---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

BBC पर बैन, मास किलिंग की खबरें चलाने पर ‘बुर्किना फासो’ की बड़ी कार्रवाई

Burkina faso: बुर्किना फासो के एक गांव में सेना ने 223 लोगों की जान ली थी। सभी पर आतंकी गुटों की मदद करने का आरोप था। इस मामले में बीबीसी, वॉयस ऑफ अमेरिका समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने खबरें चलाई थीं।

---विज्ञापन---

Burkina faso suspends BBC: मास किलिंग (सामूहिक हिंसा) की खबरें चलाने पर बुर्किना फासो ने बीबीसी और वॉयस ऑफ अमेरिका दो राष्ट्रीय रेडियो स्टेशनों पर अपने देश में बैन लगा दिया है। दोनों पर ये बैन दो हफ्ते के लिए लगाया गया है। बुर्किना फासो के प्रवक्ता टोंसिरा मायरियन कोरिन सानो ने कहा कि दोनों रेडियो स्टेशन पर लोगों को उकसाने वाली खबरें चलाने के चलते बैन लगाया गया है। आगे उन्होंने कहा कि अन्य सभी मीडिया संस्थानों से आग्रह है कि वे ऐसी किसी खबरों को न चलाएं जिससे देश में किसी तरह कानून व्यवस्था बिगड़े या दो पक्षों में हिंसा होने का खतरा हो।

---विज्ञापन---

223 लोगों की ली थी जान

दरअसल, बीबीसी और वॉयस ऑफ अमेरिका ने देश की सेना द्वारा आम जनता के कत्लेआम पर एक ह्यूमन राइट्स आधारित स्टोरी चलाई थी। स्टोरी में यह आरोप लगाए गए थे कि देश की सुरक्षा बलों ने एक गांव के 223 लोगों की इसलिए जान ले ली कि उन पर आतंवादियों की मदद करने का आरोप था। बताया गया था कि मरने वालों में 56 बच्चे शामिल थे। इस स्टोरी पर  सरकार ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों मीडिया संस्थानों पर कार्रवाई की गई।

---विज्ञापन---

20 लाख से अधिक लोग विस्थापित

बता दें बुर्किना फासो पिछले काफी समय से हिंसाग्रस्त है। यहां अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं। इन आतंकी गुटों को देश की सरकार विरोधी समूहों का पूरा समर्थन है। इनके बीच यहां की आम जनता सुरक्षा बलों का शिकार बन रही है। जिसके चलते अभी तक 20 लाख से अधिक लोग देश से विस्थापित हो चुके हैं, इनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।

ये भी पढ़ें: अमेरिका में CEO बनना है तो भारतीय होना पहली शर्त, ऐसा क्यों बोले अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी?

First published on: Apr 27, 2024 04:41 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola