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अमेरिका के फैसले से क्यों डरा ब्राजील? क्या वेनेजुएला जैसा ऑपरेशन करने वाले हैं ट्रंप

अमेरिका ने ब्राजील के दो बड़े क्रिमिनल ग्रुप्स को आतंकी संगठन घोषित कर दिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. ब्राजील सरकार को डर है कि इस फैसले का इस्तेमाल आने वाले वक्त में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के तौर पर किया जा सकता है.

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ब्राजील इन दिनों डरा हुआ है कि कहीं अमेरिका उसके साथ वेनेजुएला जैसा ऑपरेशन ना कर दे. अमेरिका के एक बड़े फैसले के बाद ब्राजील में राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर चिंता बढ़ गई है. अमेरिकी प्रशासन ने ब्राजील के दो कुख्यात आपराधिक संगठनों कोमांडो वर्मेल्हो (Comando Vermelho-CV) और प्रिमेरो कोमांडो दा कैपिटल (Primeiro Comando da Capital-PCC) को विदेशी आतंकी संगठन (Foreign Terrorist Organization) घोषित कर दिया है. इसके बाद ब्राजील सरकार को डर है कि भविष्य में अमेरिका इस फैसले का हवाला देकर उसके अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर सकता है.

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अमेरिका ने क्यों उठाया ये कदम?

ब्राजील के विदेश मंत्री ने संसद को भेजे एक पत्र में कहा है कि अमेरिकी फैसले के बाद देश में मिलिट्री एक्शन या किसी तरह के हस्तक्षेप का जोखिम बढ़ गया है. सरकार का कहना है कि संगठित अपराध से निपटना ब्राजील की अपनी जिम्मेदारी है और किसी भी बाहरी देश को इस आधार पर दखल देने का अधिकार नहीं होना चाहिए. अमेरिका का आरोप है कि दोनों गैंग बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और हिंसक अपराधों में शामिल हैं. अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इन संगठनों की एक्टिविटीज सिर्फ ब्राजील तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर कई देशों तक पहुंच चुका है. इसी वजह से इन्हें विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया गया है.

ब्राजील की सरकार क्यों है परेशान?

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार ने अमेरिकी फैसले का विरोध किया है. सरकार का कहना है कि ये कदम ब्राजील की संप्रभुता में दखल जैसा है. ब्राजील को डर है कि आतंकवादी संगठन घोषित होने के बाद अमेरिका भविष्य में मिलिट्री या सीक्रेट ऑपरेशन चलाने का तर्क पेश कर सकता है. इस फैसले से दोनों देशों के बीच पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सहयोग पर असर पड़ सकता है. अब तक ड्रग्स तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ दोनों देश मिलकर कई अभियान चलाते रहे हैं. लेकिन नए फैसले के बाद संयुक्त जांच, खुफिया जानकारी साझा करने और बाकी सुरक्षा सहयोग में रुकावट आने की आशंका जताई जा रही है.

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First published on: Jul 08, 2026 11:46 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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