हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

कातिल या फरिश्ता? 7 नवजातों की हत्यारी नर्स को बचाने आया शख्स, जानें क्या दे रहा दलील

Murderer Nurse Lucy Letby Case: नवजात बच्चों को मौत के घाट उतारने वाली नर्स को बचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वह उम्रकैद काट रही है। जिन सबूतों के आधार पर उसे दोषी ठहराया गया, उन पर सवाल उठाते हुए केस खोलने की मांग की जा रही है।

विज्ञापन
Protest For Murderer Nurse Lucy Letby Releasing

New Born Baby Murderer Nurse Case: एक नर्स ने 7 नवजातों को पैदा होते ही मौत के घाट उतार दिया। 7 नवजातों को उसने जान से मारने की कोशिश की। 15 आरोपों में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया कोर्ट कोर्ट ने उसे दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई। नर्स का नाम लूसी लेटबी है, जिसकी उम्र इस समय 34 साल है और HMP ब्रोंजफील्ड जेल में है। पुलिस के सामने उसने अपना गुनाह कबूल भी किया है।

उसने कहा था कि हां मैंने उन्हें मारा और जानबूझकर मारा, क्योंकि मैं उनकी देखभाल करने लायक नहीं हूं, लेकिन अब देश के प्रमुख शिक्षाविद, डॉक्टर और सांख्यिकीविद उन सबूतों पर सवाल उठाने के लिए आगे आए हैं, जिनके आधार पर उसको दोषी ठहराया गया था। लेटबी के समर्थकों ने अप्रैल 2024 में लंदन हाईकोर्ट के बाहर उसके लिए इंसाफ की मांग करते हुए बैनर लेकर नारेबाजी की थी और दावा किया था कि वे उसे जेल से बाहर निकाल लेंगे।

यह भी पढ़ें:फ्लाइट में पैसेंजर की मौत, इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई; वाराणसी से मुंबई जा रहा था विमान

विज्ञापन

अस्पताल के एक डॉक्टर ने भी नर्स का समर्थन किया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट की दुनिया के जासूसों ने सुझाव दिया है कि 34 वर्षीय लेटबी पुलिस विभाग की विफलता का शिकार हुई थीं। कई लोगों द्वारा उसे साजिश के तहत मामले में फंसाने का आरोप लगाया गया है। नीदरलैंड की लीडन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड गिल तो यहां तक ​​मानते हैं कि लेटबी निर्दोष है। सरे में जन्मे शिक्षाविद ने उनके निर्दोष होने के सबूत भी पेश किए हैं।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से डिग्री होल्डर 72 वर्षीय सांख्यिकीविद् रिचर्ड ने द सन से कहा कि शर्त लगा सकता हूं कि वह निर्दोष है। अगर वह यह लेख पढ़ती है तो उसके लिए संदेश है कि थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन उसे बाहर निकाल लेंगे, जबकि NHS कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट (एक डॉक्टरख, जो नवजात शिशुओं की देखभाल करने वाले एक्सपर्ट हैं) डॉ. स्विलीना दिमित्रोवा कहते हैं कि अदालत में पेश किए गए सबूत विश्वसनीय नहीं थे। वे वहां नहीं था, इसलिए वे यह नहीं कह सकते कि लेटबी निर्दोष था, लेकिन उन्हें अपराध का कोई सबूत भी नहीं दिखा।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें:फ्लाइट में पैसेंजर की मौत, इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई; वाराणसी से मुंबई जा रहा था विमान

लूसी लेटबी ने जूरी के सामने खुद को निर्दोष बताया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व कैबिनेट मंत्री और प्रसिद्ध नागरिक स्वतंत्रता अभियानकर्ता सर डेविड डेविस कहते हैं कि सबूतों पर सवाल उठ रहे हैं। वे मामले का विश्लेषण कर रहे हैं और अगर वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि संभावनाओं के आधार पर वह निर्दोष है तो वे लेटबी से जेल में जाकर मुलाकात करने का अनुरोध करेंगे। पूर्व ब्रेक्सिट सचिव ने द सन को बताया कि ज्यादातर लोगों की तरह, उन्होंने भी सोचा था कि इस महिला ने 7 बच्चों को मार डाला है और उसे हमेशा के लिए जेल जाना चाहिए।

विज्ञापन

पूर्व ब्रेक्सिट सचिव कहते हैं कि कई लोगों ने उनसे संपर्क करके मुकदमे के साक्ष्यों के बारे में बताते हुए सवाल उठाए। लेटबी भी अपनी बेगुनाही का दावा करती रहती है। अपने दूसरे मुकदमे के दौरान उसने जूरी के सामने कहा था कि वह ऐसी इंसान नहीं, जो बच्चों को मार डालेगी। फिर भी उसके ट्रायल जज ने कहा कि उसने क्रूरता की सीमा तक निर्दयता दिखाई, इसलिए उसे अपने हथेली में फिट होने लायक नवजातों का शिकार करने का दोषी ठहराया जाता है और उसे उम्रकैद देकर जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें:हिजाब पहने बिना कार चला रही मुस्लिम महिला को गोली मारी, इस देश की पुलिस ने ही अंजाम दी वारदात

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola