आज के समय में ज्यादातर लोग अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज DigiLocker और mParivahan जैसे ऐप में सेफ रखते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि अगर सभी दस्तावेज मोबाइल में मौजूद हैं, तो क्या ट्रैफिक पुलिस फिर भी उनकी कार या बाइक सीज कर सकती है? हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद ये सवाल और भी चर्चा में आ गया है. दरअसल, वायरल वीडियो में दावा किया गया कि एक बाइक राइडर ने ट्रैफिक पुलिस को DigiLocker में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस और बाकी दस्तावेज दिखाए, लेकिन इसके बावजूद उसकी बाइक सीज कर ली गई. हालांकि, इस घटना की ऑफिशियल पुष्टि अभी नहीं हुई है.
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DigiLocker के दस्तावेज मान्य हैं?
भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत DigiLocker और mParivahan में मौजूद वाहन संबंधी दस्तावेजों को कानूनी मान्यता दी है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, इन ऐप्स में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और बाकी डॉक्यूमेंट्स बाकी दस्तावेजों के बराबर वैलिड हैं. सामान्य जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस इन्हें मंजूर कर सकती है. कई लोग ये गलती करते हैं कि वो DigiLocker का स्क्रीनशॉट या मोबाइल गैलरी में सेव दस्तावेजों की फोटो दिखा देते हैं. लेकिन कानून के मुताबिक, सिर्फ DigiLocker या mParivahan ऐप में मौजूद लाइव डिजिटल दस्तावेज ही वैलिड माने जाते हैं. स्क्रीनशॉट, फोटो, व्हाट्सएप पर भेजी गई कॉपी या फोटोकॉपी को ऑफिशियल दस्तावेज नहीं माना जाता.
कब सीज हो सकती है गाड़ी?
सिर्फ इसलिए कि आपके पास DigiLocker में दस्तावेज हैं, इसका मतलब ये नहीं कि हर हालात में वाहन जब्त नहीं होगा. अगर ड्राइविंग लाइसेंस या RC की वैलिडिटी खत्म हो चुकी है, दस्तावेज फर्जी हैं, ड्राइवर के पास वैलिड लाइसेंस नहीं है या व्हीकल किसी गंभीर यातायात नियम के उल्लंघन में शामिल है, तो पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है. ऐसी स्थिति में वाहन सीज भी किया जा सकता है. वाहन चलाने से पहले ये सुनिश्चित करें कि DigiLocker या mParivahan ऐप में आपके सभी दस्तावेज अपडेट और वैध हों. ड्राइविंग लाइसेंस, RC, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) की समय-समय पर वैलिडिटी जांचते रहें. जांच के दौरान हमेशा ऐप के अंदर मौजूद लाइव दस्तावेज ही दिखाएं और मोबाइल में पर्याप्त बैटरी भी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज आसानी से दिखाए जा सकें.
ये भी पढ़ें: Telegram पर फिल्में देखने वालों को तगड़ा झटका! सरकार ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, बंद होंगे चैनल?
आज के समय में ज्यादातर लोग अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज DigiLocker और mParivahan जैसे ऐप में सेफ रखते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि अगर सभी दस्तावेज मोबाइल में मौजूद हैं, तो क्या ट्रैफिक पुलिस फिर भी उनकी कार या बाइक सीज कर सकती है? हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद ये सवाल और भी चर्चा में आ गया है. दरअसल, वायरल वीडियो में दावा किया गया कि एक बाइक राइडर ने ट्रैफिक पुलिस को DigiLocker में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस और बाकी दस्तावेज दिखाए, लेकिन इसके बावजूद उसकी बाइक सीज कर ली गई. हालांकि, इस घटना की ऑफिशियल पुष्टि अभी नहीं हुई है.
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DigiLocker के दस्तावेज मान्य हैं?
भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत DigiLocker और mParivahan में मौजूद वाहन संबंधी दस्तावेजों को कानूनी मान्यता दी है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, इन ऐप्स में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और बाकी डॉक्यूमेंट्स बाकी दस्तावेजों के बराबर वैलिड हैं. सामान्य जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस इन्हें मंजूर कर सकती है. कई लोग ये गलती करते हैं कि वो DigiLocker का स्क्रीनशॉट या मोबाइल गैलरी में सेव दस्तावेजों की फोटो दिखा देते हैं. लेकिन कानून के मुताबिक, सिर्फ DigiLocker या mParivahan ऐप में मौजूद लाइव डिजिटल दस्तावेज ही वैलिड माने जाते हैं. स्क्रीनशॉट, फोटो, व्हाट्सएप पर भेजी गई कॉपी या फोटोकॉपी को ऑफिशियल दस्तावेज नहीं माना जाता.
कब सीज हो सकती है गाड़ी?
सिर्फ इसलिए कि आपके पास DigiLocker में दस्तावेज हैं, इसका मतलब ये नहीं कि हर हालात में वाहन जब्त नहीं होगा. अगर ड्राइविंग लाइसेंस या RC की वैलिडिटी खत्म हो चुकी है, दस्तावेज फर्जी हैं, ड्राइवर के पास वैलिड लाइसेंस नहीं है या व्हीकल किसी गंभीर यातायात नियम के उल्लंघन में शामिल है, तो पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है. ऐसी स्थिति में वाहन सीज भी किया जा सकता है. वाहन चलाने से पहले ये सुनिश्चित करें कि DigiLocker या mParivahan ऐप में आपके सभी दस्तावेज अपडेट और वैध हों. ड्राइविंग लाइसेंस, RC, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) की समय-समय पर वैलिडिटी जांचते रहें. जांच के दौरान हमेशा ऐप के अंदर मौजूद लाइव दस्तावेज ही दिखाएं और मोबाइल में पर्याप्त बैटरी भी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज आसानी से दिखाए जा सकें.
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