ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए 7 शर्तें रखी थीं, जिन्हें अमेरिका ने खारिज किया था और बदले में कतर के जरिए ईरान के लिए एक प्रस्ताव भिजवाया था. लेकिन ईरान ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और ईरान के प्रस्ताव के बदले भेजे गए अमेरिका के जवाब को नकार दिया है. ईरान के नेशनल सिक्योरिटी चीफ और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिका के जवाब को खारिज करके इसे अनुचित बताया है. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए अमेरिका को उन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा, जिनका जिक्र ईरान ने अपने प्रस्ताव में किया है. जब तक अमेरिका शर्तों को नहीं मानेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को खोला नहीं जाएगा.
शर्तें मानने तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोली जाएगी
मोहसेन रेजाई ने कहा कि ईरान की कई मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं. ईरान ने खुद पहल करते हुए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखी थीं और स्पष्ट किया था कि जब तक यह शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को उनके लिए नहीं खोला जाएगा और न ही कोई बातचीत होगी. अपने जवाब में अमेरिका ने कुछ शर्तों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन कई अहम शर्तें अभी भी अस्पष्ट हैं. अमेरिका ने कतर के मध्यस्थों के जरिए जवाब भिजवाया है, लेकिन अमेरिका के जवाब से ईरान संतुष्ट नहीं है. ईरान के प्रस्ताव का मकसद आपसी विश्वास को फिर से कायम करना और दोनों देशों के बीच जून 2026 में हुए अंतरिम समझौते को अमल में लाने का रास्ता बनाना है, लेकिन अमेरिका जिद पर अड़ा है तो ईरान भी मजबूर है.
अंतरिम समझौते की शर्तें पूरी करने का आग्रह
मोहसेन रेजाई ने कहा कि जून 2026 में अंतरिम समझौता करके युद्धविराम किया गया था और भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट के साथ-साथ परमाणु समझौते के लिए वार्ता करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है. वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान उसकी शर्तों पर टेबल पर आए और समझौता करे, लेकिन ईरान दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है. अमेरिका पहले अंतरिम समझौते की शर्तों को पूरा करे, उसके बाद ही आगे की वार्ता संभव होगी. नहीं तो ईरान हर स्थिति के लिए तैयार है, अमेरिका के हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार है और अगर अमेरिका जंग को निर्णायक मोड़ देना चाहता तो ईरान इसके लिए भी तैयार है, लेकिन इन सबका खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना होगा.
ईरान ने परमाणु वार्ता करने से किया इनकार
ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने से भी इनकार कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका का जवाब उनके रुख को दर्शाता है और स्पष्ट करता है कि अमेरिका किसी हालत में ईरान की शर्तों को नहीं मानेगा. ईरान भी संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था को ईरान के परमाणु कार्यक्रमों का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देगा. परमाणु मुद्दा दोनों देशों के बीच संबंधों में एक बड़ी बाधा बना हुआ है. अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बैन लगाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन ईरान अपनी शर्तें पूरी होने पर ही अमेरिका के साथ परमाणु, शांति और व्यापार वार्ता करेगा और होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका के लिए खोलेगा.