US-Israel Iran War Update: मिडिल ईस्ट की जंग में अब तक का सबसे बड़ा हमला ईरान पर हुआ है। इजरायल ने ईरान के खोंदाब परमाणु केंद्र पर भीषण हमला किया है। परमाणु केंद्र में यूरेनियन प्रोसेसिंग यूनिट को टारगेट करके करीब 10 हमले किए गए। हमले के बाद धमाके से जहां पीले रंग की रोशनी निकली, वहीं काला धुंआ भी उठते देखा गया। हालांकि हमले में किसी तरह का जानी नुकसान या रेडिएशन का फैलाव नहीं हुआ, लेकिन IRGC ने चेतावनी जरूर जारी कर दी है।
جمعه ۷ فروردین ساعت ۱۷:۵۰
حمله به نیروگاه خنداب
تقریبا ده بار زد
از نیروگاه داره دود سیاه میاد
یه چیزی زد که داره میسوزه pic.twitter.com/SzdpXVNe9G---विज्ञापन---— مملکته (@mamlekate) March 27, 2026
IRGC का रेड अलर्ट और खाली कराया इलाका
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खोंदाब प्लांट पर इजरायल के हमले के बाद रेड अलर्ट जारी किया। वैज्ञानिकों और कर्मियों को खोंदाब प्लांट खाली करने का निर्देश दिया। अमेरिका और इजरायल की फैक्ट्रियों और कंपनियों को भी खाली करने का आग्रह किया गया। खोंदाब के आस-पास एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों से क्षेत्र खाली करने को कहा गया है। क्योंकि एक तो रिसाव होने का खतरा है, दूसरा IRGC इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगी।
जून 2025 के हमले के बाद से अराक प्लांट बंद
IRGC के एयरोस्पेस फोर्स कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने न्यूक्लियर प्लांट पर हमले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अराक में शाहिद खोंदाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स और यज्द प्रांत में अर्दकान येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट पर हमला हुआ है, जिसमें न तो कोई जान गई और न ही किसी तरह का रेडिऐशन फैला। जून 2025 में इजरायल के हमले के बाद से ही अराक प्लांट बंद पड़ा हुआ है। लेकिन इस बार इजरायल ने अराक के पास स्थित खोंदाब न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट करके 10 हमले किए हैं।
🎯 STRUCK: Arak Heavy Water Plant in Central Iran—A Key Plutonium Production Site for Nuclear Weapons
— Israel Defense Forces (@IDF) March 27, 2026
The IDF will not allow the Iranian regime to continue advancing its nuclear weapons program, which poses an existential threat to Israel and the entire world. pic.twitter.com/wdFQ03TQZr
खोंदाब से न्यूक्लियर रेडिएशन फैलने का खतरा
खोंदाब प्लांट को पहले अराक हेवी वाटर रिएक्टर (IR-40) के नाम से जानते थे, लेकिन साल 2017 में इसका नाम बदल दिया गया। यह इलेक्ट्रिसिटी पलांट नहीं, बल्कि एक रिसर्च रिएक्टर है, जो नेचुरल यूरेनियम पर चलते हैं और प्लूटोनियम का उत्पादन भी करते हैं। इसलिए यहां ये न्यूक्लियर रेडिएशन हो सकता है। इजरायल ने हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट पर हमला किया है, जो परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के महत्वपूर्ण प्लांट हैं। इन पर हमला मतलब न्यूक्लियर रेडिएशन का खतरा
हेवी-वॉटर प्लांट से परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति कम की जाती है। येलोकेक प्लांट में यूरेनियम की प्रोसेसिंग से निकला सबसे पहला यूरेनियम स्टोर होता है, जो पीले रंग का पाउडर होता है। इस पाउडर का उत्पादन परमाणु ईंधन बनाने की पहली स्टेज है। येलोकेक के यूरेनियम को प्रोसेस करके ही परमाणु बम बनाया जाता है। इसलिए यह प्लांट बेहद संवेदनशील है।










