‘समझौता करो या सरेंडर’, ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी वार्निंग, वार्ता से इनकार पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उसके सामने समझौता करने या पूरी तरह झुकने का विकल्प है. ट्रंप ने तेहरान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता से साफ इनकार कर दिया है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 4, 2026 09:22
Share :
---विज्ञापन---
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. ट्रंप ने तेहरान को टारगेट करते हुए कहा कि उसके सामने केवल दो विकल्प हैं- या तो समझौता करे या फिर पूरी तरह झुक जाए. उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से बातचीत से इनकार किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर समझौते की संभावनाओं पर अलग संकेत दिए जा रहे हैं.
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि यदि ईरान जल्द कोई फैसला नहीं लेता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता चाहता है, लेकिन इसके लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाना होगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि कूटनीतिक समाधान का रास्ता अब भी खुला है, लेकिन इसके लिए तेहरान को ठोस कदम उठाने होंगे.
---विज्ञापन---
ईरान ने खुद बातचीत की पहल की थी- ट्रंप
इस दौरान उन्होंने ईरान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर तेहरान सार्वजनिक तौर पर अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार करता है, जबकि दूसरी ओर पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशें करता है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने खुद बातचीत की पहल की थी.
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ईरान चाहे इसे स्वीकार करे या नहीं, लेकिन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान तलाशने के लिए बातचीत जारी है. उनके अनुसार, यह समस्या कई दशकों से बनी हुई है और इसकी जड़ में ईरान की नीतियां हैं.
---विज्ञापन---
ईरान के हाथ में नहीं है कोई नियंत्रण- ट्रंप
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के दावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका की नौसेना की मजबूत मौजूदगी है और वहां किसी तरह का नियंत्रण ईरान के हाथ में नहीं है. ट्रंप का दावा था कि इस क्षेत्र से गुजरने वाली गतिविधियों पर अमेरिका की कड़ी नजर है.
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता या पूरी तरह झुकने का फैसला नहीं करता, तब तक अमेरिका अपनी रणनीति में कोई ढील नहीं देगा. ट्रंप के मुताबिक, ईरान तक क्या पहुंचेगा और क्या नहीं, इसका फैसला भी अमेरिका की नीति के अनुसार होगा.
---विज्ञापन---
गौरतलब है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही उन्होंने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की अपनी पूर्व चेतावनी को वापस लेने की घोषणा की थी. ऐसे में उनके ताजा बयान को अमेरिका की ईरान नीति पर बढ़ते दबाव और सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है.
हालांकि, ईरान ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष वार्ता नहीं चल रही है. उनके अनुसार, मौजूदा समय में केवल ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री मार्ग को लेकर बातचीत हो रही है और इसे अमेरिका-ईरान वार्ता के रूप में पेश करना गलत है.