स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ परमाणु समझौता वार्ता करने से पहले ईरान ने एक फैसला लेकर पूरी दुनिया को चौंका दिया। दरअसल, ईरान ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ परमाणु समझौता वार्ता को 'मीनाब 168' नाम दिया है। अमेरिका से वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल उसी जहाज में पहुंचा, जिस पर 'मीनाब 168' लिखा था। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलने के लिए मैदान में उतरे ईरान के फुटबाल खिलाड़ियों की जर्सी पर 'मीनाब 168' लिखा मिला।
हमले में मारी गई बच्चियों के सम्मान में अभियान
पिछले 3 महीने से ईरान पूरी दुनिया को एक संदेश दे रहा है कि अमेरिका-इजरायल के दबाव में ईरान नहीं झुकेगा। ईरान पर हमले के पहले दिन 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायली के हमले में मारी गई 168 स्कूली बच्चियों के सम्मान में और इन्हें इंसाफ दिलाने के लिए 'मिनाब 168' अभियान चलाया गया है। IRGC के ठिकाने पर हमले की आड़ में मिसाइल गिराई गई थी, लेकिन मिसाइल गिराते समय यह नहीं देखा गया कि वहां एक स्कूल भी है। हमले में स्कूल में पढ़ रही बच्चियों की मौत हो गई।
फीफा वर्ल्ड कप में ऐसे नजर आया 'मिनाब 168'
ईरान चाहता है कि पूरी दुनिया ईरान पर अमेरिका और इजरायल के अत्याचारों की दास्तां सुने और देखे कि यह दोनों देश अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसलिए फीफा वर्ल्ड कप 2026 में लॉस एंजिल्स में ईरान और बेल्जियम के बीच हुए मैच के दौरान कई ईरानी प्रशंसकों ने मीनाब हमले में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि देने वाली तस्वीरें और जर्सी लहराईं। ईरान के खिलाड़ी भी 'मिनाब 168' स्टिकर वाली जर्सी पहने दिखे। एक समर्थक ने एक स्टिकर दिखाया जिस पर एक स्कूल बैग बना था और उस पर 168 लिखा था। हैशटैग #AngelsOfMinab भी था और संदेश था कि इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे गए मीनाब स्कूल के 168 बच्चों को याद रखें।
ईरान जिस भी देश में जाता मिनाब 168 होता साथ
बता दें कि भारत में अप्रैल महीने में हुए BRICS सम्मेलन में भी ईरान Minab 168 लिखे विमान में भारत आया था। इससे पहले अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए ईरान के प्रतिनिधि जब-जब पाकिस्तान गए, Minab 168 लिखे विमान में ही गए। विमान के अंदर का नजारा तो इसके नाम से ज्यादा चौंकाने वाला है। क्योंकि विमान के अंदर सीटों पर उन बच्चियों की फोटो लगी हैं और उनके खून से सने स्कूल बैग रखे हैं, जो हमले में मारी गई थीं। सीटों पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सफेद फूल भी रखे हैं।
अमेरिका से शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की यात्रा से पहले ईरानी संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने ईरान के मिजाज का संकेत देते हुए X पर तस्वीर शेयर की थी। इसमें मिनाब हमले में मारी गईं स्कूली बच्चियों के फोटो हवाई जहाज की सीटों पर चिपकी हुई थीं और वे उनके आमने खड़े उन्हें देख रहे थे। गालिबाफ ने तस्वीर के साथ लिखा था- इस फ्लाइट में मेरे सहयात्री।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ परमाणु समझौता वार्ता करने से पहले ईरान ने एक फैसला लेकर पूरी दुनिया को चौंका दिया। दरअसल, ईरान ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ परमाणु समझौता वार्ता को ‘मीनाब 168’ नाम दिया है। अमेरिका से वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल उसी जहाज में पहुंचा, जिस पर ‘मीनाब 168’ लिखा था। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलने के लिए मैदान में उतरे ईरान के फुटबाल खिलाड़ियों की जर्सी पर ‘मीनाब 168’ लिखा मिला।
हमले में मारी गई बच्चियों के सम्मान में अभियान
पिछले 3 महीने से ईरान पूरी दुनिया को एक संदेश दे रहा है कि अमेरिका-इजरायल के दबाव में ईरान नहीं झुकेगा। ईरान पर हमले के पहले दिन 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायली के हमले में मारी गई 168 स्कूली बच्चियों के सम्मान में और इन्हें इंसाफ दिलाने के लिए ‘मिनाब 168’ अभियान चलाया गया है। IRGC के ठिकाने पर हमले की आड़ में मिसाइल गिराई गई थी, लेकिन मिसाइल गिराते समय यह नहीं देखा गया कि वहां एक स्कूल भी है। हमले में स्कूल में पढ़ रही बच्चियों की मौत हो गई।
फीफा वर्ल्ड कप में ऐसे नजर आया ‘मिनाब 168’
ईरान चाहता है कि पूरी दुनिया ईरान पर अमेरिका और इजरायल के अत्याचारों की दास्तां सुने और देखे कि यह दोनों देश अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसलिए फीफा वर्ल्ड कप 2026 में लॉस एंजिल्स में ईरान और बेल्जियम के बीच हुए मैच के दौरान कई ईरानी प्रशंसकों ने मीनाब हमले में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि देने वाली तस्वीरें और जर्सी लहराईं। ईरान के खिलाड़ी भी ‘मिनाब 168’ स्टिकर वाली जर्सी पहने दिखे। एक समर्थक ने एक स्टिकर दिखाया जिस पर एक स्कूल बैग बना था और उस पर 168 लिखा था। हैशटैग #AngelsOfMinab भी था और संदेश था कि इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे गए मीनाब स्कूल के 168 बच्चों को याद रखें।
ईरान जिस भी देश में जाता मिनाब 168 होता साथ
बता दें कि भारत में अप्रैल महीने में हुए BRICS सम्मेलन में भी ईरान Minab 168 लिखे विमान में भारत आया था। इससे पहले अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए ईरान के प्रतिनिधि जब-जब पाकिस्तान गए, Minab 168 लिखे विमान में ही गए। विमान के अंदर का नजारा तो इसके नाम से ज्यादा चौंकाने वाला है। क्योंकि विमान के अंदर सीटों पर उन बच्चियों की फोटो लगी हैं और उनके खून से सने स्कूल बैग रखे हैं, जो हमले में मारी गई थीं। सीटों पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सफेद फूल भी रखे हैं।
अमेरिका से शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की यात्रा से पहले ईरानी संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने ईरान के मिजाज का संकेत देते हुए X पर तस्वीर शेयर की थी। इसमें मिनाब हमले में मारी गईं स्कूली बच्चियों के फोटो हवाई जहाज की सीटों पर चिपकी हुई थीं और वे उनके आमने खड़े उन्हें देख रहे थे। गालिबाफ ने तस्वीर के साथ लिखा था- इस फ्लाइट में मेरे सहयात्री।