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मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी ‘महाजंग’, ईरान के अबू मूसा द्वीप समेत 5 इलाकों में अमेरिका के हवाई हमले, धमाकों से लोगों में दहशत

Middle East War: अमेरिका ने ईरान पर फिर हमला कर दिया है और इस बार ईरान का नामोनिशां मिटा देने का संकल्प राष्ट्रपति ट्रंप ने किया है। समुद्री जहाजों पर ईरान के हमले से राष्ट्रपति ट्रंप भड़के और उन्होंने तुर्की के अंकारा में ही हाई लेवल मीटिंग बुलाकर पहले ईरान से समझौता खत्म किया और फिर सैन्य अभियान चलाने का आदेश दिया।

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मिडिल ईस्ट में फिर महाजंग छिड़ गई है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर फिर हवाई हमले किए हैं। लगातार दूसरे दिन अमेरिका ने ईरान में सैन्य अभियान चलाया। बंदर अब्बास, चाबहार पोर्ट, सीरिक, अबू मूसा द्वीप, कोनारक, बुशहर समेत कई इलाकों में बमबारी की। इन इलाकों में 10 से ज्यादा धमाके सुने गए। हमलों में रेलवे ब्रिज ध्वस्त हुआ है। वहीं चाबहार पोर्ट पर बिजली ठप हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को समुद्री जहाजों पर ईरान के हमले का जवाब बताया है।

अंकारा में मीटिंग बुलाकर दिया हमले का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अब ईरान में विध्वंस की धमकी दी है। उन्होंने ईरान के साथ शांति समझौता खत्म कर दिया और अब ईरान के साथ कभी बातचीत-समझौता न करने का संकल्प लिया है। तुर्की के अंकारा में हाई लेवल मीटिंग बुलाकर उन्होंने सेना को ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया। उसके बाद से ही ईरान हमलों से दहल रहा है। ईरान की न्यूज एजेंसी मेहर ने भी बंदर अब्बास में धमाकों की पुष्टि की है। हमले में 2 मछुआरों की मौत की खबर भी आई है।

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चाबहार और बुशहर में प्रोजेक्टाइल से हमला

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव है। चाबहार में अस्पताल पर हमला किया गया। शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और शिपिंग कंट्रोल टावर को हमले में नुकसान पहुंचा है। बुशहर भी 2 प्रोजेक्टाइल गिरे हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर चाबहार में हमले के बाद उठती आग की लपटों की तस्वीर शेयर करके लिखा है कि ये विध्वंस समुद्री जहाजों पर ईरान के हमले का जवाब है, अंजाम अभी इससे और ज्यादा गंभीर होगा।

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ईरान ने 3 समुद्री जहाजों पर किया था हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान पर हमलों की पुष्टि की है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिख कर बताया कि नाटो ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान का समर्थन किया है। ईरान ने 7 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे 3 व्यापारिक जहाजों पर मिसाइलों और ड्रोनों से ताजा हमले किए हैं। इन जहाजों में एक सऊदी अरब का क्रूड ऑयल टैंकर और एक कतर का LNG टैंकर था। इन हमलों के जवाब में ही अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौता खत्म किया है।

ईरान के रास्ते से आवाजाही न करने का विवाद

ईरान ने समुद्री जहाजों पर इसलिए हमला किया, क्योंकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्री जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे अमेरिका के द्वारा प्रस्तावित ओमान के पास वाले समुद्री रास्ते से आवाजाही न करें। जहाजों को अपनी सुरक्षा के लिए ईरान के द्वारा निर्धारित रूट से ही गुजरना होगा। ईरान के हमल से कतर के जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी। अमेरिका ने ईरान के इसी हमले को सीजफायर (MoU) का सीधा उल्लंघन माना है और जवाबी हमले किए।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 8 और 9 जुलाई की सुबह ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की। साउथ ईरान में बंदर अब्बास, केशम द्वीप, अबू मूसा द्वीप समेत 80 ठिकानों को तबाह कर दिया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने देशों से फिलहाल अपने जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में नहीं भेजने की अपील की है। फारस की खाड़ी में फंसे 6000 नाविकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। और जहाज भेजकर लोगों की जान खतरे में न डालें।

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First published on: Jul 09, 2026 06:12 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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