अमेरिका और ईरान के बीच आज डील साइन हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह ऐलान किया है, जबकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है, बल्कि वह डील साइन होने में अभी कुछ दिन और लगने की बात कह रहा है। वही इस मामले में पाकिस्तान का कुछ और ही कहना है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान में समझौते पर सहमति तो बन गई है, लेकिन ईरान का कहना है कि वह पहले अंतरिम समझौता करेगा और परमाणु समझौता दूसरे फेज में करेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पोस्ट लिखी
ट्रंप ने बीते दिन अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखी कि अमेरिका और ईरान की डील 14 जून दिन रविवार को साइन होगी। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही युद्ध खत्म हो जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट को भी पूरी दुनिया के लिए खोल दिया जाएगा। जबकि ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि समझौते पर सहमति बन गई है, लेकिन साइन करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। वहीं पाकिस्तान कहता है कि दोनों पक्ष शांति समझौते पर सहमत हैं और इस पर रविवार को ई-हस्ताक्षर होंगे।
पैसा नहीं देने और यूरेनियम नष्ट करने का दावा
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि समझौते के तहत अमेरिका एक भी पैसा ईरान को नहीं देगा। हालात सामान्य हो जाने पर ईरान के संवर्धित यूरेनियम को नष्ट किया जाएगा। भविष्य में ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट के साथ अमेरिका अच्छे संबंध बनाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका के पास विकल्प है, जिसका इस्तेमाल करके वह ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। अमेरिका की ओबामा सरकार ने ईरान को 1.7 अरब डॉलर कैश भी था, जिससे ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम चलाया।
ओबामा सरकार पर ईरान को लेकर लगाए आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ओबामा के राज में ईरान के साथ हुआ समझौता JCPOA परमाणु हथियारों के लिहाज से आसान था। लेकिन इसे समय रहते तोड़ दिया गया, नहीं तो ईरान 6 साल पहले ही परमाणु हथियार बना चुा होता और उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। अब ईरान के साथ हो रहा समझौता बिल्कुल उलटा है। जिसमें ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाने की मनाही होगी। ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेगा। न किसी से खरीदकर, न खुद बनाकर और न ही किसी अन्य तरीके से।
यूरेनियम को ईरान से निकालकर लाने का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ समझौता होने के बाद उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया जाएगा। परमाणु पदार्थ यूरेनियम को चरणों में निपटाया जाएगा। माहौल शांत होने पर अमेरिकी सेना ईरान जाएगी। संवर्धित यूरेनियम को निकालकर बाहर लाएगी। यूरेनियम ग्रेनाइट की पहाड़ियों के नीचे दबा है। B-2 बॉम्बर्स की मदद से यूरेनियम डाउनब्लेंड करके नष्ट कर दिया जाएगा। यह ईरान में होगा या अमेरिका में, इस पर फैसला मौके पर ही लिया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच आज डील साइन हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह ऐलान किया है, जबकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है, बल्कि वह डील साइन होने में अभी कुछ दिन और लगने की बात कह रहा है। वही इस मामले में पाकिस्तान का कुछ और ही कहना है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान में समझौते पर सहमति तो बन गई है, लेकिन ईरान का कहना है कि वह पहले अंतरिम समझौता करेगा और परमाणु समझौता दूसरे फेज में करेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पोस्ट लिखी
ट्रंप ने बीते दिन अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखी कि अमेरिका और ईरान की डील 14 जून दिन रविवार को साइन होगी। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही युद्ध खत्म हो जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट को भी पूरी दुनिया के लिए खोल दिया जाएगा। जबकि ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि समझौते पर सहमति बन गई है, लेकिन साइन करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। वहीं पाकिस्तान कहता है कि दोनों पक्ष शांति समझौते पर सहमत हैं और इस पर रविवार को ई-हस्ताक्षर होंगे।
पैसा नहीं देने और यूरेनियम नष्ट करने का दावा
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि समझौते के तहत अमेरिका एक भी पैसा ईरान को नहीं देगा। हालात सामान्य हो जाने पर ईरान के संवर्धित यूरेनियम को नष्ट किया जाएगा। भविष्य में ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट के साथ अमेरिका अच्छे संबंध बनाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका के पास विकल्प है, जिसका इस्तेमाल करके वह ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। अमेरिका की ओबामा सरकार ने ईरान को 1.7 अरब डॉलर कैश भी था, जिससे ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम चलाया।
ओबामा सरकार पर ईरान को लेकर लगाए आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ओबामा के राज में ईरान के साथ हुआ समझौता JCPOA परमाणु हथियारों के लिहाज से आसान था। लेकिन इसे समय रहते तोड़ दिया गया, नहीं तो ईरान 6 साल पहले ही परमाणु हथियार बना चुा होता और उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। अब ईरान के साथ हो रहा समझौता बिल्कुल उलटा है। जिसमें ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाने की मनाही होगी। ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेगा। न किसी से खरीदकर, न खुद बनाकर और न ही किसी अन्य तरीके से।
यूरेनियम को ईरान से निकालकर लाने का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ समझौता होने के बाद उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया जाएगा। परमाणु पदार्थ यूरेनियम को चरणों में निपटाया जाएगा। माहौल शांत होने पर अमेरिकी सेना ईरान जाएगी। संवर्धित यूरेनियम को निकालकर बाहर लाएगी। यूरेनियम ग्रेनाइट की पहाड़ियों के नीचे दबा है। B-2 बॉम्बर्स की मदद से यूरेनियम डाउनब्लेंड करके नष्ट कर दिया जाएगा। यह ईरान में होगा या अमेरिका में, इस पर फैसला मौके पर ही लिया जाएगा।