Donald Trump Big Decision: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत दुनिया के कई देशों को बड़ा झटका दिया है. उन्होंने अमेरिका फर्स्ट की पॉलिसी को आगे बढ़ाते हुए 2 बड़े फैसले किए हैं. एक उन्होंने अमेरिका को उन 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग कर लिया है, जिनसे अमेरिका को कोई फायदा नहीं हो रहा था. दूसरा उन्होंने, अमेरिका का मिलिट्री बजट 1 ट्रिलियन डॉलर से 1.5 ट्रिलियन डॉलर कर दिया है, ताकि वे मनचाही सेना बना सकें.
66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग हुआ अमेरिका
व्हाइट हाउस की ओर से ट्वीट करके राष्ट्रपति ट्रंप के दोनों फैसलों की जानकारी दी गई है. व्हाइट हाउस ने बताया कि बीते दिन एक ज्ञापन पर राष्ट्रपति ट्रंप ने हस्ताक्षर किए, जिसके बाद अमेरिका उन 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग हो गया है, जो अब अमेरिका के हितों की पूर्ति नहीं करते हैं. इनमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठन और 31 संयुक्त राष्ट्र संस्थाएं शामिल हैं. इनमें भारत के नेतृत्व वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) भी शामिल है.
अमेरिका के लिए ये फैसले ले चुके हैं डोनाल्ड ट्रंप
बता दें कि जब से राष्ट्रपति ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ है, तब से उन्होंने अमेरिका के लिए कई फैसले किए हैं, जैसे संयुक्त राष्ट्र को अमेरिका के द्वारा दिए जाने वाले अनुदान में कटौती कर दी. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNSC) के साथ अमेरिका की भागीदारी पर रोक लगाई. फिलिस्तीनी राहत एजेंसी (UNRWA) को फंडिंग पर लगी रोक को बढ़ा दिया. संयुक्त राष्ट्र की कलचरल एजेंसी यूनेस्को से बाहर निकलने की कोशिश की. उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और पेरिस जलवायु समझौते से भी बाहर निकलने की योजना की घोषणा की है.
यह भी पढ़ें: वेनेजुएला के तेल पर ट्रंप का कब्जा, अमेरिकी खातों में जाएगी 100 प्रतिशत इनकम, बताया- कहां खर्च करेगी सरकार
ट्रंप के संगठनों से अलग होने के फैसले का असर
राष्ट्रपति ट्रंप के 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग होने के बाद संगठनों को अमेरिका से मिलने वाला फंड और सपोर्ट अब नहीं मिलेगा. जिन संगठनों से अमेरिका ने खुद को अलग किया है, वे जलवायु, मानवाधिकार, महिला मुद्दों जैसे विषय से जुड़े हैं. इंटरनेशनल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC), UNESCO, UNHRC, UNFPA (population fund), UNRWA (agency for palestine) से भी अमेरिका बाहर आ गया है. पार्टनरशिप फॉर अटलांटिक को-ऑपरेशन, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म जैसे संगठनों से भी अमेरिका अगल हो गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का मिलिट्री बजट भी बढ़ाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को देशवासियों को बताया कि सीनेटरों, कांग्रेस सदस्यों, सचिवों और राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ लंबी बातचीत के बाद साल 2027 के सैन्य बजट को मौजूदा 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर किया जा रहा है. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट से यह घोषणा की और कहा कि बजट बढ़ने से अमेरिका की ड्रीम मिलिट्री को तैयार करने का मौका मिलेगा. अमेरिका ऐसी सेना तैयार करेगा, जिसका कोई मुकाबला नहीं कर पाएगा और इससे अमेरिका की और ज्यादा सुरक्षा होगी.
Donald Trump Big Decision: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत दुनिया के कई देशों को बड़ा झटका दिया है. उन्होंने अमेरिका फर्स्ट की पॉलिसी को आगे बढ़ाते हुए 2 बड़े फैसले किए हैं. एक उन्होंने अमेरिका को उन 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग कर लिया है, जिनसे अमेरिका को कोई फायदा नहीं हो रहा था. दूसरा उन्होंने, अमेरिका का मिलिट्री बजट 1 ट्रिलियन डॉलर से 1.5 ट्रिलियन डॉलर कर दिया है, ताकि वे मनचाही सेना बना सकें.
66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग हुआ अमेरिका
व्हाइट हाउस की ओर से ट्वीट करके राष्ट्रपति ट्रंप के दोनों फैसलों की जानकारी दी गई है. व्हाइट हाउस ने बताया कि बीते दिन एक ज्ञापन पर राष्ट्रपति ट्रंप ने हस्ताक्षर किए, जिसके बाद अमेरिका उन 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग हो गया है, जो अब अमेरिका के हितों की पूर्ति नहीं करते हैं. इनमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठन और 31 संयुक्त राष्ट्र संस्थाएं शामिल हैं. इनमें भारत के नेतृत्व वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) भी शामिल है.
अमेरिका के लिए ये फैसले ले चुके हैं डोनाल्ड ट्रंप
बता दें कि जब से राष्ट्रपति ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ है, तब से उन्होंने अमेरिका के लिए कई फैसले किए हैं, जैसे संयुक्त राष्ट्र को अमेरिका के द्वारा दिए जाने वाले अनुदान में कटौती कर दी. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNSC) के साथ अमेरिका की भागीदारी पर रोक लगाई. फिलिस्तीनी राहत एजेंसी (UNRWA) को फंडिंग पर लगी रोक को बढ़ा दिया. संयुक्त राष्ट्र की कलचरल एजेंसी यूनेस्को से बाहर निकलने की कोशिश की. उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और पेरिस जलवायु समझौते से भी बाहर निकलने की योजना की घोषणा की है.
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ट्रंप के संगठनों से अलग होने के फैसले का असर
राष्ट्रपति ट्रंप के 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग होने के बाद संगठनों को अमेरिका से मिलने वाला फंड और सपोर्ट अब नहीं मिलेगा. जिन संगठनों से अमेरिका ने खुद को अलग किया है, वे जलवायु, मानवाधिकार, महिला मुद्दों जैसे विषय से जुड़े हैं. इंटरनेशनल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC), UNESCO, UNHRC, UNFPA (population fund), UNRWA (agency for palestine) से भी अमेरिका बाहर आ गया है. पार्टनरशिप फॉर अटलांटिक को-ऑपरेशन, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म जैसे संगठनों से भी अमेरिका अगल हो गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का मिलिट्री बजट भी बढ़ाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को देशवासियों को बताया कि सीनेटरों, कांग्रेस सदस्यों, सचिवों और राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ लंबी बातचीत के बाद साल 2027 के सैन्य बजट को मौजूदा 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर किया जा रहा है. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट से यह घोषणा की और कहा कि बजट बढ़ने से अमेरिका की ड्रीम मिलिट्री को तैयार करने का मौका मिलेगा. अमेरिका ऐसी सेना तैयार करेगा, जिसका कोई मुकाबला नहीं कर पाएगा और इससे अमेरिका की और ज्यादा सुरक्षा होगी.