाता है। यानी ट्रंप के बारे में कहा जाता है कि मामला कोई भी हो, अकसर वे पीछे हट जाते हैं। जैसे एक महीना हमले करने के बाद उन्होंने ईरान को 10 दिन का टाइम देकर हमलों से बैकआउट कर लिया। बेशक वे बाद में अपने फैसले और बयान वापस ले लें, लेकिन बयानों-फैसलों से वे प्रतिक्रियाएं-माहौल परखते हैं।
SECRETARY RUBIO: One of the immediate challenges we're going to face is an Iran that may decide that they want to set up a tolling system in the Strait of Hormuz. Not only is this illegal, it's unacceptable, it's dangerous for the world. pic.twitter.com/fDWfgtfYZ1
— Department of State (@StateDept) March 27, 2026
होर्मुज स्ट्रेट पर मजाक करना सही नहीं
विशेषज्ञ कहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मजाक करना ठीक नहीं है। क्योंकि इस इंटरनेशनल शिपिंग लाइन पर कोई बयान देना गंभीर परिणाम दे सकता है। क्योंकि दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी स्ट्रेट से होती है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और वैश्विक बाजारों के बीच मेन शिपिंग लाइन है। इसमें जरा-सी रुकावट विश्व स्तर पर ऊर्जा का गहरा संकट पैदा कर सकती है। ऐसे बयान सिर्फ मजाक नहीं होते, बल्कि आर्थिक नुकसान बढ़ा सकते हैं।










