पाकिस्तानी भिखारियों से परेशान सऊदी अरब, 56000 बैगर्स को फिर से भगाया, कमाई जान चौंक जाएंगे आप

Pakistani Beggars: 1958 के आवारागर्दी अध्यादेश के अनुसार पाकिस्तान में बच्चों के भीख मांगने पर मजबूर करने पर 3 साल की सजा का प्रावधान है. बावजूद इससे देश में भीख मांगने का रैकिट एक्टिव है, जिस पर प्रशासन का भी कोई जोर नहीं है.

Pakistani Beggars

Pakistani Beggars: पाकिस्तान दुनिया में और कितनी बार अपनी नाक कटाएगा, ये सवाल आज हर कोई पूछ रहा है. देश के लिए इससे बड़ी शर्मनाक घटना और क्या होगी कि सऊदी अरब ने एक बार फिर से वहां रह रहे करीब 56000 पाकिस्तानी भिखारियों को डिपोर्ट कर वापस भेज दिया है. ये पहली बार नहीं है, जब विश्वस्तर पर पाकिस्तान की इतनी बड़ी बेइज्जती हुई हो, इससे पहले भी UAE से कई भिखारियों को PAK भेजा गया है. सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल होते ही, एक बार फिर पड़ोसी मुल्क की सरकार ट्रोल हो रही है.

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अरब देशों में भिखारियों का रैकेट


आपको जानकर हैरानी होगी कि ये पाकिस्तानी भिखारी टूरिस्ट वीजा पर यूएई, ओमान जैसे देशों में पहुंचते हैं और फिर वहां अपनी भीख मांगने का धंधा शुरू करते हैं. इसके पीछे एक पूरा रैकेट काम करता है, जो अरब देशों में एक्टिव है. अरब देशों में भीख मांगने पर कानूनी प्रतिबंध है, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में पाकिस्तान नागरिक यहां भीख मांगने पहुंच जाते हैं. इसकी एक बड़ी वजह पाकिस्तान की गरीबी और अरब देशों में भीख से होने वाली मोटी कमाई है. इनकी एक साल की कमाई का खुलासा खुद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने किया है.

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कितना कमा लेते हैं पाकिस्तानी भिखारी?


पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पड़ोसी मुल्क के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने बताया कि देश में इस समय लगभग 22 मिलियन भिखारी एक्टिव हैं, जो एक साल में करीब 42 अरब रुपये कमा लेते हैं. इनमें से कुछ विदेश की धरती पर जाकर भीख मांगते हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तान की छवि खराब होती है. रक्षा मंत्री ने डिपोर्ट किए गए पाकिस्तानी भिखारियों का एक आंकड़ा शेयर करते हुए बताया कि इस साल अप्रैल में अकेले सऊदी अरब ने कम से कम 4700 भिखारियों को डिपोर्ट किया है. भिखारियों की लगातार बढ़ती संख्या पर ख्वाजा मोहम्मद ने चिंता भी जाहिर की.

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पाकिस्तान में भीख मंगवाने की सजा


आपको बता दें कि 1958 के आवारागर्दी अध्यादेश के अनुसार पाकिस्तान में बच्चों के भीख मांगने पर मजबूर करने पर 3 साल की सजा का प्रावधान है. बावजूद इससे देश में भीख मांगने का रैकिट एक्टिव है, जिस पर प्रशासन का भी कोई जोर नहीं है. अब ये गिरोह पाकिस्तान से बाहर दूसरे देशों में भी अपनी पहुंच बना रहे हैं. सऊदी अरब में भी भीख मांगने पर बैन लगा हुआ है. भीख मांगने या मंगवाने पर पकड़े जाने के बाद विदेशी व्यक्तियों को कानून के तहत सजा दी जाती है और रिहा होने पर उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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