'टारगेट हूं मैं, बदला लेंगे वो और मेरी…', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा, जानें ईरान के साथ क्यों खत्म किया शांति समझौता?

Middle East War: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति समझौता खत्म करके ईरान पर हमले कर दिए हैं। वहीं अपनी हत्या होने की आंशका जताई है। उन्होंने तुर्की के अंकारा में मीडिया को ब्रीफ किया और ईरान से समझौता रद्द करने की वजह बताते हुए वार ऑर्डर की कहानी सुनाई।

donald trump

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का डर जताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुआ अंतरिम शांति समझौता खत्म कर दिया है। वहीं उन्होंने अपनी हत्या कराए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि वे ईरान की किल लिस्ट में सबसे ऊपर है, लेकिन वे अपना काम कर रहे हैं और उन्हें जान को खतरे की परवाह नहीं है। ईरान ने फिर से समुद्री जहाजों को निशाना बनाया है, इसलिए ईरान को अब बहुत बुरा अंजाम भुगतना होगा। अब ईरान के साथ अमेरिका जिंदगी में कभी कोई समझौता नहीं करेगा और न ही बातचीत होगी।

विज्ञापन

ईरान की सेना-सरकार बदला लेना चाहती

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में विध्वंस मचाने का संकल्प लिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि वे ईरान के नंबर वन टारगेट हैं और तेहरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। ईरान की सरकार, सेना और जनता उनसे बदला लेने पर तुली हुई है। ईरान के साथ अब कोई समझौता अब संभव नहीं है। बता दें कि मीडिया और अमेरिका में अब उनके इसी बयान की चर्चा है और कहा जा रहा है कि अपनी हत्या के डर से ही उन्होंने ईरान के साथ हुए शांति समझौते को खत्म करके हमला किया।

विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान का नंबर वन टारगेट

ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के लीडर घटिया लोग है और 47 साल से वे यही कर रहे हैं। वे अब ईरान का ‘नंबर वन टारगेट’ है। मैंने तनाव को बढ़ाने की बजाय ईरान के मुद्दे को खत्म करने का प्रयास किया है। लेकिन ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। इसलिए ईरान के साथ बातचीत और समझौते की उम्मीद अब खत्म हो गई है। ईरान के साथ बातचीत और समझौता करना बस समय की बर्बादी है। वे समझौते का उल्लंघन करते हैं और उनकी इस हिम्मत का मुंहतोड़ जवाब उन्हें देना होगा।

ट्रंप ने अंकारा में बनाई हमले की रणनीति

राष्ट्रपति ट्रंप नाटो समिट के लिए तुर्की में हैं और अंकारा में ठहरे हुए हैं। ईरान के हमले की खबर मिलते ही उन्होंने अंकारा में हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ, मार्को रुबियो, स्कॉट बेसेंट और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन कैन शामिल हुए। इस मीटिंग में ही ट्रंप ने ईरान के खिलाफ शांति समझौता रद्द करने का ऐलान किया और ईरान पर जवाबी हमले का आदेश दिया। इसी मीटिंग में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले और उसके खात्मे की रणनीति बनाई।

विज्ञापन

ईरान की भी अंतिम टकराव की तैयारी

ईरान की सेना और सरकार ने भी अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अंतिम टकराव की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिका के हमलों का पता चलते ही राष्ट्रपति पेजेशकियन इराक से लौट आए। उन्होंने अमेरिका पर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के प्रावधानों का उल्लंघन करने कर आरोप लगाया। लेकिन ईरान भी चुप नहीं बैठेगा, यानी ईरान ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। अब ट्रंप चाहें युद्धविराम तोड़ें या जारी रखें, ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर महायुद्ध छिड़ गया है और इस बार इस जंग को रोकने का कोई रास्ता नजर नहीं आता।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ