Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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चीन ने जून-जुलाई की भीषण गर्मी से निपटने के लिए एक ऐसा अनोखा और ‘हाई-टेक’ तरीका खोज निकाला है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं, जिनमें चीन की ऊंची-ऊंची इमारतों की छतों से कोहरे की तरह पानी बरसता दिख रहा है. यह कोई कुदरती बारिश या विजुअल इफेक्ट नहीं है, बल्कि चीन के उत्तरी शांक्सी प्रांत के युनचेंग शहर में आजमाया गया एक खास रूफटॉप मिस्टिंग सिस्टम है.
इमारतों से पानी बरसाने का यह तरीका पूरी तरह से विज्ञान के एक जाने-माने नियम ‘इवेपोरेटिव कूलिंग’ पर काम करता है. यह बिल्कुल वैसे ही है, जैसे हमारे शरीर से निकलने वाला पसीना हवा के संपर्क में आकर सूखता है और हमें ठंडक का अहसास कराता है. इमारतों की छतों पर बेहद बारीक छेद वाले हाई-प्रेशर नोजल लगाए जाते हैं, जो पानी को बेहद महीन बूंदों के रूप में हवा में स्प्रे करते हैं. जैसे ही ये बारीक बूंदें गर्म हवा के संपर्क में आती हैं, वे तुरंत भाप बनकर उड़ने लगती हैं. इस प्रक्रिया में वे आसपास की गर्मी को सोख लेती हैं.
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प्रचंड गर्मी से राहत के लिए सेंट्रल चीन के #Shanxi में मिस्ट कूलिंग सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है।
— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) July 1, 2026
इससे तामपान 5 से 8 डिग्री कम हो जाता है। pic.twitter.com/jkacrlqmQt
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब बाहर का तापमान 38°C के आसपास होता है, तो यह सिस्टम महज कुछ ही मिनटों में वहां के तापमान को 5°C से 8°C तक कम कर देता है. पानी की बूंदें इतनी बारीक होती हैं कि वे जमीन पर गिरने से पहले ही हवा में उड़ जाती हैं. यानी नीचे चल रहे लोग या सड़कें बिना भीगे ही ठंडी हवा का मजा ले सकते हैं.
🚨🇪🇺🇨🇳 Thousands die in Europe's heatwaves while brainless leaders BAN A/C when it's 40°C.
— Global Dissident (@GlobalDiss) July 1, 2026
This mist cooling system cuts temperatures by 5 to 8°C.
European politicians do EVERYTHING against their own people. pic.twitter.com/D9eEkuVHBA
पारंपरिक एयर कंडीशनर जहां भारी मात्रा में बिजली खाते हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं यह मिस्टिंग सिस्टम बेहद किफायती है. इसमें सिर्फ पानी, पंप और नोजल की जरूरत होती है, जिससे बिजली की खपत न के बराबर होती है. चीन के कई शहरों में इसका इस्तेमाल पहले से ही पार्कों, बस स्टॉप और सार्वजनिक चौराहों पर किया जा रहा है.
China is developing simple, practical solutions for everyday problems. 🇨🇳
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) July 1, 2026
A fine mist cools the roof in seconds, lowering the surface temperature from 32.6°C (90.7°F) to 31°C (87.8°F). By reducing heat entering the building, it helps keep indoor spaces cooler. pic.twitter.com/xCnEth4aSM
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क्लाइमेट चेंज की वजह से चीन में हीटवेव का खतरा लगातार बढ़ रहा है. इसके अलावा, शहरों में ‘अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट’ की वजह से तापमान गांवों के मुकाबले बहुत ज्यादा हो जाता है. ऐसे में घनी आबादी वाले अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों के लिए यह सिस्टम किसी वरदान से कम नहीं है.
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