आंखों से अचानक दिखने लगा है धुंधला? चश्मे का नंबर नहीं, डायबिटीज का यह पहला साइलेंट सिग्नल
कभी-कभी अचानक चीजें धुंधली नजर आने लगती हैं तो लोग इसे चश्मे का नंबर बढ़ना समझकर टाल देते हैं. लेकिन आंखों से जुड़ी यह परेशानी कई दूसरी वजहों के साथ ब्लड शुगर बढ़ने से भी हो सकती है.
बढ़ा हुआ शुगर लेवल कैसे आंखों पर असर डालता है? (Image: AI/Pexels)
खबर की मुख्य बातें:
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लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से आंखों की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे डायबिटिक आई डिजीज का खतरा बढ़ता है.
डायबिटीज से डायबिटिक रेटिनोपैथी, मैक्यूलर एडिमा, ग्लूकोमा और मोतियाबिंद जैसी आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
एनआईएच के अनुसार, शुरुआत में आंखों को नुकसान होने के बावजूद कई लोगों को कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते हैं.
डायबिटीज वाले व्यक्तियों को आंखों की सुरक्षा के लिए साल में कम से कम एक बार आंखों की पूरी जांच करानी चाहिए.
कभी-कभी अचानक चीजें धुंधली नजर आने लगती हैं तो लोग इसे चश्मे का नंबर बढ़ना समझकर टाल देते हैं. लेकिन आंखों से जुड़ी यह परेशानी कई दूसरी वजहों के कारण भी परेशान कर सकती है, जिसमें एक बड़ा कारण ब्लड शुगर का बढ़ा रहना भी शामिल है. अगर आपको भी बीते कई वक्त से देखने में परेशानी हो रही है, या फिर आपको बार-बार चीजें धुंधली दिख रही है, तो हो सकता है कि आप डायबिटीज की गंभीर बीमारी के शिकार हो गए हैं. इस बीमारी को नजरअंदाज करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है, जो न सिर्फ आपकी आंख बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर असर डाल सकता है. आइए समझते हैं आंखों की इस समस्या का क्या है डायबिटीज से कनेक्शन.
NIH के अनुसार, लंबे समय तक ज्यादा ब्लड शुगर रहने से आंखों की छोटी खून वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है. इससे डायबिटिक आई डिजीज (Diabetic Eye Disease) का खतरा बढ़ता है. खास बात यह है कि शुरुआत में आंखों को नुकसान होने के बावजूद कई लोगों को कोई साफ लक्षण महसूस नहीं होता, जिस कारण लोग इस समस्या के साथ लंबे समय तक जीते रहते हैं, लेकिन अचानक नजर में बदलाव को हल्के में लेना ठीक नहीं है. आपको बता दें कि डायबिटीज की बीमारी उन गंभीर बीमारियों में से एक है, जिसका अभी तक कोई पक्का इलाज नहीं बन सका है, इसे कंट्रोल में रही रखा जा सकता है, वरना मरीज तरह-तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है, जिसमें किडनी, दिल से जुड़ी समस्या आम है.
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हाई शुगर आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
NIDDK के मुताबिक, जब ब्लड ग्लूकोज लंबे समय तक ज्यादा रहता है तो आंख के पीछे मौजूद छोटी खून की वाहिकाएं कमजोर और डैमेज हो सकती हैं. इन वाहिकाओं से लिक्विड लीक होने या सूजन की समस्या हो सकती है. कुछ मामलों में नई और कमजोर खून वाहिकाएं भी बनने लगती हैं, जो आंख के अंदर खून बहने, निशान बनने या आंख के दबाव को बढ़ाने जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं. डायबिटीज से डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) के अलावा मैक्यूलर एडिमा (Diabetic macular edema), ग्लूकोमा (Glaucoma) और मोतियाबिंद (Cataracts) जैसी आंखों की बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.
सिर्फ धुंधला दिखना लक्षण नहीं
डायबिटिक आई डिजीज में हर व्यक्ति को एक जैसे लक्षण नहीं होते. NIDDK के अनुसार, जब लक्षण दिखाई देते हैं तो धुंधला या टेढ़ा-मेढ़ा दिखना, नजर का बार-बार बदलना, आंखों के सामने काले धब्बे या धागे जैसे तैरते हुए निशान, रोशनी की चमक और कुछ हिस्सों में कम दिखाई देना शामिल हो सकता है. इसी वजह से सिर्फ लक्षणों के आधार पर आंखों की सेहत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है.
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डायबिटीज में आंखों की जांच बहुत जरूरी
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है तो ब्लड शुगर के साथ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल रखना आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी है. NIDDK के अनुसार, डायबिटीज से जुड़ी आंखों की परेशानी का पता लगाने के लिए साल में कम से कम एक बार आंखों की पूरी जांच कराना चाहिए. अगर अचानक नजर धुंधली होने लगे, बहुत ज्यादा फ्लोटर्स दिखें, रोशनी की चमक दिखाई दे या आंखों से जुड़ी कोई समस्या महसूस होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके अलावा हेल्दी डाइट, फिजिकली एक्टिव रहना भी जरूरी है, ताकि शुगर लेवल कंट्रोल में रहे.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.