कैंसिल होंगी फ्लाइट्स… महंगा होगा हवाई सफर? एयरलाइनों ने केंद्र से कहा- 'या तो मदद करिए, वरना…'

इस महासंकट की सीधी जड़ होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार की लाइफलाइन है. यहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है. ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है, जिससे सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देशों से आने वाला तेल रुक गया है.

Airport

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान जंग की आग अब भारतीय विमान कंपनियों तक पहुंच गई है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने भारतीय एयरलाइंस की कमर तोड़ दी है. हालत यह है कि एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी कंपनियों ने केंद्र सरकार को ‘SOS’ संदेश भेजकर गुहार लगाई है कि अगर तुरंत मदद नहीं मिली, तो वे अपना ऑपरेशन बंद करने की कगार पर पहुंच जाएंगी.

विज्ञापन

ईंधन की कीमतों ने बिगाड़ा बजट

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे एक पत्र में चेतावनी दी है कि विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में ‘अतार्किक वृद्धि’ की वजह से एयरलाइंस को ऐसा घाटा हो रहा है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं है. बता दें, किसी भी एयरलाइन को चलाने के लिए कुल खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ ईंधन पर खर्च होता है.

विज्ञापन

इंटरनेशनल रूट पर 73 रुपये की भारी बढ़ोतरी

एयरलाइंस का कहना है कि सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए तो एटीएफ की बढ़त को 15 रुपये प्रति लीटर पर सीमित रखा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इसमें 73 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि कर दी गई है. इसके अलावा, रुपये की गिरती कीमत और 11% एक्साइज ड्यूटी ने आग में घी का काम किया है.

विज्ञापन

क्यों पैदा हुआ यह संकट?

इस महासंकट की सीधी जड़ होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार की लाइफलाइन है. यहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है. ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है, जिससे सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देशों से आने वाला तेल रुक गया है. सप्लाई रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं.

विज्ञापन

यात्रियों पर क्या होगा असर?

FIA ने साफ कहा है कि अगर कीमतें कम नहीं हुईं, तो एयरलाइंस को अपने विमान खड़े करने पड़ेंगे. इसका सीधा मतलब है- बड़ी संख्या में उड़ानों का रद्द होना और हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल. लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिन बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं.

विज्ञापन

सरकार से क्या है मांग?

एयरलाइंस ने सरकार से तत्काल वित्तीय मदद की मांग की है. साथ ही, उन्होंने ‘क्रैक बैंड’ मैकेनिज्म को फिर से लागू करने और उत्पाद शुल्क में अस्थायी छूट देने की अपील की है ताकि विमानन क्षेत्र को डूबने से बचाया जा सके. ‘क्रैक बैंड’ का मतलब ATF प्राइसिंग का एक तरीका है जो कच्चे तेल और ATF की कीमत के बीच बहुत ज्यादा अंतर को रोकता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ