अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुआ अंतरिम शांति समझौता खत्म कर दिया है। वहीं उन्होंने अपनी हत्या कराए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि वे ईरान की किल लिस्ट में सबसे ऊपर है, लेकिन वे अपना काम कर रहे हैं और उन्हें जान को खतरे की परवाह नहीं है। ईरान ने फिर से समुद्री जहाजों को निशाना बनाया है, इसलिए ईरान को अब बहुत बुरा अंजाम भुगतना होगा। अब ईरान के साथ अमेरिका जिंदगी में कभी कोई समझौता नहीं करेगा और न ही बातचीत होगी।
ईरान की सेना-सरकार बदला लेना चाहती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में विध्वंस मचाने का संकल्प लिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि वे ईरान के नंबर वन टारगेट हैं और तेहरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। ईरान की सरकार, सेना और जनता उनसे बदला लेने पर तुली हुई है। ईरान के साथ अब कोई समझौता अब संभव नहीं है। बता दें कि मीडिया और अमेरिका में अब उनके इसी बयान की चर्चा है और कहा जा रहा है कि अपनी हत्या के डर से ही उन्होंने ईरान के साथ हुए शांति समझौते को खत्म करके हमला किया।
डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान का नंबर वन टारगेट
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के लीडर घटिया लोग है और 47 साल से वे यही कर रहे हैं। वे अब ईरान का 'नंबर वन टारगेट' है। मैंने तनाव को बढ़ाने की बजाय ईरान के मुद्दे को खत्म करने का प्रयास किया है। लेकिन ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। इसलिए ईरान के साथ बातचीत और समझौते की उम्मीद अब खत्म हो गई है। ईरान के साथ बातचीत और समझौता करना बस समय की बर्बादी है। वे समझौते का उल्लंघन करते हैं और उनकी इस हिम्मत का मुंहतोड़ जवाब उन्हें देना होगा।
ट्रंप ने अंकारा में बनाई हमले की रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप नाटो समिट के लिए तुर्की में हैं और अंकारा में ठहरे हुए हैं। ईरान के हमले की खबर मिलते ही उन्होंने अंकारा में हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ, मार्को रुबियो, स्कॉट बेसेंट और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन कैन शामिल हुए। इस मीटिंग में ही ट्रंप ने ईरान के खिलाफ शांति समझौता रद्द करने का ऐलान किया और ईरान पर जवाबी हमले का आदेश दिया। इसी मीटिंग में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले और उसके खात्मे की रणनीति बनाई।
मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी ‘महाजंग’, ईरान के अबू मूसा द्वीप समेत 5 इलाकों में अमेरिका के हवाई हमले, धमाकों से लोगों में दहशत
ईरान की भी अंतिम टकराव की तैयारी
ईरान की सेना और सरकार ने भी अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अंतिम टकराव की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिका के हमलों का पता चलते ही राष्ट्रपति पेजेशकियन इराक से लौट आए। उन्होंने अमेरिका पर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के प्रावधानों का उल्लंघन करने कर आरोप लगाया। लेकिन ईरान भी चुप नहीं बैठेगा, यानी ईरान ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। अब ट्रंप चाहें युद्धविराम तोड़ें या जारी रखें, ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर महायुद्ध छिड़ गया है और इस बार इस जंग को रोकने का कोई रास्ता नजर नहीं आता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुआ अंतरिम शांति समझौता खत्म कर दिया है। वहीं उन्होंने अपनी हत्या कराए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि वे ईरान की किल लिस्ट में सबसे ऊपर है, लेकिन वे अपना काम कर रहे हैं और उन्हें जान को खतरे की परवाह नहीं है। ईरान ने फिर से समुद्री जहाजों को निशाना बनाया है, इसलिए ईरान को अब बहुत बुरा अंजाम भुगतना होगा। अब ईरान के साथ अमेरिका जिंदगी में कभी कोई समझौता नहीं करेगा और न ही बातचीत होगी।
ईरान की सेना-सरकार बदला लेना चाहती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में विध्वंस मचाने का संकल्प लिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि वे ईरान के नंबर वन टारगेट हैं और तेहरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। ईरान की सरकार, सेना और जनता उनसे बदला लेने पर तुली हुई है। ईरान के साथ अब कोई समझौता अब संभव नहीं है। बता दें कि मीडिया और अमेरिका में अब उनके इसी बयान की चर्चा है और कहा जा रहा है कि अपनी हत्या के डर से ही उन्होंने ईरान के साथ हुए शांति समझौते को खत्म करके हमला किया।
डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान का नंबर वन टारगेट
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के लीडर घटिया लोग है और 47 साल से वे यही कर रहे हैं। वे अब ईरान का ‘नंबर वन टारगेट’ है। मैंने तनाव को बढ़ाने की बजाय ईरान के मुद्दे को खत्म करने का प्रयास किया है। लेकिन ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। इसलिए ईरान के साथ बातचीत और समझौते की उम्मीद अब खत्म हो गई है। ईरान के साथ बातचीत और समझौता करना बस समय की बर्बादी है। वे समझौते का उल्लंघन करते हैं और उनकी इस हिम्मत का मुंहतोड़ जवाब उन्हें देना होगा।
ट्रंप ने अंकारा में बनाई हमले की रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप नाटो समिट के लिए तुर्की में हैं और अंकारा में ठहरे हुए हैं। ईरान के हमले की खबर मिलते ही उन्होंने अंकारा में हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ, मार्को रुबियो, स्कॉट बेसेंट और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन कैन शामिल हुए। इस मीटिंग में ही ट्रंप ने ईरान के खिलाफ शांति समझौता रद्द करने का ऐलान किया और ईरान पर जवाबी हमले का आदेश दिया। इसी मीटिंग में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले और उसके खात्मे की रणनीति बनाई।
मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी ‘महाजंग’, ईरान के अबू मूसा द्वीप समेत 5 इलाकों में अमेरिका के हवाई हमले, धमाकों से लोगों में दहशत
ईरान की भी अंतिम टकराव की तैयारी
ईरान की सेना और सरकार ने भी अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अंतिम टकराव की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिका के हमलों का पता चलते ही राष्ट्रपति पेजेशकियन इराक से लौट आए। उन्होंने अमेरिका पर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के प्रावधानों का उल्लंघन करने कर आरोप लगाया। लेकिन ईरान भी चुप नहीं बैठेगा, यानी ईरान ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। अब ट्रंप चाहें युद्धविराम तोड़ें या जारी रखें, ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर महायुद्ध छिड़ गया है और इस बार इस जंग को रोकने का कोई रास्ता नजर नहीं आता।