प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने दो देशों के दौरे के पहले पड़ाव के तहत उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे. ताशकंद एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने खुद मौजूद रहकर गर्मजोशी के साथ पीएम मोदी की अगवानी की. पीएम मोदी ने इस खास स्वागत के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार जताया और सोशल मीडिया पर लिखा, “राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के बीच ताशकंद पहुंच गया हूं. उनके इस खास सम्मान और अपनेपन के लिए मैं उनका आभारी हूं. यह मेरी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और लगातार मजबूत होती गति को दर्शाती है.” पीएम मोदी ने अंग्रेजी और उज्बेक दोनों भाषाओं में पोस्ट लिखकर राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया.
दौरे से रिश्तों को मिलेगी नई दिशा
उज्बेकिस्तान और भारत के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्ते रहे हैं. पीएम मोदी का यह चौथा दौरा दोनों देशों के आपसी सहयोग को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय साझेदारी, क्षेत्रीय विकास और आपसी हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.
व्यापार, रक्षा और कनेक्टिविटी पर होगी द्विपक्षीय बातचीत
29 और 30 अगस्त की दो दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम बैठक होगी. इस वार्ता में व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देने पर फोकस रहेगा. पीएम मोदी ने रवाना होने से पहले कहा था कि यह दौरा भारत के ‘विकसित भारत’ और उज्बेकिस्तान के ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ के साझा विजन को आगे बढ़ाने का बड़ा मौका है.
शास्त्री मेमोरियल और गांधी सेंटर का करेंगे दौरा
ताशकंद प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे. इसके साथ ही वे ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर का भी दौरा करेंगे.
इसके बाद किर्गिस्तान में SCO समिट में होंगे शामिल
उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे. वहां वे 30 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत एससीओ के मंच पर सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों (Security, Connectivity and Opportunity) के विजन को आगे बढ़ाएगा, ताकि क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से मुक्त किया जा सके.