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UAE ने ईरान से तोड़े सारे रिश्ते, ट्रेड-ट्रेडिंग और कमर्शियल एक्टिविटी पर लगाई रोक, जानें क्यों और किसे होगा नुकसान?

अमेरिका के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद के बीच UAE ने ईरान से सभी रिश्ते तोड़ लिए हैं. अगले आदेश तक सभी तरह के संबंध सस्पेंड कर दिए हैं. मामला ईरान पर लगे मिसाइल अटैक के आरोप हैं, जिन्हें ईरान ने बेबुनियाद आरोप बताकर खारिज किया है.

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मीडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान को बड़ा झटका दिया है. UAE ने ईरान के साथ अपने सभी रिश्ते तोड़ लिए हैं. ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, लेन-देन, आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. UAE के विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली ने आदेश जारी किया. उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, इसलिए ईरान के साथ रिश्ते तोड़ने का फैसला किया गया.

UAE का ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप

बता दें कि UAE ने ईरान से सभी संबंध इसलिए तोड़े, क्योंकि UAE ने ईरान पर 2 बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाया है, हालांकि ईरान ने आरोपों को बेबुनियादी बताकर खारिज कर दिया है, लेकिन UAE के रक्षा मंत्रालय कहा कहा है कि उनके डिफेंस सिस्टम ने ईरान की 2 बैलिस्टिक मिसाइलों को डिटेक्ट किया है. एक मिसाइल UAE के समुद्र में गिरी और दूसरी समुद्र से बाहर गिरी. दोनों मिसाइलों का टारगेट UAE के समुद्र में जहाजों की आवाजाही था, लेकिन दोनों निशाना चूक गईं. दोनों समुद्र में गिर गईं. ईरान की ओर से UAE के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.

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ईरान के साथ UAE के रिश्ता तोड़ने से क्या है नुकसान

अमेरिका और ईरान की जंग में सबसे ज्यादा हमले UAE ने ही झेले हैं. क्योंकि यहां अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस है. ईरान के हमलों की वजह से इस देश के टूरिज्म सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. जबकि UAE ने उस देशों की सूची में टॉप पर था, जो अमेरिका और ईरान में युद्धविराम चाहते थे. ईरान और अमेरिका के बीच जब MoU साइन हुआ था तो UAE उन देशों की सूची में टॉप पर था, जिन्होंने मिलकर ईरान में 300 बिलियन के इन्वेस्टमेंट पर सहमति जताई थी. लेकिन ईरान के साथ रिश्ते टूटने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान ईरान का ही होगा, क्योंकि अब वह दुश्मन बन गया है.

होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर

बता दें कि मिडिल ईस्ट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे अहम मुद्दा है. अमेरिका ने एक दावा करके इस तनाव को और भड़का दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI जनरेटेड फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की और होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र बताया. ट्रंप ने पोस्ट पर कैप्शन दिया NEW U.S. Territory. इस पोस्ट पर ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें भ्रमित करार दिया. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका जब तक किए गए वादों को पूरा नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का सवाल ही नहीं उठता.

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First published on: Aug 19, 2026 08:12 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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