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अमेरिका-इजराइल से जंग के बीच ईरान की नई रणनीति, कहा- खतरा पैदा होने से पहले करेंगे कार्रवाई

मोहसिन रेजाई के बयान से ईरान के बदले तेवरों का संकेत मिला है. तेहरान ने अपनी मिसाइल क्षमता मजबूत करने का दावा किया है, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका से तनाव भी बढ़ गया है.

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अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं. ईरान का कहना है कि वह किसी संभावित खतरे के सामने आने का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि खतरा पैदा होने से पहले ही उससे निपटने के लिए कार्रवाई करेगा. ईरान के सरकारी मीडिया ने सोमवार को देश की नई बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता की जानकारी देते हुए इसे रक्षा नीति में निर्णायक बदलाव बताया.

नई मिसाइल क्षमता का किया दावा

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई के बयानों का हवाला दिया. रेजाई ने सरकारी टेलीविजन पर कहा था कि ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता को मजबूत किया है और एक अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ इसका ‘परीक्षण’ भी किया गया है. हालांकि, यह साफ नहीं है कि रेजाई जिस मिसाइल के परीक्षण की बात कर रहे थे, वह वही ठोस ईंधन वाली ‘कासेम बसीर’ मिसाइल है, जिसका सरकारी रिपोर्ट में जिक्र किया गया.

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रिपोर्ट के मुताबिक, कासेम बसीर मिसाइल पहले की तुलना में ज्यादा सटीक और अधिक मारक क्षमता वाली है. इसमें करीब आधा टन वजन का वारहेड लगाया जा सकता है. इस मिसाइल को पिछले साल पेश किया गया था और उस समय इसकी मारक क्षमता कम से कम 1,200 किलोमीटर बताई गई थी.

अमेरिका ने भी ईरानी हमले का दावा किया

अमेरिका ने शनिवार को कहा था कि ईरान ने उसके युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया था. पिछले कुछ दिनों में ईरान के बयानों में भी पहले के मुकाबले ज्यादा आक्रामक रुख देखने को मिला है. ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इजराइल पहले से चिंता जताते रहे हैं. इसी मुद्दे को इस साल की शुरुआत में ईरान पर किए गए हमलों की वजहों में भी शामिल किया गया था.

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होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने

इस बीच अमेरिका ने ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर ‘प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र’ बनाने की योजना को खारिज कर दिया है.

ईरान के मोहसिन रेजाई ने कहा था कि इस क्षेत्र के जरिए उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी या उन्हें रोका जाएगा, जिनके बारे में ईरान को शक है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे हैं.

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व्हाइट हाउस ने इसके जवाब में कहा कि जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही जारी है और इस क्षेत्र का नियंत्रण अमेरिका के पास है. अमेरिका ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने जलडमरूमध्य को बारूदी सुरंगों से साफ कर दिया है. उसके मुताबिक, अब गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ सकती है. वहीं, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी है. इसका मकसद ईरान के तेल निर्यात को सीमित करना और उस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है.

First published on: Sep 08, 2026 04:50 PM

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