Pakistan Protest And Violence: मिडिल ईस्ट में फैली युद्ध की आग पाकिस्तान तक पहुंच गई है। इजरायल-अमेरिका के जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत से पाकिस्तान का शिया समुदाय आक्रोशित है। अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में हिंसा भड़क गई। आक्रोशित लोगों ने कराची में अमेरिकी दूतावास को आग लगा दी। आज भी पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं।
BREAKING: In a surprising turn of Pakistan protest.. armed Pro-Iran Pakistani protesters whom enraged by the elimination of Supreme leader Ayatollah Ali Khamenei, violently breached the gates of U.S Consulate..😳😬
They were immediately met with greater fire power of U.S Marines pic.twitter.com/cJUh6bkFTc---विज्ञापन---— Bantu Biso🇺🇸📢🇺🇸 (@4ortunefame) March 2, 2026
गिलगित समेत कई शहरों में इंटरनेट बंद
वहीं पाकिस्तान में कल से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। US एंबेसी ने अपने सभी वीजा अपॅाइंटमेंट रद्द कर दिए हैं, यानी दूतावास का काम ठप हो गया है। जर्मन दूतावास का कामकाज भी ठप हो चुका है। कई शहरों में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई। कराची, इस्लामाबाद, लाहौर के अलावा गिलगित में भी अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। हालातों को देखते हुए गिलगित में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लोग सड़कों पर हैं और हिंसा होने की आशंका है।
खामेनेई की मौत से भड़का शिया समुदाय
बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में शिया समुदाय सड़कों पर उतरा और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। शिया मुस्लिम समुदाय के लोग खामेनेई को धार्मिक और राजनीतिक नेता मानते हैं, लेकिन अपने नेता की मौत से भड़के लोग कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर एकजुट हो गए।। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका मुदार्बाद और इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अमेरिकी दूतावास के अंदर घुसने की कोशिश की।
This is just one small example of the atrocities committed by the Pakistani military regime against its own people.
— Aftikhar Ahmad Amini (@Aftikhar_A2) March 2, 2026
As you can see, the police are directly firing at civilians, and as a result, a large number of people lost their lives.
From yesterday protests… pic.twitter.com/b2rc941IqF
सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मारे गए लोग
दूतावास में तैनात अमेरिकी सेना और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो वे भड़क गए। लोगों ने तोड़ फोड़ और आगजनी की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों का दमन करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। रबर बुलेट्स का भी इस्तेमाल किया। हालात कंट्रोल में नहीं आए तो मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इसकी गोलीबारी में कराची में करीब 16 लोगों की मौत हुई। इस्लामाबाद में भी हिंसक प्रदर्शन और आगजनी में लोगों ने अपनी जान गंवाई।
सोमवार सुबह गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। यहां पर भी हिंसक टकराव में कई लोगों की मौत हुई।










