भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है. ‘INDIA’ गठबंधन के विरोध मार्च और उनसे मिलने की मांग पर सोमवार को सीजेआई सूर्यकांत का बयान आया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मुझे कल मीटिंग के अनुरोध के बारे में एक खत मिला था और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन वजहों के बारे में बताया गया है, जिनकी वजह से मैं मिल नहीं पाऊंगा.’
साथ ही उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. किसी भी आम नागरिक या चुने हुए निकाय के सदस्य की याचिका का स्वागत है. हर भारतीय नागरिक को कोर्ट जाने का अधिकार है और हम उनकी बात सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे.’
क्यों मिलना चाह रहे थे विपक्षी नेता?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था. वे उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे, जिसमें ‘वोट चोरी’ रोकने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, वोटर लिस्ट के SIR प्रोसेस को रोकने और दोबारा बैलेट पेपर से वोटिंग पर लौटने की मांग की गई थी.
CJI ने क्यों किया मना?
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता. उन्होंने कांग्रेस नेता से याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है. सीजेआई ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है.
साथ ही सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता.
बता दें, अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दल आज सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालेंगे. कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली – लोकतंत्र के लिए मार्च’ का नाम दिया और कहा कि वे दोपहर डेढ़ बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड चौराहे पर एकत्र होंगे.